हुजूर विधानसभा में नरेश ज्ञानचंदानी रामेश्वर शर्मा को दे रहे कड़ी टक्कर, पिछला चुनाव 16 हजार वोटों से हारे थे
Bhopal News: मध्य प्रदेश में 17 नवंबर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान डाले जाएंगे, लेकिन उससे पहले राजधानी में कई सीटों पर प्रत्याशियों ने पूरा दमखम लगा दिया है। भोपाल की हुजूर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी नरेश ज्ञानचंदानी भाजपा के मौजूदा विधायक रामेश्वर शर्मा को कड़ी टक्कर देते हुए नजर आ रहे हैं।
दरअसल, नरेश ज्ञानचंदानी 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर लड़े थे और करीब 15,725 वोटों से चुनाव हार गए थे। राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो पिछले चुनाव में नरेश ज्ञानचंदानी को कांग्रेस पार्टी के ही कुछ नेताओं ने चुनाव हरवा दिया था। लेकिन इस बार ज्ञानचंदानी ने 5 साल जमकर मेहनत की है और जिन पोलिंग बूथों पर उन्हें वोट काम मिला था। उन बूथों पर उन्होंने कमर कसली है।

विधायक रामेश्वर शर्मा के एटीट्यूड से स्थानीय रहवासी नाराज
वहीं मौजूदा विधायक रामेश्वर शर्मा के व्यवहार से ग्रामीण क्षेत्र के रहवासी खासा नाराज है। दरअसल, ग्रामीण क्षेत्र के मतदाताओं का कहना है कि जब भी अपने काम लेकर विधायक के बंगले पर जाते हैं तो उन्हें कई घंटों इंतजार करना पड़ता है। इसके बाद सिर्फ काम के नाम पर आश्वासन मिलता है। रामेश्वर शर्मा का बोलचाल भी ग्रामीणों को पसंद नहीं है। हालांकि हुजूर विधानसभा क्षेत्र में विधायक के द्वारा कई विकास कार्यों की सौगात दी गई है। लेकिन शिक्षा और रोजगार और विकास अभी भी इस विधानसभा क्षेत्र का प्रमुख बड़ा मुद्दा है। ऐसे में पिछली बार करीब 15 हजार वोटों से चुनाव हार चुके ज्ञानचंदानी इस बार शर्मा को कड़ी टक्कर दे सकते हैं।
मैनेजमेंट में शर्मा आगे, लेकिन मुद्दों में पीछे
विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मैनेजमेंट करने में मौजूदा विधायक रामेश्वर शर्मा कांग्रेस प्रत्याशी नरेश ज्ञानचंदानी से आगे दिखाई दे रहे हैं। दरअसल, भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने रक्षाबंधन उत्सव के तहत महिलाओं को उपहार भी दिए और मंडल स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं को लुभाने की कोशिश की। लेकिन महंगाई, बेरोजगारी और खराब सड़के जैसे मुद्दे अभी भी हुजूर विधानसभा क्षेत्र में लोगों के भीतर दिखाई देते है। यही वजह है कि मैनेजमेंट में भले ही शर्मा आगे हो, लेकिन मुद्दों पर कहीं ना कहीं वह पिछड़ते हुए नजर आ रहे हैं।
ज्ञानचंदानी सहज सरल और मददगार व्यक्ति
राजनीतिक विश्लेषक डॉ लखन गुरु के अनुसार नरेश ज्ञानचंदानी मौजूदा विधायक शर्मा के मुकाबले बेहद ही सरल, सहज और मिलनसार व्यक्ति हैं वे सभी पत्रकारों से बड़े सम्मान और आदर के साथ मुलाकात करते हैं। वही रामेश्वर शर्मा कुछ गिने-चुने पत्रकारों का ही फोन उठाते हैं। पिछले दो चुनाव की बात करें तो शर्मा को भाजपा से प्रत्याशी होने का फायदा मिला । लेकिन इस बार कांटे का मुकाबला देखा जा रहा है। हुजूर विधानसभा में सिंधी समाज की संख्या अधिक है, ऐसे में इसका फायदा भी नरेश ज्ञानचंदानी को मिल सकता है। ज्ञानचंदानी ने सीरिया युद्ध में फंसे सिंधी समाज के छात्र की वापसी के लिए कड़े प्रयास किए थे। इसके अलावा आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के बावजूद वे लगातार जनता के बीच नजर आते रहे।
राजनीतिक अनुभव में रामेश्वर शर्मा ज्ञानचंदानी से आगे
मौजूदा विधायक रामेश्वर शर्मा की राजनीतिक अनुभव की बात करें तो भोपाल नगर निगम में बतौर पार्षद कार्य कर स्थानीय लोगों से जुड़े रहे। इसके अलावा 2013 और 18 से विधायक निर्वाचित हुए 2013 में करीब 60000 मतों से जीत दर्ज की वही 2018 में करीब 15000 मतों से चुनाव जीतने में सफल रहे। इसके अलावा हिंदुत्व के मुद्दे पर लगातार कांग्रेस और खास तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को घेरते हुए नजर आए। मध्य प्रदेश विधानसभा में बतौर प्रोटेम स्पीकर सबसे अधिक समय तक रहे। वही नरेश ज्ञानचंदानी सिंधी समाज को प्रतिनिधित्व देते नजर आए।












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