बिजली संकट पर ऊर्जा मंत्री तोमर का बड़ा बयान, कहां- विदेश व सड़क मार्ग से भी आएगा कोयला

मध्य प्रदेश में बिजली संकट को लेकर ऊर्जा मंत्री प्रदुम्न सिंह तोमर ने बताया कि थर्मल पॉवर प्लांट में कोयले की कमी हुई है। प्रदेश वासियों को घबराने की जरूरत नहीं है।

भोपाल, 4 मई। मध्य प्रदेश ही नहीं, पूरा देश इस समय कोयले की कमी के कारण बिजली संकट के दौर से गुजर रहा है। मध्य प्रदेश में कोयले की समस्या से निपटने के लिए शिवराज सरकार ने बड़ा फैसला किया है। मध्य प्रदेश के उर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने जानकारी देते हुए बताया कि कोयले की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने अब सड़क मार्ग से कोयला खरीदने की तैयारी कर ली है। इसके लिए सरकार ने 30 लाख मैट्रिक टन कोयला खरीदी का ऑर्डर जारी कर दिया। इसके अलावा विदेशों से भी कोयला मंगवाया जाएगा। साथ ही चार लाख मैट्रिक टन कोयला सड़क मार्ग से लाने का नया ऑर्डर भी जल्दी जारी किया जाएगा।

हमें प्रबंधन करना आता है : ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर

हमें प्रबंधन करना आता है : ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर

ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने कोयले की कमी पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि प्रबंधन करना आना चाहिए। कांग्रेस को प्रबंधन करना नहीं आता इसलिए उसके शासन में बिजली की भारी कटौती होती थी। लेकिन हमें प्रबंधन करना आता है। माननीय मुख्यमंत्री शिवराज जी के मार्गदर्शन में बढ़िया प्रबंधन चल रहा है।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि अभी फिलहाल प्रदेश में बिजली की कोई कमी नहीं है। प्रदेश में थोड़ा बहुत ऊपर नीचे चलता रहता है। कांग्रेस जो 1000 मेगा वॉट की कमी बता रही है, वे पवन ऊर्जा और अन्य स्त्रोतों के माध्यम की वजह से भी हो सकता है। इसमें सरकार का कोई दोष नहीं है, ये सब प्राकृतिक है।

अघोषित बिजली कटौती !

अघोषित बिजली कटौती !

बता दें कि प्रदेश में भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। जबकि प्रदेश में कोयले की भारी कमी हो गई है। हालात ये हैं कि कई ग्रामीण इलाकों में अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। हालांकि सरकार अघोषित बिजली कटौती के दावे से इनकार कर रही है। वहीं इस मुद्दे पर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि सरकार ने कोयले के इंतजाम नहीं किए। ट्रांसपोर्टेशन में घोटाला करने की तैयारी है। अगर प्रदेश में बिजली के हालात सामान्य नहीं हुए तो कांग्रेस पूरे प्रदेश में प्रदर्शन करेगी।

प्रदेश में क्यों बना हुआ है बिजली की कमी का संकट

प्रदेश में क्यों बना हुआ है बिजली की कमी का संकट

दरअसल, प्रदेश में लगातार कोयले की कमी के कारण बिजली उत्पादन कम हो पा रहा है। प्रदेश में रोज 10 से 15 ही रैक कोयले की पहुंच पा रही हैं। कोयले की कमी के कारण थर्मल पावर प्लांट अपनी क्षमता के तहत बिजली का उत्पादन नहीं कर पा रहे हैं। आपको बता दें कि देश में एक दिन पहले बिजली की मांग 12600 मेगा वॉट थी, लेकिन जब उत्पादन की बात करें तो सिर्फ 11400 मेगावाट ही उत्पादन हो पा रहा है। यानी 1200 मेगावाट बिजली की कमी उत्पन्न हो रही है।

कोयले की कमी पर अजीब तर्क

कोयले की कमी पर अजीब तर्क

ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने कोयले की कमी को पूरी तरह से नकारते हुए कहा कि प्रदेश में अगर इस तरह के हालात बनेंगे तो हमें जनता को बताने में कोई दिक्कत नहीं है। जनता को कांग्रेसियों की बातों में नहीं आना चाहिए। पिछले साल भी कांग्रेसियों ने इसी तरह से प्रदेशवासियों को भ्रमित किया था। मंत्री जी यहीं नहीं रुके उन्होंने एक कदम आगे बढ़ते हुए कहा कि हमें सकारात्मक रहना चाहिए। हम सकारात्मक होंगे तो कुछ नहीं होगा।


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