MP News: ग्वालियर लोकायुक्त की कार्रवाई, शिवपुरी में फॉरेस्ट गार्ड को 5 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा

मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही 'जीरो टॉलरेंस' मुहिम को एक और सफलता मिली है। पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त के निर्देश पर ग्वालियर लोकायुक्त कार्यालय की ट्रैप टीम ने आज शिवपुरी जिले में एक फॉरेस्ट गार्ड को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी ध्रुव सिंह तोमर ने पत्थर से भरी ट्रॉली को वन क्षेत्र से निकालने के एवज में 5 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। यह कार्रवाई वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ी करती है, खासकर शिवपुरी जैसे जिले में, जहां अवैध खनन और वन संरक्षण की चुनौतियां पहले से मौजूद हैं। रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली गई है, और आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

Gwalior Lokayukta takes action Shivpuri forest guard caught red-handed accepting a bribe of Rs 5 000

वन क्षेत्र से ट्रॉली निकालने पर रिश्वत की मांग

शिवपुरी जिला मध्य प्रदेश का एक ऐसा क्षेत्र है, जहां वन क्षेत्रों की सीमाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी हुई हैं। कई किसान और छोटे व्यापारी वन सीमाओं से सटे इलाकों में पत्थर या अन्य सामग्री का परिवहन करते हैं, लेकिन वन विभाग के नियमों के चलते इन्हें अनुमति की जरूरत पड़ती है। पीड़ित आवेदक बलवीर सिंह लोधी (उम्र 30 वर्ष), पुत्र कन्हैया लाल लोधी, निवासी रुपेपुर, तहसील पिछोर, जिला शिवपुरी के हैं। बलवीर एक छोटे व्यापारी हैं, जो निर्माण कार्यों के लिए पत्थर का परिवहन करते हैं।

घटना की शुरुआत 16 सितंबर 2025 को हुई, जब बलवीर ने वन क्षेत्र से पत्थर से भरी एक ट्रॉली निकालने का प्रयास किया। इस दौरान आरोपी ध्रुव सिंह तोमर (फॉरेस्ट गार्ड, वन चौकी राजापुर, बीट पिपरो, तहसील पिछोर, जिला शिवपुरी) ने ट्रॉली को रोक लिया। तोमर ने साफ कहा कि ट्रॉली को आगे निकालने के लिए 5 हजार रुपये की रिश्वत देनी होगी। अन्यथा, वन नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज करवा देंगे। बलवीर ने इस मांग को रिकॉर्ड किया और तुरंत ग्वालियर लोकायुक्त कार्यालय पहुंचे।

यह मामला वन विभाग में भ्रष्टाचार की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाता है। शिवपुरी जिले में मधाव नेशनल पार्क जैसे संरक्षित क्षेत्र होने के बावजूद, फॉरेस्ट गार्ड जैसे निचले स्तर के अधिकारी अक्सर छोटे व्यापारियों को निशाना बनाते हैं। हाल ही में ग्वालियर लोकायुक्त ने शिवपुरी में एक पटवारी को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा था, जो विभागीय भ्रष्टाचार की जड़ों को उजागर करता है।

शिकायत और सत्यापन: लोकायुक्त की त्वरित कार्रवाई

बलवीर ने 16 सितंबर 2025 को ग्वालियर लोकायुक्त कार्यालय पहुंचकर पुलिस अधीक्षक को शिकायती आवेदन पत्र सौंपा। शिकायत में उन्होंने आरोपी की रिश्वत मांग की पूरी डिटेल दी, जिसमें रिकॉर्डिंग और गवाहों का भी जिक्र था। पुलिस अधीक्षक ने तुरंत शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें आरोपी ध्रुव सिंह तोमर की संलिप्तता साबित हो गई। सत्यापन के आधार पर आरोपी के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया।

महानिदेशक लोकायुक्त के सख्त निर्देशों के तहत ग्वालियर लोकायुक्त कार्यालय ने ट्रैप टीम का गठन किया। टीम ने फर्जी रिश्वत राशि (5 हजार रुपये) के साथ बलवीर को आरोपी से मिलने भेजा। कार्रवाई आज (25 सितंबर 2025) दोपहर हीरापुर पुरैनी मार्ग तिराहे के पास हुई। आरोपी ने रिश्वत की रकम स्वीकारते ही ट्रैप टीम के सदस्यों द्वारा घेर लिए गए। 'फिनाइल टेस्ट' पॉजिटिव आने पर तोमर को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया, और पूरी रकम मौके पर बरामद कर ली गई।

