MP: CM मॉनिटर वाली फाइलों में देरी: स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी नहीं बढ़ा रहे काम, 11-13 दिसंबर को बड़ी बैठक
MP News: मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री द्वारा मॉनिटर की जाने वाली बी प्लस फाइलों को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पिछले तीन महीने से लटकाए हुए हैं। इन फाइलों को निपटाने में विभाग की लापरवाही से सरकार की योजनाओं और प्राथमिकताओं को ठंडे बस्ते में डालने की चिंता जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद अधिकारी अपनी मनमानी कर रहे हैं, जिसके कारण प्रदेश में कई महत्वपूर्ण कार्यों में देरी हो रही है।

मुख्यमंत्री की विशेष मॉनिटरिंग वाली ए+ और ए श्रेणी की रुकी हुई डेढ़ हजार से अधिक फाइलों के निपटारे के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय ने आगामी 11, 12 और 13 दिसंबर को एक बड़ी बैठक का आयोजन किया है। मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में प्रदेश के 16 विभागों के प्रमुख सचिव, अपर मुख्य सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी शामिल होंगे, जिनके विभागों में सर्वाधिक मामले पेंडिंग हैं।
बैठक में यह निर्देश दिए गए हैं कि सभी विभाग अपने हालिया मामलों, मुख्यमंत्री की घोषणाओं और प्राथमिकता वाले कार्यों, ट्रांसफर से जुड़े प्रकरणों तथा अन्य लंबित मामलों की ताजा स्थिति के साथ उपस्थित हों। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे बैठक में आने से एक दिन पहले अपनी विभागीय स्थिति रिपोर्ट सीएम सचिव भरत यादव के पास भेजें।
इस बैठक में विशेष रूप से गृह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जीएडी, वन विभाग, जनजातीय कार्य, राजस्व और उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री की यह बैठक विभागों में लंबित मामलों के समाधान के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है, ताकि सरकार की योजनाओं को गति मिल सके और जनता को शीघ्र लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री की बैठक से पहले 344 पेंडिंग मामले, गृह विभाग की फाइलें रोकने का खुलासा
मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री की विशेष मॉनिटरिंग वाली फाइलों को लेकर अधिकारियों की लापरवाही और मनमानी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने 11, 12 और 13 दिसंबर को विभागीय अधिकारियों की बैठक बुलाई है, जिसमें लंबित फाइलों को निपटाने का दबाव डाला जाएगा। बैठक में सबसे ज्यादा, यानी 344 पेंडिंग मामले गृह विभाग के हैं, जिन्हें निपटाने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय ने विशेष समय निर्धारित किया है। गृह विभाग के लिए आधे घंटे का समय रखा गया है, जो सुबह साढ़े 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगा।
इसके बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 162 पेंडिंग मामले हैं, जिनके लिए निर्धारित समय सुबह 12 बजे से 12:30 बजे तक रखा गया है। बाकी आठ विभागों-नगरीय विकास, पीडब्ल्यूडी, स्कूल शिक्षा, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, किसान कल्याण एवं कृषि, जल संसाधन, ऊर्जा और औद्योगिक नीति एवं निवेश विभाग के अधिकारियों को 13 दिसंबर को बैठक में बुलाया गया है। इन विभागों के लिए दो घंटे का समय निर्धारित किया गया है।
सीएम ऑफिस से आई फाइलें अफसरों ने रोकीं
हाल ही में, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री कार्यालय से भेजी गईं कई महत्वपूर्ण फाइलें, जिन्हें मुख्यमंत्री की घोषणाओं और प्राथमिकता वाले मामलों से संबंधित थी, विभागीय अधिकारियों ने जानबूझकर रोक रखी थीं। इन फाइलों को निपटाने में अनावश्यक देरी की जा रही थी, जिससे सरकार की योजनाओं में रुकावट आई थी। लेकिन मीडिया में खबर छपने के बाद इस पर एक्शन हुआ
मुख्यमंत्री कार्यालय ने पुष्टि की कि 9 दिसंबर को ए+ श्रेणी की 123 फाइलों और ए श्रेणी की 190 फाइलों, यानी कुल 313 मामलों को निपटाया गया है। हालांकि, अधिकारियों की ओर से पेंडिंग मामलों की संख्या अभी भी चिंताजनक है और मुख्यमंत्री के कार्यालय ने इन मामलों को शीघ्र निपटाने के लिए कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है।
मुख्यमंत्री द्वारा बुलाए गए इस उच्चस्तरीय बैठक से उम्मीद जताई जा रही है कि लंबित मामलों का निपटारा जल्दी होगा, ताकि सरकार की प्राथमिक योजनाओं को समय पर पूरा किया जा सके और नागरिकों को लाभ मिल सके।












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