Shivraj News : गोवर्धन पूजा में CM शिवराज ने जमकर बजाया मंजीरा और ताशे, ग्रीन सिटी इंडेक्स का किया शुभारंभ

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गोवर्धन पूजा को पर्व को एक अलग अंदाज में मनाया। इस दौरान मुख्यमंत्री भी एक अलग अंदाज में दिखाई दिए। सीएम ने मंजीरा तो बजाया ही साथ में ताशे पर भी हाथ आजमाया।

यूं तो हर साल मध्यप्रदेश में गोवर्धन पूजा की जाती है, लेकिन इस बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गोवर्धन पूजा को पर्व को एक अलग अंदाज में मनाया। इस दौरान मुख्यमंत्री भी एक अलग अंदाज में दिखाई दिए। सीएम ने मंजीरा तो बजाया ही साथ में ताशे पर भी हाथ आजमाया। बुधवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। साथ ही इस अवसर पर मध्यप्रदेश के 16 नगरीय निकायों में पर्यावरण हितैषी जीवनशैली को आत्मसात करने व परस्पर प्रतिस्पर्धा और रैंकिंग करने के लिए ग्रीन सिटी इंडेक्स का शुभारंभ किया गया। सीएम शिवराज ने बताया कि अंकुर अभियान के तहत पूरे मध्यप्रदेश में लोग 61 लाख से अधिक पौधे अपने जन्मदिन या खुशी के अवसरों पर लगा चुके हैं।

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    गोवर्धन पूजा में CM शिवराज ने जमकर बजाया मंजीरा और ताशे, ग्रीन सिटी इंडेक्स का किया शुभारंभ
    सीएम शिवराज ने मंत्री हरदीप सिंह डंग के साथ बजाया मंजीरा

    सीएम शिवराज ने मंत्री हरदीप सिंह डंग के साथ बजाया मंजीरा

    गोवर्धन पूजा में इस बार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एक अलग अंदाज में नजर आए उन्होंने मंत्री हरदीप सिंह डंग के साथ मंजीरा, ताशे और ढोल बजाकर कार्यक्रम का आनंद लिया। इस मौके पर सीएम शिवराज ने कहा कि एक जमाना होता था जब लोग शेरों का शिकार करते थे और रिकॉर्ड बनाते थे। लेकिन जब शेर नहीं बचे तो वाइल्डलाइफ बोर्ड बना दिया। अब कहा जा रहा है कि शेर लाओ तेंदुआ लाओ। किसान कह रहे हैं कि इन जानवरों से हमारी फसल बचाओ कि सब प्रगति के असंतुलन के कारण हो रहा है। आलोक बोतल से पानी पीते हैं एक घूंट पानी पी और बोतल फेंकी तेरे गांव में लोग लोटा गिलास से पानी पीते थे। अब ग्लास नजर नहीं आते लोग बोतल थमा देते हैं। सीएम ने कहा कि प्रगति को बचाने के लिए हमें जीवन मे बदलाव लाना ही होगा।

    ऋषियों ने कितना सोच समझकर यह गोवर्धन पूजा की बनाई परंपरा

    ऋषियों ने कितना सोच समझकर यह गोवर्धन पूजा की बनाई परंपरा

    सीएम शिवराज ने कहा कि पहले किसान पूरी जमीन पर खेती नहीं करते थे। वह अपने पशुओं के लिए पड़त भूमि छोड़ देते थे ताकि उनके पशुओं को भी घास मिल सके। जिसे आज हम ग्रीन बेल्ट कहते हैं, पहले वह स्वाभाविक रूप से हुआ करती थी। हमारा राष्ट्र अत्यंत प्राचीन व महान है। अगर कोई भारतीय संस्कृति के विषय में मुझसे पूछें कि इसकी सबसे बड़ी विशेषता क्या है तो मैं हमेशा कहता हूँ कि एक ही चेतना सभी में है। इसी लिए कहा गया है कि "आत्मवत् सर्वभूतेषु"। हमारे ऋषियों ने कितना सोच समझकर यह गोवर्धन पूजा की परंपरा बनाई होगी!!

