मंत्री विजय शाह के धर्मांतरण संबंधी बयान पर भड़का हिंदू संगठन, सार्वजनिक माफी की मांग, जानिए पूरा मामला
मंत्री विजय शाह के धर्मांतरण संबंधी बयान पर भड़का हिंदू संगठन, मांग ली सार्वजनिक माफी
भोपाल, 16 नवंबर 2025: मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह के उस बयान पर संस्कृति बचाओ मंच और हिंदू उत्सव समिति ने तीखा विरोध जताया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि 'धर्मांतरण सरकार का विषय नहीं है'।
संगठन ने इसे हिंदू समाज का अपमान बताते हुए मंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। संगठन के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश और देश में लव जिहाद तथा ईसाई मिशनरियों द्वारा सोची-समझी साजिश के तहत धर्मांतरण किया जा रहा है, जिसे सरकार नजरअंदाज नहीं कर सकती।

बयान की निंदा, साजिश का आरोप
संस्कृति बचाओ मंच एवं हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने मंत्री विजय शाह के बयान की कड़ी निंदा की। तिवारी ने कहा, "माननीय मंत्री जी, आपको यह विचार करना पड़ेगा कि प्रदेश में और देश में लव जिहाद तथा धर्मांतरण सोची-समझी साजिश के तहत किया जा रहा है। ईसाई मिशनरी मिशन के तहत छोटे तबके एवं आदिवासियों को लुभावने प्रलोभनों से धर्मांतरण करके ईसाई बनाया जा रहा है। साथ ही, लव जिहाद के प्रेम जाल में फंसा कर हिंदू लड़कियों को जबरन धर्मांतरित किया जा रहा है।"
तिवारी ने आगे कहा कि समाज में कोई भी संवेदनशील मुद्दा हो, वह सरकार की चिंता का कारण बनता है। "आप एक उच्च पद पर आसीन हैं और इस प्रकार का बयान देकर हिंदू समाज को अपमानित कर रहे हैं। अतः आपको इसके लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।" संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मंत्री माफी नहीं मांगते, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
मंत्री का विवादित बयान
मंत्री विजय शाह ने हाल ही में एक कार्यक्रम में धर्मांतरण पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला है और सरकार का इसमें हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। उनके इस बयान ने हिंदू संगठनों में रोष पैदा कर दिया है। मध्य प्रदेश में आदिवासी बहुल इलाकों में ईसाई मिशनरियों की गतिविधियां लंबे समय से विवाद का विषय रही हैं। राज्य सरकार ने पहले भी धर्मांतरण विरोधी कानून को सख्त करने की कोशिश की है, लेकिन मंत्री का यह बयान इसे कमजोर करने वाला माना जा रहा है।
लव जिहाद और मिशनरी गतिविधियां: संगठन के दावे
चंद्रशेखर तिवारी ने दावा किया कि लव जिहाद के मामले प्रदेश के कई जिलों में बढ़ रहे हैं। "हिंदू लड़कियों को प्रेम के नाम पर फंसाया जाता है, शादी के बाद उन्हें इस्लाम या ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया जाता है। यह कोई व्यक्तिगत मामला नहीं, बल्कि हिंदू संस्कृति पर सुनियोजित हमला है।" इसी तरह, आदिवासी क्षेत्रों में मिशनरियां स्कूल, अस्पताल और आर्थिक सहायता के बहाने लोगों को धर्मांतरित कर रही हैं। संगठन ने सरकार से मांग की है कि वह इन गतिविधियों पर अंकुश लगाए और सख्त कानून लागू करे।
हिंदू संगठनों का व्यापक विरोध
यह विरोध केवल संस्कृति बचाओ मंच तक सीमित नहीं है। अन्य हिंदू संगठनों ने भी मंत्री के बयान को हिंदू विरोधी बताया है। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के एक स्थानीय नेता ने कहा, "सरकार यदि धर्मांतरण को रोकने में असफल रहती है, तो हिंदू समाज खुद सड़कों पर उतरेगा।" राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े सूत्रों ने भी असंतोष जताया है, हालांकि उन्होंने आधिकारिक बयान देने से इनकार किया।
सरकार की चुप्पी और राजनीतिक निहितार्थ
मंत्री विजय शाह ने अभी तक इस विरोध पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। मुख्यमंत्री कार्यालय से भी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा भाजपा सरकार के लिए चुनौती बन सकता है, खासकर आदिवासी वोट बैंक को देखते हुए। मध्य प्रदेश में आदिवासी आबादी करीब 21 प्रतिशत है, और धर्मांतरण यहां चुनावी मुद्दा रहा है।
आगे की रणनीति
संस्कृति बचाओ मंच ने ऐलान किया है कि यदि मंत्री माफी नहीं मांगते, तो वे भोपाल में धरना-प्रदर्शन करेंगे। संगठन अन्य हिंदू समूहों से भी समर्थन मांग रहा है। तिवारी ने कहा, "हिंदू संस्कृति की रक्षा हमारा कर्तव्य है। सरकार को समझना होगा कि धर्मांतरण कोई छोटा मुद्दा नहीं है।"
यह विवाद मध्य प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है, जहां हिंदुत्व और आदिवासी अधिकार हमेशा से संवेदनशील रहे हैं। देखना यह होगा कि मंत्री शाह इस दबाव में झुकते हैं या सरकार कोई नई नीति लाती है।












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