ट्रैप टीम की भूमिका: सटीक और गोपनीय ऑपरेशन

ट्रैप टीम का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक विनोद सिंह कुशवाह ने किया, जिन्होंने हाल ही में दमोह में एक सहकारी विभाग के ऑडिटर को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा था। टीम में निरीक्षक अंजली शर्मा, निरीक्षक कामता प्रसाद बैन, प्रधान आरक्षक नेतराम राजोरिया, प्रधान आरक्षक जसवंत शर्मा, प्रधान आरक्षक देवेंद्र पवैया, प्रधान आरक्षक मनोज कुशवाहा, प्रधान आरक्षक संजय शुक्ला, आरक्षक अंकेश शर्मा, आरक्षक हेमंत शर्मा और आरक्षक चालक विशंभर सिंह भदोरिया शामिल थे। टीम ने पूरे ऑपरेशन को अत्यंत गोपनीय रखा, जिससे आरोपी को किसी तरह का शक न हो। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को ग्वालियर लोकायुक्त थाने ले जाया गया, जहां पूछताछ जारी है।

वन विभाग में जिम्मेदारी, लेकिन भ्रष्टाचार का शिकार

आरोपी ध्रुव सिंह तोमर पुत्र द्वारिका सिंह तोमर वन विभाग में फॉरेस्ट गार्ड के पद पर तैनात हैं। वे वन चौकी राजापुर, बीट पिपरो, तहसील पिछोर, शिवपुरी के प्रभारी हैं। फॉरेस्ट गार्ड का काम वन क्षेत्रों की निगरानी, अवैध कटाई रोकना और परिवहन अनुमति देना है। लेकिन इस मामले में वे रिश्वत के जरिए नियमों का दुरुपयोग करते पाए गए। सूत्रों के अनुसार, तोमर पर पहले भी छोटे-मोटे शिकायतें आई थीं, लेकिन साक्ष्य न होने से बच निकलते थे। अब उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित) की धारा 7 (लोक सेवक द्वारा रिश्वत लेना) के तहत मामला दर्ज है, जो 7 वर्ष तक की सश्रम कारावास की सजा का प्रावधान रखती है। वन विभाग ने भी इस मामले में जांच शुरू कर दी है।

लोकायुक्त की मुहिम: 2025 में बढ़ती कार्रवाइयां

मध्य प्रदेश लोकायुक्त संगठन ने 2025 में अब तक 150 से अधिक ट्रैप कार्रवाइयां की हैं, जिनमें वन, राजस्व और आपूर्ति विभाग प्रमुख हैं। ग्वालियर इकाई ने इस वर्ष 30 से अधिक मामलों में सफलता हासिल की है, जो ग्वालियर, शिवपुरी, गुना और अशोकनगर संभागों को कवर करती है। महानिदेशक लोकायुक्त ने जुलाई 2025 में कहा था, "भ्रष्टाचार राज्य की प्रगति में बाधा है। हम हर शिकायत को प्राथमिकता देंगे।" शिवपुरी में हाल की कार्रवाइयां, जैसे पटवारी गिरफ्तारी, विभागीय सुधार की मांग को मजबूत करती हैं।

यह कार्रवाई ग्रामीण मध्य प्रदेश में वन संरक्षण से जुड़े भ्रष्टाचार पर नजर रखने की जरूरत को रेखांकित करती है। पिछोर तहसील जैसे इलाकों में अवैध खनन की शिकायतें आम हैं, और फॉरेस्ट गार्ड जैसे अधिकारी गरीब व्यापारियों को निशाना बनाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल अनुमति प्रणाली से इन अपराधों को रोका जा सकता है।

पीड़ित का बयान और आगे की कार्रवाई

पीड़ित बलवीर सिंह लोधी ने लोकायुक्त टीम को दिए बयान में कहा, "आरोपी ने मेरी ट्रॉली रोककर पैसे मांगे। लोकायुक्त ने न्याय दिया, अब मैं बिना डर के काम कर सकूंगा।" ट्रैप के बाद स्थानीय वन विभाग ने ट्रॉली का निरीक्षण किया, जिसमें कोई बड़ी अनियमितता नहीं पाई गई। आरोपी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी, और जांच में अन्य शामिल लोगों का पता लगाया जा रहा है।

राज्य स्तर पर प्रभाव: भ्रष्टाचार मुक्त मध्य प्रदेश

यह गिरफ्तारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की 'भ्रष्टाचार मुक्त मध्य प्रदेश' अभियान का हिस्सा है। विपक्ष ने इसे सराहा है, लेकिन उच्च अधिकारियों पर नजर रखने की मांग की है। लोकायुक्त ने हेल्पलाइन (0751-2440400) जारी की है। यह घटना सिस्टम में सुधार की मांग करती है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे व्यापारी सुरक्षित रहें।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+