MP News: झुग्गीवालों को बड़ी सौगात, जानिए कैसे 31 दिसंबर 2020 तक बनी झुग्गियों को मिलेगा स्थायी पट्टा
MP News: मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार ने प्रदेश के लाखों झुग्गी-झोपड़ी वासियों के लिए नया साल से पहले सबसे बड़ा तोहफा देने का ऐलान किया है। शहरी क्षेत्रों में सरकारी जमीन पर 31 दिसंबर 2020 तक झुग्गी या मकान बनाकर रहने वाले हर परिवार को अब आवासीय पट्टे मिलेंगे।
इसके लिए पूरे प्रदेश में 20 नवंबर 2025 से बड़े स्तर पर सर्वे शुरू हो गया है, जो 13 दिसंबर तक चलेगा। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों और नगरीय निकायों को सख्त निर्देश दिए हैं कि इस अभियान को पूरी पारदर्शिता और तेजी से पूरा किया जाए।

20 नवंबर से 13 दिसंबर तक चलेगा सर्वे, 29 दिसंबर को कलेक्टर जारी करेंगे अंतिम लिस्ट
राज्य के सभी 407 नगरीय निकायों में एक साथ सर्वे का काम शुरू हो चुका है। हर जिले में कलेक्टर की अध्यक्षता में अलग-अलग सर्वे दल गठित किए गए हैं, जिनमें राजस्व अधिकारी, नगरीय निकाय के अधिकारी और पटवारी शामिल हैं। सर्वे के दौरान हर परिवार की ई-केवाइसी और समग्र आईडी के माध्यम से पूरी जांच होगी। आधार कार्ड लिंक होना अनिवार्य है।
सर्वे का पूरा शेड्यूल इस प्रकार है:
- 20 नवंबर से 13 दिसंबर 2025: घर-घर सर्वे और प्रारंभिक सूची तैयार करना
- 14 दिसंबर 2025: प्रारंभिक पात्रता सूची का प्रकाशन
- 15 से 28 दिसंबर 2025: आपत्तियां एवं दावे लेना तथा उनका निराकरण
- 29 दिसंबर 2025: जिला कलेक्टर द्वारा अंतिम पात्रता सूची का प्रकाशन
अंतिम सूची जिला कलेक्टर की आधिकारिक वेबसाइट के साथ-साथ विभागीय पोर्टल www.mpurban.gov.in पर भी अपलोड की जाएगी। नगरीय विकास आयुक्त भारत सिंह यादव ने बताया कि इस बार किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो लोग फर्जी दस्तावेज या गलत जानकारी देकर पट्टा लेने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ राजस्व और आपराधिक धाराओं में सख्त कार्रवाई होगी।
जनवरी-फरवरी 2026 में बंटेंगे लाल और पीले रंग के पट्टे
अंतिम सूची जारी होने के बाद 4 जनवरी 2026 से पट्टों का वितरण शुरू होगा, जो फरवरी 2026 तक चलेगा। पट्टे दो प्रकार के होंगे:
लाल रंग का पट्टा → स्थायी स्वामित्व अधिकार (जहां पूरी तरह पात्रता सिद्ध होगी)
पीला रंग का पट्टा → अस्थायी अधिकार (जहां कुछ शर्तें पूरी करना बाकी होंगी)
नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जिन कॉलोनियों को स्थायी पट्टे मिलेंगे, वहां सड़क, पेयजल, नालियां, स्ट्रीट लाइट और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का विकास प्राथमिकता से किया जाएगा। इसके लिए नगरीय निकायों और विकास प्राधिकरणों को अलग से फंड जारी किया जाएगा।
लाखों परिवारों की जिंदगी बदलेगी
माना जा रहा है कि इस योजना से प्रदेश के करीब 8 से 10 लाख परिवार सीधे लाभान्वित होंगे। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सागर, रतलाम सहित सभी बड़े शहरों की सैकड़ों बस्तियां अब वैध कॉलोनियों में तब्दील हो जाएंगी। दशकों से डर के साए में जी रहे लोग अब अपने घर के मालिक बन सकेंगे।
सरकार ने सभी नगरीय निकायों को निर्देश दिए हैं कि इस अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। होर्डिंग्स, पोस्टर, मुनादी, सोशल मीडिया और स्थानीय अखबारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही हेल्पलाइन नंबर और शिकायत पोर्टल भी शुरू किए गए हैं।
राज्य सरकार का दावा है कि यह योजना न केवल गरीबों को घर का मालिक बनाएगी, बल्कि शहरों की सूरत भी बदलेगी। आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश की झुग्गी बस्तियां अब इतिहास बनने की ओर हैं।












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