सचिवालय से हटे IAS चक्रवर्ती एम, जानिए क्यों हुआ फेरबदल; विदेश यात्रा से लौटते ही CM मोहन यादव ने बदले अफसर
MP News IAS: मध्य प्रदेश की नौकरशाही में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की स्पेन और दुबई यात्रा से लौटने के कुछ घंटों बाद ही उनके सचिव IAS सिबी चक्रवर्ती एम. को सीएम सचिवालय से हटा दिया गया।
यह बदलाव अचानक और महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि चक्रवर्ती मुख्यमंत्री के करीबी अफसरों में गिने जा रहे थे और महज 6 महीने पहले ही उन्हें इस पद पर लाया गया था।

सिबी चक्रवर्ती अब एमडी भवन विकास निगम
राज्य शासन द्वारा मंगलवार देर रात जारी आदेश में सिबी चक्रवर्ती एम. को मध्यप्रदेश भवन विकास निगम का प्रबंध संचालक (MD) नियुक्त किया गया है। यह जिम्मेदारी उनके पास पहले अतिरिक्त प्रभार के रूप में थी, लेकिन अब वे फुल टाइम एमडी होंगे।
उनकी जगह फिलहाल सीएम सचिवालय में किसी नए सचिव की नियुक्ति नहीं हुई है। सचिवालय में पहले से ही IAS इलैया राजा टी सचिव के रूप में कार्यरत हैं, वहीं आलोक कुमार सिंह अपर सचिव के रूप में पहले से तैनात हैं।
क्यों किया गया तबादला?
यह तबादला CM मोहन यादव की विदेश यात्रा से जुड़ा हुआ माना जा रहा है। जब जनवरी में मुख्यमंत्री जापान दौरे पर गए थे, उसी समय सिबी चक्रवर्ती को CM सचिव बनाया गया था। अब जब वे स्पेन और दुबई के दौरे से लौटे हैं, तो चक्रवर्ती को हटा दिया गया।
इस बदलाव को मुख्यमंत्री कार्यालय में ऊपरी स्तर पर चल रहे "री-ऑर्गनाइजेशन" के रूप में देखा जा रहा है, खासकर तब जब हाल ही में IAS नीरज मंडलोई को मुख्यमंत्री का अपर मुख्य सचिव (ACS) बनाया गया है।
क्यों हुआ यह फेरबदल?
- मुख्यमंत्री की विदेश यात्रा और री-ऑर्गनाइजेशन: मुख्यमंत्री मोहन यादव की हालिया स्पेन और दुबई यात्रा के बाद यह फेरबदल हुआ है। सूत्रों के अनुसार, यह यात्रा निवेश और बुनियादी ढांचे के विकास पर केंद्रित थी, जिसके चलते भवन विकास मंडल जैसे विभागों में नेतृत्व को मजबूत करने की जरूरत महसूस की गई। चक्रवर्ती को भवन विकास मंडल का पूर्णकालिक एमडी बनाना इसी दिशा में एक कदम हो सकता है।
- नीरज मंडलोई की नियुक्ति: हाल ही में 1993 बैच के IAS नीरज मंडलोई को मुख्यमंत्री सचिवालय का अपर मुख्य सचिव (ACS) नियुक्त किया गया, जो पहले राजेश रजौरा के पास था। मंडलोई को ऊर्जा और लोक सेवा प्रबंधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। उनकी नियुक्ति को सचिवालय में शक्ति संतुलन और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। चक्रवर्ती का तबादला इस री-ऑर्गनाइजेशन का हिस्सा माना जा रहा है।
- वर्किंग स्टाइल में असंतोष: अंदरखाने की चर्चा है कि मुख्यमंत्री सचिवालय में कार्यशैली और तालमेल को लेकर कुछ असंतोष था। सूत्रों का कहना है कि चक्रवर्ती की सख्त और स्वतंत्र कार्यशैली कुछ अधिकारियों और नेताओं के साथ तालमेल में कमी का कारण बनी। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
- निवेश और बुनियादी ढांचे पर फोकस: मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार का जोर वैश्विक निवेश और बुनियादी ढांचे के विकास पर है। चक्रवर्ती को भवन विकास मंडल का पूर्णकालिक एमडी बनाकर सरकार ने इस क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता का उपयोग करने की रणनीति अपनाई हो सकती है।
6 महीने में बदल गया पूरा समीकरण
- 27 जनवरी 2025: सिबी चक्रवर्ती एम. को मुख्यमंत्री का सचिव बनाया गया।
- उसी दिन मुख्यमंत्री मोहन यादव जापान दौरे पर रवाना हुए।
- जुलाई 2025: सीएम के स्पेन और दुबई से लौटते ही चक्रवर्ती को हटा दिया गया।
- अब: उन्हें भवन विकास निगम का एमडी नियुक्त कर दिया गया है।
कौन हैं सिबी चक्रवर्ती एम.?
- IAS सिबी चक्रवर्ती एम. ईमानदार और सख्त प्रशासनिक छवि वाले अफसर माने जाते हैं।
- मुख्यमंत्री सचिव बनने से पहले वे कई जिलों में कलेक्टर और प्रमुख विभागों में सचिव रह चुके हैं।
- मुख्यमंत्री कार्यालय में उनके आगमन को भरत यादव की जगह बदलाव के तौर पर देखा गया था, जिन्हें बाद में MP सड़क विकास निगम का एमडी बना दिया गया था।
अंदरखाने की चर्चा क्या कहती है?
सूत्रों के अनुसार, यह तबादला मुख्यमंत्री सचिवालय में कार्यशैली और तालमेल को लेकर असंतोष का परिणाम हो सकता है। कुछ का मानना है कि नीरज मंडलोई की ACS के रूप में नियुक्ति ने सचिवालय में शक्ति संतुलन को बदल दिया है, और चक्रवर्ती का तबादला इस री-ऑर्गनाइजेशन का हिस्सा है। कुछ प्रशासनिक विशेषज्ञों का कहना है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार वैश्विक निवेश और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है, और चक्रवर्ती की भवन विकास मंडल में नियुक्ति इसी रणनीति का हिस्सा हो सकती है।
विपक्षी दल कांग्रेस ने इस फेरबदल को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने एक एक्स पोस्ट में कहा, "मुख्यमंत्री की विदेश यात्राओं के बाद बार-बार होने वाले प्रशासनिक फेरबदल प्रशासनिक अस्थिरता का संकेत हैं। यह सवाल उठता है कि क्या ये बदलाव जनता के हित में हैं या सियासी समीकरण साधने के लिए?" हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
क्या आगे और होंगे बदलाव?
CM सचिवालय में फिलहाल नया सचिव नियुक्त नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों की मानें तो जल्द ही कोई सीनियर IAS अधिकारी इस पद पर आएगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय में और भी पदस्थापना में फेरबदल हो सकता है।
रिपोर्ट: LN मालवीय, भोपाल ब्यूरो, वन इंडिया हिंदी












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