MP News: अब पीछे बैठने वालों के लिए भी जरूरी हेलमेट, 300 रुपये चालान, जानिए पूरा नियम
मध्य प्रदेश में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। आज (6 नवंबर 2025) से दोपहिया वाहनों पर पीछे बैठने वाले यात्रियों (पिलियन राइडर्स) के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य हो गया है। मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के तहत यह नियम पहले से मौजूद था, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और प्रदेश ट्रैफिक रिसर्च इंस्टीट्यूट (PTRI) की सिफारिश पर सख्ती बरती जा रही है।
शुरुआत में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन जैसे 5 बड़े जिलों में लागू यह नियम अगले चरण में पूरे प्रदेश में फैलेगा। 4 साल से अधिक उम्र के सभी पिलियन राइडर्स के लिए अनिवार्य, उल्लंघन पर 300 रुपये का चालान। डीआईजी टीके विद्यार्थी ने कहा, "यह अभियान सड़क हादसों में 70% तक मौतें रोक सकता है।

पहले 15 दिन जागरूकता, अब सख्त कार्रवाई।" पहले ही दिन भोपाल में 20 चेकिंग पॉइंट्स पर कार्रवाई शुरू हो गई, जहां बहस, माफी मांगने और जागरूकता के नजारे देखने को मिले। आइए, जानते हैं इस नियम की पूरी डिटेल - पृष्ठभूमि से लेकर प्रभाव, चालान और जनता की प्रतिक्रियाएं तक।
सड़क सुरक्षा अभियान की शुरुआत: 6 नवंबर से 5 शहरों में सख्ती, पूरे MP में विस्तार
मध्य प्रदेश में सड़क हादसे एक बड़ी समस्या बने हुए हैं। 2024 में 56,669 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 13,661 मौतें दर्ज की गईं। इनमें 53.8% मौतें दोपहिया वाहनों से जुड़ीं, और 82% मामलों में हेलमेट की कमी मुख्य कारण रही। PTRI के एडीजी मोहम्मद शाहिद अब्बास ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 23 अक्टूबर से 15 दिवसीय जागरूकता अभियान चलाया, जिसमें स्कूल, बाजार और पेट्रोल पंपों पर हेलमेट का महत्व बताया गया। अब 6 नवंबर से सख्ती शुरू।
- लागू शहर: भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन - जहां 70% दुर्घटनाएं होती हैं।
- विस्तार: अगले चरण (दिसंबर 2025) में पूरे प्रदेश में।
- नियम: 4 साल से ऊपर के सभी पिलियन राइडर्स (महिला, पुरुष, बच्चे) के लिए ISI मार्क हेलमेट अनिवार्य। ड्राइवर पहले से बाध्य।
- चालान: मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 129 के तहत 300 रुपये। दोबारा उल्लंघन पर 500 रुपये या लाइसेंस सस्पेंड।
- जागरूकता: बाइक रैली, पोस्टर, PA सिस्टम। पेट्रोल पंपों पर 'नो हेलमेट, नो पेट्रोल' (भोपाल-इंदौर में अगस्त से लागू)।
डीआईजी टीके विद्यार्थी ने कहा, "शहरों और मुख्य मार्गों पर चेकिंग पॉइंट्स, स्टॉपर और कैमरे लगाए गए। हर कार्रवाई बॉडी वॉर्न कैमरा से रिकॉर्ड होगी। POS मशीन से चालान।" ओला-उबर बाइक टैक्सी पर भी लागू - भोपाल में 4,000 राइडर्स प्रभावित।
भोपाल में पहले दिन का नजारा: 20 पॉइंट्स पर चेकिंग, बहस और माफी के किस्से
पहले ही दिन भोपाल में ट्रैफिक पुलिस ने 20 प्रमुख पॉइंट्स (बोर्ड ऑफिस, न्यू मार्केट, एमपी नगर, हबीबगंज, बिट्टन मार्केट, टीटी नगर, लालघाटी चौराहा) पर चेकिंग शुरू की। सुबह 7 बजे से शाम 8 बजे तक 150 से अधिक चालान कटे, ज्यादातर पिलियन राइडर्स पर। नजारे दिलचस्प:
- बहस का दौर: लालघाटी चौराहे पर एक बाइक सवार ने कहा, "पुलिसकर्मी सामने से गुजरा, तब चालान क्यों नहीं?" बहस 10 मिनट चली, लेकिन चालान कटा।
- माफी मांगने वाले: एक पिता बोला, "बच्ची अस्पताल एडमिट है, जल्दी में हेलमेट भूल गया।" पुलिस ने पहली बार चेतावनी दी।
- जागरूकता के पल: एमपी नगर में एक युवती ने कहा, "अभी तक नहीं पता था, लेकिन सही है। कल से हेलमेट साथ रखूंगी।"
- पुलिस पर भी नजर: एक पुलिसकर्मी बिना हेलमेट पकड़ा गया, विभागीय कार्रवाई।
ट्रैफिक एसपी बसंत व्यास ने कहा, "पहले दिन 120 चालान, लेकिन ज्यादातर समझाइश। हेलमेट पहनने से सिर की चोट 70% कम होती है।" इंदौर में बाइक रैली से जागरूकता, जबलपुर-ग्वालियर में 15 पॉइंट्स पर चेकिंग।
क्यों जरूरी है यह नियम? आंकड़े जो चेतावनी देते हैं
मध्य प्रदेश में दोपहिया दुर्घटनाएं 60% हैं। PTRI के अनुसार:
- मौतें: 2024 में 7,300 दोपहिया से मौतें, 40% पिलियन राइडर्स।
- कारण: हेलमेट न पहनने से सिर की चोटें 80% मामलों में घातक।
- लाभ: राजस्थान (2011 से लागू) में 25% मौतें घटीं।
विशेषज्ञ कहते हैं, "हेलमेट सिर को 40% झटके से बचाता है। महिलाओं-बच्चों के लिए खास जरूरी।" सुप्रीम कोर्ट ने 2022 में सभी राज्यों को सख्ती का आदेश दिया।
जनता की प्रतिक्रियाएं: समर्थन से विरोध तक, लेकिन जागरूकता बढ़ी
शहरों में मिश्रित प्रतिक्रियाएं:
समर्थन: इंदौर की रीता ने कहा, "बेटी के लिए अच्छा। पहले डर लगता था।"
विरोध: ग्वालियर में एक दुकानदार बोला, "छोटे रास्ते पर क्यों? चालान महंगा।"
जागरूकता: उज्जैन में स्कूलों में वर्कशॉप, जबलपुर में रैली।
हेलमेट बाजार में 20% बिक्री बढ़ी। दुकानदारों ने कहा, "ISI मार्क वाले 300-500 रुपये में उपलब्ध।"
भविष्य का प्लान: पूरे MP में विस्तार, पुलिस पर भी सख्ती
अगले चरण में पूरे प्रदेश में लागू। पुलिस मुख्यालय ने आदेश दिया कि पुलिसकर्मी बिना हेलमेट पकड़े तो विभागीय कार्रवाई। PHQ में 'नो हेलमेट, नो एंट्री'। ट्रैफिक पुलिस ने 1,000 बॉडी कैमरे तैनात किए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, "सड़क सुरक्षा हमारी प्राथमिकता। हेलमेट से लाखों जानें बचेंगी।"












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