    धरती को बचाना है, तो अपनी जीवन शैली में परिवर्तन लाना होगा : CM

    धरती को बचाना है, तो अपनी जीवन शैली में परिवर्तन लाना होगा : CM

    सीएम शिवराज ने कहा कि अगर कोई मुझसे भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता पूछे तो मैं हमेशा कहूंगा हूं कि एक ही चेतना हम सब में है। हमने पशुओं को भी आत्मभाव के साथ देखा। गौ माता की पूजा तो हम करते ही हैं। हमारे जितने भी अवतार हुए, दशावतार में से तीन तो पशु रूप में ही हुए। यदि कार्बन गैसों का उत्सर्जन ऐसे ही होता रहा, तो धरती का क्या होगा, यह हम समझ सकते हैं। इसलिए धरती को बचाना है, तो अपनी जीवन शैली में परिवर्तन लाना होगा। कम से कम अपने जन्मदिन पर एक पौधा लगा लो। हम देखते हैं कि भरा हुआ पानी का गिलास लोग लेते हैं और कई बार दो घूंट पीकर बाकी पानी छोड़ देते हैं।

    MP में 1 करोड़ 87 लाख से ज्यादा गोवंश : CM

    MP में 1 करोड़ 87 लाख से ज्यादा गोवंश : CM

    गोवर्धन पूजा के मौके पर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में लगभग 1 करोड़ 87 लाख से ज्यादा गोवंश हैं। जबलपुर के गंगईवीर में हम गोवंश वन विहार का प्रारंभ कर रहे हैं, सालारिया में हमने गो-अभ्यारण प्रारंभ किया है। गोवर्धन योजना के अंतर्गत गोबर से सीएनजी निर्माण के लिए इंदौर में काम प्रारंभ हो गया है।

    4 हजार करोड़ रुपये की बचेगी बिजली

    4 हजार करोड़ रुपये की बचेगी बिजली

    सीएम शिवराज ने कहा कि जितना आवश्यक हो, उतना ही पानी लें, ताकि जल की हर बूंद का सदुपयोग हो सके, जीवनशैली में यह परिवर्तन आवश्यक है। वट, वृक्ष, पीपल, नारियल... हमारे यहां पेड़ों की पूजा आज नहीं हजारों साल से होती आ रही है क्योंकि हमने इनको भी आत्मभाव से देखा है। बिजली की जितनी आवश्यकता हो, उतनी ही उपयोग करें, तो लगभग साढ़े 4 हजार करोड़ रुपये की बिजली बचेगी और कार्बन गैसों का उत्सर्जन भी कम होगा।

    गोवर्धन पूजा का कार्यक्रम कोई कर्मकांड नहीं : CM

    गोवर्धन पूजा का कार्यक्रम कोई कर्मकांड नहीं : CM

    सीएम ने कहा कि विश्व मानवता को शांति के पथ पर भारत ही ले जा सकता है। प्रकृति का शोषण मत करो। नदिया हमारे यहां केवल जल वाहिकाएं ही नहीं मानी गई हैं। ये हमारी पवित्र माताएं हैं। इनको हम मां मानकर पूजा करते है। उनके बिना हमारा काम नहीं चल सकता। पीएम नरेंद्र मोदी जी ने मिशन LiFE का कांसेप्ट दुनिया के सामने रखा है। हम मिशन लाइफ (Mission LiFE) सफल करेंगे तो धरती पर लाइफ बचेगी। सीएम ने कहा कि प्रदेशवासियों गंभीर चिंतन के लिए ये गोवर्धन पूजा का कार्यक्रम रखा गया है। ये कोई कर्मकांड नहीं है। हम केवल समस्या की बात नहीं करेंगे बल्कि समस्या का समाधान भी ढूंढेंगे। क्योंकि इस धरती को हमें सुरक्षित बचाए रखना है।

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