Bhopal News: गणेश झांकी पर उपद्रव: डीआईजी बंगला चौराहे पर पथराव, भारी पुलिस बल तैनात, हिंदू संगठनों में आक्रोश
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 8 सितंबर 2025 की रात एक बार फिर तनाव का माहौल बन गया, जब गौतम नगर के डीआईजी बंगला चौराहे पर श्री गणेश विसर्जन झांकी के दौरान विशेष समुदाय के कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर पथराव और उपद्रव की घटना सामने आई। इस घटना ने न केवल स्थानीय निवासियों में दहशत फैलाई, बल्कि हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया।
पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कार्रवाई करते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया और इलाके में शांति बहाल की। इस घटना ने भोपाल में कानून-व्यवस्था और सामुदायिक सौहार्द को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आइए, इस घटना की पूरी कहानी और इसके परिणामों पर विस्तार से नजर डालते हैं।

क्या हुआ डीआईजी बंगला चौराहे पर?
8 सितंबर 2025 को भोपाल के गौतम नगर क्षेत्र में श्री गणेश विसर्जन झांकी निकाली जा रही थी। यह झांकी अनंत चतुर्दशी के अवसर पर आयोजित की गई थी, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल थे। रात करीब 9:30 बजे, जब झांकी डीआईजी बंगला चौराहे से गुजर रही थी, कुछ अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में गणेश जी की मूर्ति को आंशिक नुकसान पहुँचा, जिससे भक्तों में आक्रोश फैल गया। पथराव के कारण इलाके में अफरा-तफरी मच गई, और स्थानीय लोगों ने सड़क पर जाम लगाकर विरोध शुरू कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पथराव अचानक शुरू हुआ और कुछ ही मिनटों में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। श्री हिंदू उत्सव समिति भोपाल के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा, "यह एक सुनियोजित हमला था। गणेश जी की झांकी पर पथराव और उपद्रव असहनीय है। त्योहारों के दौरान ऐसी घटनाएँ माहौल खराब करने की कोशिश हैं। हम प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग करते हैं।"
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, भारी बल तैनात
भोपाल पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही तुरंत मोर्चा संभाला। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) राकेश सिंह और अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। भारी पुलिस बल और राज्य रिजर्व पुलिस बल (SRPF) की टुकड़ियाँ तैनात की गईं।
पुलिस ने FIR दर्ज की, जिसमें सहिल बच्चा यामीन और अलीम नाम के दो लोगों को नामजद किया गया। SSP राकेश सिंह ने बताया, "हमने उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। दो लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है।" पुलिस ने क्षेत्र में ड्रोन कैमरे और CCTV फुटेज की मदद से संदिग्धों की पहचान शुरू कर दी है।
हिंदू संगठनों का आक्रोश: सड़क जाम और धरना
पथराव की घटना के बाद हिंदू संगठनों और स्थानीय भक्तों ने डीआईजी बंगला चौराहे पर सड़क जाम कर दी और धरना शुरू कर दिया। श्री हिंदू उत्सव समिति के साथ-साथ बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कार्यकर्ता भी मौके पर जमा हो गए। उन्होंने उपद्रवियों के खिलाफ तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की। VHP के नेता सुनील वर्मा ने कहा, "यह हमारी धार्मिक भावनाओं पर हमला है। हम शांति से झांकी निकाल रहे थे, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की।"
प्रशासन की प्रतिक्रिया: शांति बहाली और सख्ती का आश्वासन
भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्काल बैठक बुलाई। उन्होंने कहा, "हम इस घटना को गंभीरता से ले रहे हैं। उपद्रवियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। जनता से शांति बनाए रखने की अपील है।" ADG (भोपाल जोन) संजय झा ने कहा, "पुलिस ने स्थिति पर पूरी तरह काबू पा लिया है। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल और SRPF तैनात की गई है। हम किसी भी तरह की अशांति बर्दाश्त नहीं करेंगे।"
सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
इस घटना ने सामुदायिक सौहार्द पर सवाल उठाए हैं। भाजपा विधायक रमेश्वर शर्मा ने ट्वीट किया, "गणेश विसर्जन पर हमला धार्मिक सहिष्णुता पर प्रहार है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।" कांग्रेस ने भी इस घटना की निंदा की, लेकिन प्रशासनिक विफलता पर सवाल उठाए। कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने कहा, "पुलिस और प्रशासन को पहले से ऐसी घटनाओं की आशंका थी। फिर ऐसी स्थिति क्यों बनी? इसकी जाँच होनी चाहिए।"
भोपाल में पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
यह पहली बार नहीं है जब भोपाल में धार्मिक आयोजनों के दौरान तनाव की स्थिति बनी हो। 2022 में खरगोन में राम नवमी जुलूस के दौरान पथराव और हिंसा की घटना ने पूरे प्रदेश में हंगामा मचाया था। 2024 में रतलाम में भी गणेश विसर्जन के दौरान पथराव की घटना सामने आई थी।
प्रशासन के सामने चुनौतियां
इस घटना ने भोपाल पुलिस और प्रशासन के सामने कई चुनौतियाँ खड़ी की हैं। SSP राकेश सिंह ने कहा, "हमारी प्राथमिकता शांति बनाए रखना और दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ना है।" कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने स्थानीय नेताओं और सामाजिक संगठनों से शांति बनाए रखने की अपील की है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ट्वीट किया, "मध्य प्रदेश में शांति और सौहार्द हमारी प्राथमिकता है। डीआईजी बंगला चौराहे की घटना में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।"
सामाजिक संगठनों की मांग: सख्त कार्रवाई और जांच
श्री हिंदू उत्सव समिति ने इस घटना की हाई-लेवल जाँच की माँग की है। चंद्रशेखर तिवारी ने कहा, "यह सिर्फ पथराव नहीं, बल्कि हमारी आस्था पर हमला है। हम चाहते हैं कि दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और इसकी जाँच हो कि यह सुनियोजित था या नहीं।" VHP और बजरंग दल ने भी 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।
मध्य प्रदेश महिला कल्याण समिति की अध्यक्ष कविता शर्मा ने कहा, "ऐसी घटनाएँ समाज में डर और अविश्वास पैदा करती हैं। प्रशासन को तुरंत कदम उठाने चाहिए।"
भविष्य के लिए सबक
डीआईजी बंगला चौराहे की इस घटना ने भोपाल में सामुदायिक सौहार्द और पुलिस की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। X पर एक यूजर ने लिखा, "त्योहारों के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से भारी पुलिस बल तैनात करना चाहिए। ADG संजय झा ने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन निगरानी और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।












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