Datia News: इंदरगढ़ में सड़क जाम बना काल, किसान को खटिया पर लेकर पहुंचे अस्पताल, डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
Datia Indergarh Traffic Jam: दतिया जिले से एक दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां खेत में करंट लगने से झुलसे 30 वर्षीय युवक की जान समय पर इलाज न मिलने के कारण चली गई।
युवक को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की गई, लेकिन इंदरगढ़ के मुख्य बाजार में लगे भीषण जाम ने रास्ता रोक लिया। हालात ऐसे बने कि परिजनों को युवक को खटिया पर उठाकर करीब एक किलोमीटर पैदल अस्पताल ले जाना पड़ा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

खेत में पानी देते वक्त हुआ हादसा
यह घटना थाना थरेट क्षेत्र के ग्राम पहाड़ी रावत की है। मृतक की पहचान प्रीतनारायण पुत्र पातीराम रावत (30) के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि सोमवार दोपहर प्रीतनारायण खेत पर मोटर पंप चलाकर सिंचाई कर रहा था। इसी दौरान अचानक मोटर या विद्युत तार में करंट फैल गया और वह उसकी चपेट में आ गया। करंट लगते ही युवक खेत में गिर पड़ा और बुरी तरह झुलस गया।
ट्रैक्टर से ले जा रहे थे अस्पताल, जाम में फंसे
हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल युवक को ट्रैक्टर पर लिटाकर इंदरगढ़ अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया। हालांकि जैसे ही वाहन बावरी सरकार मंदिर के पास पहुंचा, वहां पहले से लगे भारी जाम में फंस गया। परिजनों का कहना है कि जाम इतना भीषण था कि वाहन आगे बढ़ ही नहीं सका।
खटिया पर एक किलोमीटर पैदल ले गए
समय तेजी से निकल रहा था और युवक की हालत गंभीर बनी हुई थी। ऐसे में परिजन और ग्रामीणों ने मजबूरी में युवक को ट्रैक्टर से उतारकर खटिया पर लिटाया और करीब एक किलोमीटर पैदल लेकर अस्पताल पहुंचे। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने जांच के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया।
सड़क निर्माण बना जाम की वजह
ग्रामीणों ने इस हादसे के लिए सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि शीतला माता मंदिर के पास चल रहे सड़क निर्माण कार्य के कारण सुबह से ही इंदरगढ़ में जाम की स्थिति बनी हुई थी। न तो ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया और न ही एंबुलेंस या आपात वाहनों के लिए कोई वैकल्पिक रास्ता छोड़ा गया।
पुलिस ने कायम किया मर्ग
घटना की सूचना मिलने पर थाना थरेट पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच की जा रही है।
प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर इंदरगढ़ में लगातार लगने वाले जाम, अव्यवस्थित सड़क निर्माण और आपातकालीन सेवाओं की बदहाली को उजागर कर दिया है। सवाल यह है कि यदि समय पर रास्ता मिल जाता या एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध होती, तो क्या एक युवा किसान की जान बच सकती थी?
गांव में मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जाम की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह अपनों को खोने का दर्द न झेलना पड़े।












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