Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Bhopal News: निगम के रिटायर्ड इंजीनियर पीके जैन ने कैसे बनाई करोड़ो रुपए की संपत्ति, लोकायुक्त कर रही जांच

Bhopal News: राजधानी भोपाल में लोकायुक्त की टीम ने नगर निगम के रिटायर्ड चीफ इंजीनियर पीके जैन के घर पर छापा मार कर बड़ी कार्रवाई की है। लोकायुक्त की इस कार्रवाई में करोड़ों रुपए की संपत्ति का खुलासा हुआ है। फिलहाल टीम अभी जांच कर रही है कि रिटायर्ड अधिकारी पीके जैन कैसे आए से अधिक संपत्ति बनाई?

सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार सुबह लोकायुक्त की टीम ने सेवानिवृत्त अधीक्षण यंत्री पीके जैन के निवास और कार्यालय पर छापेमारी की और जांच शुरू की। टीम ने जैन के घर और कार्यालय से दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री को जब्त कर लिया। प्रारंभिक जांच के दौरान संपत्ति का ब्यौरा और आय के स्रोतों की समीक्षा की जा रही है।

engineer PK Jain made property worth crores of rupees Lokayukta is investigating in smart city

लोकायुक्त के अधिकारियों का कहना है कि प्रदीप कुमार जैन सेवा निवृत सिटी इंजीनियर नगर निगम भोपाल तथा वर्तमान में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट भोपाल में संविदा पर अधीक्षण यंत्री के पद हैं। इनके द्वारा आय से असमनुपातिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त भोपाल को प्राप्त होने पर शिकायत का सत्यापन कराया गया।

शुरूआती जांच में लगभग 300% असमनुपातिक संपत्ति अर्जित करने के सबूत मिले है, जिसके बाद प्रदीप कुमार जैन के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर न्यायलय से सर्च वारंट प्राप्त किया गया। आज उनके आवास और कार्यालय पर लोकायुक्त की दो टीमों द्वारा तलाशी कार्रवाई की गई। मकान पर तलाशी के दौरान 5 करोड़ से ज्यादा की अचल सम्पति, 85 लाख से ज्यादा जेवरात के बिल, लाखों के निवेश के अभिलेख, विदेश यात्रा के अभिलेख प्राप्त हुए हैं। बैंक लाकर की तलाशी पृथक से की जाएगी।

पीके जैन विवादास्पद अधिकारी रहे हैं। स्मार्ट सिटी में उनकी नियुक्ति बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की अनुमति के बिना की गई थी। इस दौरान उन्होंने ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) में दर्ज शिकायतों को भी छिपाया और सेवानिवृत्ति के अगले दिन प्रभार सौंपा गया। उनके खिलाफ आर्थिक अपराध शाखा में पहले से दो शिकायतें लंबित हैं, जिनका उल्लेख संविदा नियुक्ति के समय नहीं किया गया। जैन को निगम के यांत्रिक शाखा से 30 सितंबर 2023 को सेवानिवृत्त होना था, लेकिन उससे पहले ही उन्होंने स्मार्ट सिटी में अधीक्षण यंत्री के पद के लिए संविदा नियुक्ति के लिए आवेदन कर दिया था।

अधिकारियों ने बिना सेवानिवृत्त हुए जैन को 29 नवंबर 2023 को नियुक्ति आदेश जारी कर दिया था। ईओडब्ल्यू में जैन के खिलाफ शिकायत क्रमांक 156-19 और 107-19 दर्ज की गई हैं। निगम में उनकी सेवा के दौरान भी कई शिकायतें दर्ज की गई थीं, लेकिन इनका जिक्र संविदा नियुक्ति के आवेदन में नहीं किया गया।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+