MP News: नेशनल हेराल्ड केस में ED के दुरुपयोग पर कांग्रेस का हल्ला बोल, भोपाल में BJP मुख्यालय घेराव की कोशिश
MP News Congress: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज कांग्रेस पार्टी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) के राजनीतिक दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। नेशनल हेराल्ड प्रकरण में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ की गई कार्रवाई को न्यायालय द्वारा अवैध करार दिए जाने के विरोध में यह प्रदर्शन हुआ।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से भाजपा मुख्यालय की ओर घेराव करने निकले, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर और वाटर कैनन का इस्तेमाल कर उन्हें रोक लिया। इस दौरान कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर बसों में भरकर थानों में ले जाया गया। कांग्रेस ने इसे 'लोकतंत्र की हत्या' करार दिया और कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिशें कामयाब नहीं होंगी।

यह प्रदर्शन सुबह 11 बजे से शुरू हुआ और दोपहर तक चला, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने 'ED-ED शर्म करो', 'भाजपा हाय-हाय', 'मोदी सरकार मुर्दाबाद' और 'राहुल गांधी जिंदाबाद' जैसे नारे लगाए। पुलिस की सख्ती के बावजूद कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प लिया और कहा कि संघर्ष जारी रहेगा।
नेशनल हेराल्ड केस क्या है?
नेशनल हेराल्ड प्रकरण 2012 से चला आ रहा है, जिसमें भाजपा सरकार पर आरोप है कि उसने ED और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाया। यह मामला एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) से जुड़ा है, जो नेशनल हेराल्ड अखबार का प्रकाशक है। ED ने सोनिया और राहुल गांधी पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए थे, लेकिन हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट ने इन कार्रवाइयों को दुर्भावनापूर्ण करार दिया और ED की जांच पर सवाल उठाए। कांग्रेस का कहना है कि यह केस राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है, जबकि भाजपा इसे कानूनी प्रक्रिया बताती है। इस फैसले के बाद कांग्रेस ने पूरे देश में विरोध प्रदर्शन शुरू किए हैं, और भोपाल का यह प्रदर्शन उसी कड़ी का हिस्सा है।
बैरिकेड्स, वाटर कैनन और गिरफ्तारियां
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से निकले जुलूस को लिंक रोड पर रोक लिया गया। पुलिस ने बैरिकेड्स लगाए और वाटर कैनन से पानी की बौछारें कीं, जिससे कई कार्यकर्ता भीग गए। इसके बाद कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। सूत्रों के मुताबिक, करीब 200 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया, जिनमें से कुछ को शाम तक रिहा कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन अवैध था और ट्रैफिक बाधित हो रहा था, जबकि कांग्रेस ने इसे दमनकारी नीति बताया।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग अध्यक्ष मुकेश नायक ने कहा, "भाजपा सरकार डर गई है। ED के दुरुपयोग का पर्दाफाश हो चुका है, इसलिए वे विपक्ष को कुचलना चाहते हैं। लेकिन हम नहीं झुकेंगे।"
प्रमुख नेता और कार्यकर्ता: कौन-कौन शामिल हुए?
- जीतू पटवारी: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, जिन्होंने प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
- पी.सी. शर्मा: पूर्व मंत्री, जो नारेबाजी में सबसे आगे थे।
- मुकेश नायक: मीडिया विभाग अध्यक्ष।
- रीना बोरासी सेतिया: महिला कांग्रेस अध्यक्ष।
- विभा पटेल: पूर्व महिला कांग्रेस अध्यक्ष।
- अवनीश भार्गव: सेवादल प्रदेश अध्यक्ष।
- मानक अग्रवाल: पूर्व मीडिया विभाग अध्यक्ष।
- जे.पी. धनोपिया: वरिष्ठ नेता।
- गोविंद गोयल: वरिष्ठ नेता।
- महेंद्र जोशी: प्रशिक्षण विभाग प्रभारी।
- हैदर खान: पूर्व महामंत्री।
- अरुण श्रीवास्तव: भोपाल शहर पूर्व जिला अध्यक्ष।
- प्रदीप अहिरवार: अनुसूचित जाति विभाग अध्यक्ष।
- प्रवीण सक्सेना: भोपाल शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष।
- अनोखी पटेल: जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष।
- मनोज शुक्ला, अमित शर्मा, रविन्द्र साहू: अन्य कांग्रेस नेता।
इनके अलावा बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता, महिला विंग और सेवादल के सदस्य शामिल थे, जो पोस्टर्स और बैनर्स लेकर आए थे। बैनर्स पर 'ED का राजनीतिक दुरुपयोग बंद करो' और 'गांधी परिवार का अपमान बर्दाश्त नहीं' जैसे संदेश लिखे थे।
जीतू पटवारी का तीखा हमला: 'हम राहुल गांधी के बब्बर शेर हैं'
प्रदर्शन के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मीडिया से बातचीत में भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "भाजपा झूठे मुकदमे लगाकर विपक्ष के नेताओं को बदनाम करने का षड्यंत्र कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी और ED का असली चेहरा आज देश के सामने बेनकाब हो चुका है। गांधी परिवार ने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया है-शहादत भी दी है और संपत्ति भी। कांग्रेस पार्टी इन झूठे मामलों से डरने वाली नहीं है। हम जनजागरण करेंगे और भाजपा की सच्चाई को हर नागरिक तक पहुंचाएंगे।"
उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर हमला बोलते हुए कहा, "मुख्यमंत्री मोहन यादव जी, हम राहुल गांधी जी के बब्बर शेर हैं, आपकी लाठी और पानी की बौछार से डरने वाले नहीं।" पटवारी ने आगे कहा कि कांग्रेस पूरे प्रदेश में जनजागरण अभियान चलाएगी और ED-CBI जैसी एजेंसियों के दुरुपयोग के खिलाफ आंदोलन तेज करेगी।
कांग्रेस की आगे की रणनीति: प्रदेशव्यापी आंदोलन
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बयान जारी कर कहा कि लोकतंत्र, संविधान और विपक्ष की आवाज को दबाने के हर प्रयास के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा। आने वाले दिनों में जिला स्तर पर प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे, और गांधी परिवार के समर्थन में रैलियां निकाली जाएंगी। पार्टी ने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करें और जनता को भाजपा की 'दमनकारी नीतियों' से अवगत कराएं।
भाजपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि सरकार इसे कानून-व्यवस्था का मुद्दा मान रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नेशनल हेराल्ड केस का यह फैसला 2028 के विधानसभा चुनावों में बड़ा मुद्दा बन सकता है, क्योंकि यह विपक्ष को एकजुट करने का मौका दे रहा है।












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