Bhopal News: सूखी सेवनिया में बिजली चोरी करने वालों के मजे, 500 रुपये में बिना मीटर के मिल रही लाइट
MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बिजली विभाग भले ही घाटे में चल रहा हो, लेकिन इसके अधिकारी और कर्मचारी नियम-कानून की आड़ में लाखों की कमाई कर रहे हैं। इसके लिए आउटसोर्स पर रखे गए कर्मचारियों को विभाग ने खुली छूट दे रखी है।
राजधानी की अवैध कॉलोनियों में बिजली विभाग उपभोक्ताओं को टेम्परेरी कनेक्शन देकर भारी भरकम बिल वसूलने में जुटा है।

क्या है पूरा मामला
भोपाल में अवैध कॉलोनियों में बिजली विभाग स्थायी कनेक्शन देने से इनकार कर देता है। इसके पीछे का कारण बताया जाता है कि कॉलोनी के डेवलपर ने अगर डीपी (डिस्ट्रीब्यूशन प्वाइंट) की व्यवस्था नहीं की है, तो विभाग स्थायी कनेक्शन नहीं देगा। परिणामस्वरूप, इन कॉलोनियों में उपभोक्ताओं को टेम्परेरी मीटर के माध्यम से बिजली का कनेक्शन दिया जाता है, जिसके तहत मनमाने तरीके से बिजली के बिल वसूल किए जाते हैं।

सूखी सेवनिया क्षेत्र की अरेड़ी ग्राम पंचायत की कृष्ण धाम कॉलोनी इसका स्पष्ट उदाहरण है। यहां कई घरों में टेम्परेरी कनेक्शन दिए गए हैं, लेकिन अंडर कंस्ट्रक्शन मकानों में लाइनमैन बिना मीटर के लोगों को बिजली दे रहे हैं। ऐसे में लाइनमैन मात्र 500 रुपए में चोरी की बिजली मुहैया कराते हैं। इससे ईमानदारी से बिजली का बिल भरने वाले उपभोक्ताओं को अधिक बिल चुकाना पड़ता है।

कैसे होती है लूट
चूंकि टेम्परेरी कनेक्शन के मीटर डीपी पर लगाए जाते हैं, इसलिए यह पता नहीं चलता कि किसके मीटर में कितने वायर जुड़े हैं। यही स्थिति बिजली विभाग के कर्मचारियों को लूट का मौका देती है। इस प्रकार, उपभोक्ता अपनी मेहनत की कमाई का एक हिस्सा बिना किसी कारण के खो देते हैं।
अधिकारियों की उदासीनता
इस मुद्दे को लेकर कई बार वन इंडिया हिंदी के ब्यूरो हेड लक्ष्मी नारायण मालवीय ने सुखी सेवनिया सबस्टेशन के AE हेमंत अहिरवार और EE पंकज यादव से बातचीत की है, लेकिन इसके बावजूद बिजली विभाग कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। पंकज यादव तो यह बोलकर मना कर देते हैं कि मुझे मीडिया में बाइट देने का अधिकार नहीं है। हेमंत अहिरवार ने तो बात करने से भी मना कर दिया। इन दोनों अधिकारियों की आंखों के सामने बिजली चोरी हो रही है, लेकिन यह दोनों कोई कार्रवाई नहीं करते है, जिससे स्पष्ट होता है कि बिजली विभाग ने प्राइवेट तौर पर काम कर रहे लाइनमैन मोहन को उपभोक्ताओं को लूटने के लिए छोड़ दिया है।
भोपाल में इस तरह की लूट का खुलासा करना बेहद जरूरी है, ताकि उपभोक्ताओं को उनके हक मिल सकें। सरकार और संबंधित विभागों को इस मामले में गंभीरता से जांच करनी चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि उपभोक्ताओं के अधिकारों का उल्लंघन न हो। यदि यह स्थिति जारी रही, तो इससे न केवल आम जनता का विश्वास बिजली विभाग से उठ जाएगा, बल्कि इसके गंभीर सामाजिक और आर्थिक परिणाम भी होंगे।












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