Bhopal: सूडान में फंसे कारोबारी जयंत का नाम भारत सरकार की एयरलिफ्ट सूची में शामिल, BJP विधायक ने दी जानकारी
सूडान में हिंसा के कारण भोपाल का रहने वाला युवक जयंत केवलानी वहां फंसा हुआ है। तीसरे दिन भी परिवार वाले दुखी नजर आए, लेकिन अब भारत सरकार की एयरलिफ्ट में जयंत का नाम शामिल होने से उनकी चिंता कम हुई।

सूडान में हिंसा के कारण फंसे भोपाल के बैरागढ़ के रहने वाले जयंत केवलानी का नाम भारत सरकार की उस लिस्ट में शामिल है, जिन्हें सूडान से एयरलिफ्ट किया जाना है। इस खबर से कई दिनों से दुखी परिवार को राहत मिली है। बताया जा रहा है कि ईद के कारण सेना और अर्धसैनिक बलों ने सीजफायर की घोषणा की है। वहां अब युद्ध रुक गया है ऐसे में जयंत के जल्द वापस लौटने की उम्मीद बंधी हुई है।
बता दे पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी इस मामले में टवीट् कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया था। गौरतलब है कि बैरागढ़ का रहने वाला नरेंद्र केवलानी का पुत्र जयंत केवलानी कारोबार के सिलसिले में सूडान गया हुआ था। 20 अप्रैल को उसे वापस भारत आना था। वापसी के 2 दिन पहले ही वहां गृह युद्ध के हालात निर्मित हो गए।
सूडान से जल्द लौटेगा अपना जयंत: भाजपा विधायक
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि संत नगर निवासी जयंत केवलानी को सूडान से सकुशल भारत लाया जाएगा, पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार का विदेश मंत्रालय केवलानी परिवार एवं जयंत के सतत संपर्क में हैं। विगत अनेक दिनों से चिंता में डूबे परिवार के चेहरे पर यह मुस्कान देखकर हम सभी को बड़ी राहत मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निरंतर प्रयासों से जयंत जल्द हमारे बीच होगा।
चने और तुअर दाल का कारोबार करता है जयंत
जयंत के परिजनों ने बताया कि वो 20 अप्रैल को सूडान से दुबई लौटने वाला था। तभी वहां लड़ाई शुरू हो गई और वो वहां फंस गया। जयंत चने और तुअर दाल का इंपोर्ट-एक्सपोर्ट का कारोबार करता है। उसका परिवार भोपाल के संतनगर (बैरागढ़) में रहता है। परिवार वालों ने बताया कि डेढ़ महीने पहले वे सूडान में कारोबार के लिए गया हुआ था। 20 अप्रैल को लौटना था, लेकिन 15 अप्रैल को लड़ाई शुरू हो गई और वह फंस गया।
करीब डेढ़ हजार भारतीय फंसे
सूडान की राजधानी खार्तूम में करीब डेढ़ हजार भारतीय फंसे हुए हैं। इनमें भोपाल के 23 वर्षीय युवा कारोबारी जयंत केलवानी भी शामिल है। सूडान में फंसे लोगों का कहना है कि यहां यूक्रेन-रूस युद्ध से भी ज्यादा स्थिति गंभीर हो रही है। घरों के अंदर तक खतरा मंडरा रहा है। दरअसल खार्तूम में स्थानीय लोगों के पास खाने-पीने का सामान नहीं बचा है। जब उनके पास सामान खत्म हो जाएगा तो वह बिल्डिंगों में घुस जाएंगे। फिर से लूटपाट शुरू हो जाएगी।
सूडान में क्यों हो रही लड़ाई
बाताया जा रहा है कि सूडान में सेना और अर्धसैनिक बल (RSF) के बीच ये लड़ाई हो रही है, जिसने साथ मिलकर साल 2019 में राष्ट्रपति उमर अल-बशीर की सरकार का तख्तापलट किया था। लेकिन, अब दोनों के बीच इसलिए संघर्ष शुरू हो गया है, क्योंकि ये दोनों अब सत्ता पर अपना-अपना नियंत्रण चाहती हैं। दोनों को ये लगता है, कि जो भी सत्ता से दूर होगा, उसका अस्तित्व खत्म हो जाएगा। लिहाजा, पिछले कई महीनों से दोनों के बीच भारी तनाव था, जो अब संघर्ष में बदल गया है।












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