पहली बार के विधायक राहुल लोधी को बनाया गया राज्य मंत्री, उमा भारती के साथ बुंदेलखंड को साधने की कोशिश
mp cabinet news: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने बुंदेलखंड और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती को साधने के लिए बड़ा दावा खेल दिया है। दरअसल, शिवराज सरकार मंत्रिमंडल में पहली बार के विधायक राहुल लोधी को राज्य मंत्री बनाया गया है। इसके साथ ही विंध्य क्षेत्र से विधायक राजेंद्र शुक्ल और महाकौशल से गोरी शंकर बिसेन को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है।
राजधानी भोपाल में शनिवार सुबह 8:45 पर राजभवन में राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने प्रदेश के तीन नए मंत्रियों को शपथ दिलाई। शपथ समारोह में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थित रहे। सबसे पहले मंत्री पद की शपथ विधायक राजेंद्र शुक्ल ने ली। इसके बाद विधायक गौरी शंकर बिसेन ने मंत्री पद की शपथ ली। इसके बाद विधायक राहुल लोधी ने मंत्री पद की शपथ ली।

राहुल सिंह लोधी पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के भतीजे हैं और टीकमगढ़ जिले की खरगापुर सीट से विधायक है। राहुल को शामिल करके शिवराज सरकार ने बुंदेलखंड और उमा भारती को साधने की कोशिश की है।
राजेंद्र शुक्ल रीवा सीट से चार बार के विधायक के मध्य प्रदेश सरकार में पहले भी मंत्री रह चुके हैं। इसके साथ ही विंध्य अंचल में बीजेपी का बड़ा चेहरा है। 2003 में पहली बार विधायक बने तब से लगातार जीते हुए आ रहे हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को विंध्य में बड़ी कामयाबी मिली थी। रीवा जिले की सभी 8 सीटें बीजेपी ने जीती थी, लेकिन इसके बावजूद विंध्य क्षेत्र से इस काद्यावर नेता को मंत्री नहीं बनाया गया था।
गौरी शंकर बायसेन बालाघाट से सात बार से विधायक हैं। छात्र जीवन में राजनीति में सक्रिय रहे 1985, 1990, 1993, 2003 में विधायक बने। 2008 में 13वीं विधानसभा के सदस्य बने। लोके स्वास्थ्य यांत्रिकी सहकारिता मंत्री रहे। विधानसभा की कई समितियां के सदस्य और सभापति भी रह चुके हैं 1998, 2004 में लोकसभा के सदस्य चुने गए। 25 दिसंबर 2000 से भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा एवं सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश पर भारी भी रहे हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश भाजपा के तीन बार उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं।
राहुल लोधी को मंत्री बनाने के पीछे जातिगत समीकरण
मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड में बेरोजगारी, कुपोषण, अशिक्षा, पलायन जैसी समस्याएं प्रमुख मुद्दा बनी हुई है। लेकिन इसके बावजूद चुनाव जातिगत हो जाता है। कहते हैं कि बुंदेलखंड में डाल से ज्यादा जातियों पर दाव लगाया जाता है। जातियों में बाटे वाटर अपने-अपने जाति समाज के लोगों को ज्यादा तवज्जो देते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए शिवराज सरकार के मंत्रिमंडल में लोधी समाज को प्रतिनिधित्व देते हुए राहुल लोधी को राज्य मंत्री बनाया गया है। बता दे पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती बुंदेलखंड क्षेत्र में जाना पहचाना नाम है।
बुंदेलखंड की 26 सीटें
भाजपा विधानसभा चुनाव 2023 में बुंदेलखंड क्षेत्र से बड़ी जीत हासिल करना चाहती है। इस इलाके में विधानसभा की 26 सीटें आती है। बात 2018 विधानसभा चुनाव की करें तो बुंदेलखंड की 26 सीटों में से 17 पर बीजेपी ने और कांग्रेस ने 7 सीटों पर जीत हासिल की थी। लेकिन इस बार स्थिति ठीक नहीं होने के कारण भाजपा इस क्षेत्र में ज्यादा सक्रिय नजर आ रही है।












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