MP News: मध्य प्रदेश में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी खरीदना होगा महंगा, 31 मार्च को रजिस्ट्रेशन ऑफिस में भारी भीड़
MP News: मध्य प्रदेश में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री महंगी होने जा रही है, जिसके चलते 31 मार्च को प्रदेशभर के रजिस्ट्रार ऑफिसों में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। लोग इस बदलाव से पहले अपनी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री करवाने के लिए पंजीयन ऑफिसों में घंटों तक इंतजार करते नजर आए।
राजधानी भोपाल में आईएसबीटी और परी बाजार स्थित पंजीयक कार्यालयों में सोमवार को करीब 600 रजिस्ट्रियां हुईं। रात 10 बजे तक लोग अपनी बारी का इंतजार करते रहे, और दफ्तरों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं।

भोपाल में रजिस्ट्री का जोरदार सिलसिला
भोपाल में सोमवार देर रात तक रजिस्ट्री प्रक्रिया जारी रही। दोनों दफ्तरों में लोगों की भीड़ देखी गई, जहां करीब 1312 लोकेशन पर कलेक्टर गाइडलाइन के तहत प्रॉपर्टी की कीमत में औसतन 14 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। वरिष्ठ जिला पंजीयक स्वप्नेश शर्मा के अनुसार, 1 अप्रैल से नई गाइडलाइन के अनुसार प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री की जाएगी, जिसका मतलब है कि प्रॉपर्टी की खरीदारी के दौरान लोगों को अधिक राशि चुकानी पड़ेगी। हालांकि, विरोध और आपत्ति के बाद इस गाइडलाइन में 4% की कमी की गई थी। इस फैसले के बाद रजिस्ट्री कार्यालयों में पिछले कुछ दिनों से भारी भीड़ देखी जा रही थी, खासकर 31 मार्च को।
इंदौर में भी रजिस्ट्रियों का बड़ा आंकड़ा
इंदौर जिले में भी 31 मार्च की रात को पंजीयन कार्यालयों में जबरदस्त हलचल रही। सोमवार रात को इंदौर में 2100 से ज्यादा दस्तावेजों का पंजीयन हो चुका था। वरिष्ठ जिला पंजीयक, इंदौर 1 दीपक कुमार शर्मा के अनुसार, इस वित्तीय वर्ष में कुल 2541 करोड़ की आय हुई है और 1.85 लाख दस्तावेजों का पंजीयन किया गया है। इंदौर जिले का राजस्व लक्ष्य 3077 करोड़ रुपये था, जिसमें 31 मार्च को भारी उछाल देखा गया। यह स्थिति दिखाती है कि लोग नई गाइडलाइन से पहले अपनी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री करवाने के लिए बेताब थे।
जबलपुर और ग्वालियर में भी रजिस्ट्री का भारी दबाव
जबलपुर में भी 31 मार्च को रजिस्ट्री कार्यालयों में भीड़ का आलम था। जिला पंजीयन अधिकारी पवन अहिरवार ने बताया कि रात 9.30 बजे तक 425 रजिस्ट्रियां पूरी हो चुकी थीं और यह संख्या रात 12 बजे तक 475 तक पहुंचने की संभावना थी। इस दिन जबलपुर ने 9 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त किया। जबलपुर जिले में इस वर्ष राजस्व लक्ष्य 557 करोड़ रुपये था, जो 15 मार्च को ही पार कर लिया गया था। अब तक यह आंकड़ा 625 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है, और अनुमान है कि फाइनल आंकड़ा 650 करोड़ रुपये तक जा सकता है।
उज्जैन और ग्वालियर में भी रजिस्ट्री की जबर्दस्त मांग
ग्वालियर में भी भारी रजिस्ट्री देखने को मिली, जहां 500 से अधिक रजिस्ट्रियां हुईं। उज्जैन में भी 300 से ज्यादा रजिस्ट्री हो चुकी थीं। इन जिलों में प्रॉपर्टी के रेट में बढ़ोतरी के कारण लोग अपनी संपत्तियों की रजिस्ट्री करवा रहे थे, ताकि उन्हें अधिक राशि चुकानी न पड़े।
नई गाइडलाइन में प्रॉपर्टी की रेट्स में बढ़ोतरी
यह साफ है कि 1 अप्रैल से मध्य प्रदेश में प्रॉपर्टी रेट्स में बढ़ोतरी हो रही है। भोपाल समेत कई जिलों में प्रॉपर्टी की कीमतें 14 से 21 प्रतिशत तक बढ़ने की संभावना है। इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा, जो प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने की योजना बना रहे थे। सरकार की नई गाइडलाइन के मुताबिक, रजिस्ट्रेशन फीस भी बढ़ाई जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में प्रॉपर्टी की खरीदारी महंगी हो जाएगी।
राज्य सरकार का राजस्व लक्ष्य
मध्य प्रदेश सरकार ने इस वर्ष के लिए कुल 11,350 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य तय किया है। रजिस्ट्री कार्यालयों में चल रहे इस भारी दबाव को देखते हुए यह संभावना जताई जा रही है कि राज्य सरकार का राजस्व लक्ष्य आसानी से पूरा हो जाएगा।












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