मटकी फोड़ कार्यक्रम में पहुंचने पर खंडवा में दलित लड़की को महिलाओं समेत 9 लोगों ने पीटा
एमपी के खंडवा में मटकी फोड़ कार्यक्रम में पहुंचने पर दलित युवती को महिलाओं समेत 9 लोगों ने मिलकर इतना मारा कि उसकी पसली में गंभीर चोट आई है।
खंडवा,23 अगस्त। मध्यप्रदेश में आदिवासी महिलाओं के साथ आए दिन अत्याचार के मामले सामने आते रहते हैं ऐसे ही मामला खंडवा से सामने आया है जहां पर एक दलित युवती को महिलाओं समेत 9 लोगों ने मिलकर इतना मारा कि उसकी पसली में गंभीर चोट आई है। इतना ही नहीं पीड़ित परिवार को आरोपी पक्ष ने समझौते को लेकर जान से मारने की धमकी तक दे डाली। फिलहाल सभी आरोपियों को थाने से जमानत मिल गई। वही खंडवा सहित पूरे मध्यप्रदेश में दलित समाज सोशल मीडिया पर कार्रवाई को लेकर मांग कर रहा है।
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पीड़िता ने सुनाई आपबीती
मामला आदिवासी बहुल क्षेत्र खालवा के भोगांवा गांव है। पीड़ित प्रियंका कटारे ने मीडिया से चर्चा के दौरान बताया कि घटना उस वक्त हुई जब 19 अगस्त को जन्माष्टमी की रात गांव के भीलट बाबा मंदिर के पास मटकी फोड़ का कार्यक्रम चल रहा था। मैं वहां से गुजर रही थी। तभी शारदा क्षमा और राधु माली ने जाति सूचक शब्द कहे और कहा कि यह नीच जाति की लड़की हमारे बीच कैसे आ गई। तब मैंने शारदा से कहा तुम मुझसे भेदभाव कर रही हो इसी बात को लेकर कमला और गणेश ने मुझे गंदी गंदी गाली देने लगे और मेरे साथ मारपीट करने लगे। कार्यक्रम में उमा माली, संतोष माली, गणेश माली कमल माली, सुनीता माली, अनीता माली, क्षमा माली और राधू माली थे। जिन पर पीड़िता ने आरोप लगाया है।

मारपीट की आवाज सुनकर दौड़ी मां और बहन
पीड़िता ने बताया कि शारदा बाई, अनीता बाई और शमा बाई ने लात घूँसों से उसे मारा। इतना ही नहीं वहां पर जितने लोग भी मौजूद थे उन्होंने भी उसके साथ मारपीट की। पीड़िता के चिल्लाने की आवाज सुनकर उसकी बड़ी बहन, मां और रिश्तेदार मौके पर पहुंच गए और पीड़ित लड़की को बचा कर ले आए। आरोपियों ने धमकी देते हुए कहा कि दोबारा कार्यक्रम में मत आना, नहीं तो जान से मार देंगे।

आरोपी पक्ष ने दी जान से मारने की धमकी, तब कराई FIR
नपीड़ित दलित युवती की बड़ी बहन ने बताया कि शुरू में हम लोग इसलिए खामोश रहता कि विवाद आगे ना बढ़ जाए, लेकिन आरोपी पक्ष ने समझौते करने के लिए हम पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। उन्होंने जान से मारने की धमकी दी। जबकि छोटी बहन पसली में आई चोट के कारण दर्द बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। तब हम ने थाने में मामला दर्ज करवाया।

दलित संगठनों में आक्रोश
जैसे इस घटना की खबर दलित संगठनों को लगी तो उन्होंने इस घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। भीम आर्मी के नेता सड़कों पर प्रदर्शन करने की बात कह रहे हैं वहीं उन्होंने खंडवा प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन मामले में निष्पक्ष होकर जांच नहीं कर रहा है।
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