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बुंदेलखंड की यात्रा के बाद Damodar Yadav का तीखा बयान, “मनुवादी समाज में आग लगाते हैं, संविधानवादी बुझते हैं”

Damodar Yadav: बुंदेलखंड की संकल्प यात्रा पूरी होने के बाद आजाद समाज पार्टी (भीम आर्मी) के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य एवं दलित प्रचंड समाज संगठन (डीपीएसएस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष दामोदर यादव मंडल ने एक बार फिर विवादित और तीखे बयानों से सुर्खियां बटोरी हैं। छतरपुर की विशाल जनसभा के बाद उन्होंने कहा कि "मनुवादी समाज में आग लगाते हैं, संविधानवादी बुझते हैं।"

उन्होंने छतरपुर सभा के लिए जिला प्रशासन और मीडिया का आभार जताया और कहा कि वे जल्द ही फिर छतरपुर आएंगे, जहां आडंबर और पाखंड का खात्मा कर बुंदेलखंड को संविधान की धरती बनाएंगे।

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दामोदर यादव मंडल ने छतरपुर से लौटने के बाद एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा, "बुंदेलखंड की धरती पर संकल्प यात्रा ने दिखा दिया है कि अब समाज जाग रहा है। मनुवादी ताकतें समाज में आग लगाती हैं, जातिवाद और पाखंड फैलाती हैं, लेकिन संविधानवादी लोग उस आग को बुझाते हैं। हम संविधान की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं, और यह लड़ाई निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है।"

छतरपुर सभा को मिला जबरदस्त समर्थन

दामोदर यादव ने छतरपुर की विशाल जनसभा को लेकर जिला प्रशासन और मीडिया का विशेष आभार जताया। उन्होंने कहा, "छतरपुर प्रशासन ने हमें पूरी अनुमति दी, सुरक्षा व्यवस्था की और सभा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। मीडिया ने भी निष्पक्ष कवरेज किया। यह सब संविधान और लोकतंत्र की जीत है।" सभा में हजारों की संख्या में दलित, पिछड़े और वंचित वर्ग के लोग जुटे थे। मंडल ने सभा में आडंबर, पाखंड, अंधविश्वास और जातिवाद पर जमकर प्रहार किया था। उन्होंने कहा था कि शिक्षा और संवैधानिक अधिकार ही समाज को आगे ले जाने का एकमात्र रास्ता हैं।

फिर आएंगे छतरपुर: आडंबर-पाखंड का खात्मा कर संविधान की धरती बनाएंगे बुंदेलखंड

दामोदर यादव ने स्पष्ट संकल्प जताया कि वे जल्द ही फिर छतरपुर आएंगे। उन्होंने कहा, "छतरपुर में अभी बहुत काम बाकी है। आडंबर और पाखंड का खात्मा करना है। बुंदेलखंड को संविधान की धरती बनाना है। यहां बाबासाहेब की प्रतिमा स्थापित होगी, संविधान की रक्षा होगी और जातिवाद की जड़ें उखाड़ी जाएंगी।" उन्होंने कहा कि संकल्प यात्रा अब रुकने वाली नहीं है। यह यात्रा ग्वालियर हाईकोर्ट में बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापना के उद्देश्य से निकाली जा रही है, और बुंदेलखंड में इसका जबरदस्त असर दिख रहा है।

विवादित बयान: मनुवादी आग लगाते हैं, संविधानवादी बुझाते हैं

मंडल का सबसे चर्चित बयान रहा-"मनुवादी समाज में आग लगाते हैं, संविधानवादी बुझते हैं।" उन्होंने कहा कि मनुवादी सोच समाज को बांटती है, जातिवाद फैलाती है और पाखंड को बढ़ावा देती है। वहीं संविधानवादी लोग उस आग को बुझाते हैं और समाज को एकजुट करते हैं। यह बयान छतरपुर में धीरेंद्र शास्त्री (बागेश्वर धाम) के गृह जिले होने के कारण और भी विवादास्पद हो गया है। कुछ धार्मिक संगठनों ने इसे "धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला" बताया है, जबकि दलित-पिछड़े समाज में इसे साहसिक बयान माना जा रहा है।

राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव

छतरपुर की सभा और मंडल के बयानों ने बुंदेलखंड की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। दलित और पिछड़े वोटों पर मजबूत पकड़ रखने वाली बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही इस पर नजर रखे हुए हैं। भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी की सक्रियता बढ़ रही है। स्थानीय स्तर पर कुछ संगठनों ने विरोध जताया है, लेकिन मंडल के समर्थक इसे "सामाजिक क्रांति" का संकेत बता रहे हैं।

दामोदर यादव मंडल ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति या संस्था से नहीं, बल्कि आडंबर, पाखंड और जातिवाद से है। उन्होंने कहा, "हम संविधान की रक्षा करेंगे और बुंदेलखंड को संविधान की धरती बनाएंगे।" यह यात्रा और बयान अब प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ रहे हैं। आने वाले दिनों में मंडल की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

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