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MP News: गुना में खाद की लाइन में लगी किसान आदिवासी महिला की कैसे हुई मौत, जानिए दो दिन से खड़ी थी भूरिया बाई

MP News: गुना में खाद के लिए लाइन में लगी एक आदिवासी महिला की मौत ने पूरे मध्य प्रदेश को शर्मसार कर दिया। भूरिया बाई जिसकी उम्र करीब 55 साल थी गांव कुशेपुर (अछौनी क्षेत्र) के बागेरी डबल लॉक में खाद के गोदम पास लाइन में लगी हुई थी

दो दिन से धूप में, फिर रात में ठंड में लाइन में खड़ी थी। अचानक उल्टियां शुरू हुईं। परिजन किसी तरह उसे निजी अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए - "मृत घोषित।" एक जिंदगी बस यूं ही खत्म हो गई।

Tribal woman dies in fertilizer queue in Guna MP Bhuriya Bai had been standing in the rain for two days

दो दिन से लाइन में थी भूरिया बाई

परिजनों ने बताया -"हमारे पास सिर्फ दो बीघा खेत है। रबी की बुआई के लिए यूरिया चाहिए था। गोदाम पर पिछले चार दिन से लाइन लगी है। ट्रैक्टर-ट्रॉली वाले आगे घुस जाते हैं। हम गरीब आदिवासी पीछे ही रह जाते हैं। मंगलवार सुबह भूरिया बाई लाइन में लगी। दिनभर खड़ी रही। रात में वहीं बोरी बिछाकर सोई। बुधवार भी पूरा दिन खड़ी रही। रात करीब 9 बजे अचानक उल्टी शुरू हुई। पैरों में सूजन थी, सांस फूल रही थी।"

ग्रामीणों ने बताया कि गोदाम पर सिर्फ दो काउंटर हैं। एक दिन में 150-200 बोरी ही निकलती हैं। हजारों किसान लाइन में हैं। कई लोग तो चार-पांच दिन से डटे हैं।

अस्पताल में डॉक्टरों ने हाथ खड़े किए

परिजन उसे पहले एक निजी अस्पताल ले गए। वहां से गुना जिला अस्पताल रेफर किया। लेकिन रात 11 बजे तक पहुंचते-पहुंचते भूरिया बाई की सांसें थम चुकी थीं। डॉक्टरों ने प्राथमिक तौर पर डिहाइड्रेशन, थकावट और हार्ट अटैक की आशंका जताई है। पोस्टमार्टम गुरुवार को होगा।

कलेक्टर और पूर्व मंत्री गांव पहुंचे

  • सुबह जैसे ही खबर फैली, गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल और पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया कुशेपुर गांव पहुंचे।
  • कलेक्टर ने कहा - "महिला खाद की लाइन में थीं, वॉमिटिंग हुई थी। निजी अस्पताल में मौत हो गई। हम परिजनों से बात कर रहे हैं। पोस्टमार्टम के बाद सही कारण पता चलेगा। प्रशासन की ओर से हर संभव मदद की जाएगी।"

पूर्व मंत्री सिसोदिया ने मौके पर ही ऐलान किया -"परिवार को 5 लाख का मुआवजा और एक आश्रित को सरकारी नौकरी दी जाएगी। खाद वितरण व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच होगी।"

SDM और तहसीलदार भी मौके पर

अछौनी SDM मौके पर पहुंचे। पूरे गोदाम की व्यवस्था का जायजा लिया। किसानों ने उनसे शिकायत की - "ट्रैक्टर वालों को आगे जाने दिया जाता है। हम आदिवासी पैदल आते हैं, पीछे रह जाते हैं।" SDM ने तुरंत तीन अतिरिक्त काउंटर खोलने के आदेश दिए।

विपक्ष ने सरकार को घेरा

कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने कहा -"मोहन यादव सरकार में किसान खाद के लिए मर रहा है। गुना में तो चार दिन से लाइन लगी है। एक महिला की जान चली गई। यह हत्या है। सरकार जिम्मेदार है।" आदिवासी कांग्रेस ने चेतावनी दी - "अगर 48 घंटे में पूरे जिले में खाद की व्यवस्था नहीं हुई तो उग्र आंदोलन होगा।"

अब सवाल यही है

  1. क्या सिर्फ मुआवजा और जांच से भूरिया बाई की जान वापस आएगी?
  2. क्या गुना ही नहीं, पूरे मध्य प्रदेश में खाद की किल्लत खत्म होगी?
  3. या फिर अगली रबी में फिर कोई भूरिया बाई लाइन में मरेगी?

गांव में चूल्हा ठंडा है।

  • परिजन रो रहे हैं।
  • और बागेरी गोदाम पर आज भी लाइन लगी है।
  • बस अब लोग डर के साए में खड़े हैं।
  • कि कहीं उनकी बारी न आ जाए।

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