महंगाई की मार ! पेट्रोल-डीजल के बाद केरोसिन भी हुआ महंगा, इतने Rs मिल रहा प्रति लीटर
सतना, 12 जुलाई। महंगाई की मार अब अतिगरीब पिछड़ा वर्ग परिवारों के घर तक पहुंच गई है। गरीबों का ईंधन माना जाने वाला मिट्टी का तेल अब डीजल से भी महंगा हो गया। डीजल के रेट सतना में 96 रुपए प्रति 1 लीटर तक पहुंच गया है, तो खाद्यान्न दुकानों में मिलने वाला मिट्टी का तेल जुलाई से 101 रुपए प्रति 1 लीटर तक पहुंच गया है।

इस महंगाई से सतना जिले में 818 खाद्यान्न दुकानों के लिए शासकीय समितियों ने 3 माह से मिट्टी तेल का उठाव 1 लीटर भी नहीं किया है। मिट्टी तेल का व्यापार पूरी तरह से खत्म होने से डीलर्स टैंकर भी सरेंडर कर रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि मिट्टी तेल का उपयोग ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र के लोग ही करते हैं। कीमतें महंगी होने से खरीदारी कम कर दी गई है।
आपको बताते चलें कि 2021-22 के केंद्रीय बजट में मिट्टी तेल परसब्सिडी का प्रावधान नहीं था। 1 अप्रेल 2021 से सब्सिडी न मिलने से मिट्टी तेल की कीमत लगातार बढ़ रही हैं। बढ़ी दरों के फेर में पहले कालाबाजारी करने वाले डीलर्स की यह दुकान भी बंद हो गई है। बताया जा रहा है, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत बढ़ने से दाम बढ़े हैं।
डीजल का दाम 96 तो मिट्टी का तेल 101 रुपए लीटर
शासकीय राशन दुकानों में मई में मिट्टी तेल 79 रुपए प्रति 1 लीटर मिल रहा था। जून में 6 रुपए की बढ़ोतरी हुई और रेट 85 रुपए हो गया। जुलाई में 13 रुपए बढ़कर 98 रुपए प्रति लीटर हो गया। डीलर्स से बिलिंग के बाद मिट्टी तेल 99 रुपए व दुकानों में उपभोक्ताओं को 100-101 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से मिलने लगा।
1 साल में 50 रुपए बढ़े दाम
मिट्टी तेल के दाम में जबर्दस्त बढ़ोतरी हुई है। 2 माह में मिट्टी तेल की कीमतें 18 रुपए लीटर बढ़ी हैं। एक साल में 50 रुपए लीटर दाम बढ़े हैं। दाम ज्यादा होने से पीडीएस के लिए समितियां मिट्टी तेल नहीं लेतीं। गरीब परिवार, जिन्हें उज्ज्वला भी नहीं मिला, उन्हें ज्यादा समस्या है।












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