क्या सच में BJP विधायक संजय पाठक ने फहराया उल्टा तिरंगा? SDM ने दिए जांच के आदेश, जानिए पूरी खबर | MP News|
MP News BJP: मध्य प्रदेश के कटनी जिले में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एक विवाद ने सियासी हलकों में तूफान खड़ा कर दिया है। विजयराघवगढ़ से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक और पूर्व मंत्री संजय सत्येंद्र पाठक पर आरोप है कि उन्होंने 15 अगस्त 2025 को विजयराघवगढ़ किले पर राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) उल्टा फहराया और उसे सलामी भी दी।
इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस, ने इसे राष्ट्रीय ध्वज का अपमान बताते हुए तीखा हमला बोला है। कटनी के SDM ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं।

जानिए पूरी घटना
15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर संजय पाठक ने कटनी जिले के विजयराघवगढ़ किले पर आयोजित एक समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। यह किला स्वतंत्रता संग्राम के नायक राजा सरयू प्रसाद का ऐतिहासिक स्थल है, जिसके कारण इस स्थान का विशेष महत्व है। समारोह के दौरान पाठक ने तिरंगा फहराया और उसे सलामी दी, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और तस्वीरों में दावा किया गया कि तिरंगा उल्टा फहराया गया, यानी हरा रंग ऊपर और केसरिया रंग नीचे था।
एक्स पर कई यूजर्स ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे राष्ट्रीय ध्वज का अपमान बताया। "पूर्व मंत्री और BJP विधायक संजय पाठक की राष्ट्रभक्ति का नकलीपन देखिए, स्वतंत्रता दिवस पर उल्टा ध्वज फहरा दिया! स्वतंत्रता संग्राम के नायक राजा सरयू प्रसाद के किले में हुई यह घटना अत्यंत शर्मनाक है!"
SDM ने दिए जांच के आदेश
घटना के बाद कटनी के उपखंड मजिस्ट्रेट (SDM) ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश जारी किए हैं। SDM ने अपने बयान में कहा, "राष्ट्रीय ध्वज को उल्टा फहराना न केवल प्रोटोकॉल का उल्लंघन है, बल्कि यह राष्ट्रीय सम्मान का अपमान भी है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" जांच में यह पता लगाया जाएगा कि क्या वाकई तिरंगा उल्टा फहराया गया और इसके पीछे की परिस्थितियाँ क्या थीं।
"मध्यप्रदेश के कटनी जिले में स्वतंत्रता दिवस पर पूर्व मंत्री एवं विधायक संजय पाठक ने विजयराघवगढ़ किले पर उल्टा तिरंगा फहरा दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने उल्टे झंडे को सलामी भी दी। SDM ने जांच के आदेश दे दिए हैं।"
संजय पाठक का पक्ष
संजय पाठक ने इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, उनके समर्थकों का कहना है कि यह एक मानवीय भूल हो सकती है और इसे जानबूझकर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान बताना गलत है। कुछ स्थानीय BJP नेताओं ने दावा किया कि वायरल तस्वीरों और वीडियो को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है, और यह विपक्ष की साजिश है। इस तरह के दावे पहले भी सामने आए हैं, जैसे गोवा में BJP विधायक सुभाष फालदेसाई के मामले में, जहाँ उन्होंने दावा किया था कि उल्टे झंडे की तस्वीर को "शरारती तत्वों" ने फोटोशॉप किया था।
विपक्ष का तीखा हमला
कांग्रेस ने इस घटना को लेकर संजय पाठक और BJP पर तीखा हमला बोला है। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने इसे "राष्ट्रभक्ति का ढोंग" करार देते हुए कहा कि यह घटना BJP के "दोगले चरित्र" को उजागर करती है। @KrishnaMohanSha ने अपने पोस्ट में लिखा, "BJP के राज में हर नियमों को रौंदकर निकलने जा रहे संजय पाठक द्वारा राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया गया।"
कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि संजय पाठक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और राष्ट्रीय ध्वज के अपमान के लिए उन पर कानूनी मुकदमा दर्ज किया जाए।
राष्ट्रीय ध्वज का अपमान: कानूनी प्रावधान
राष्ट्रीय ध्वज को उल्टा फहराना 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971' (Prevention of Insults to National Honour Act, 1971) के तहत अपराध माना जाता है। इस अधिनियम की धारा 2 के तहत राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने पर तीन साल तक की जेल, जुर्माना, या दोनों की सजा हो सकती है। इसके अलावा, 'भारतीय ध्वज संहिता, 2002' में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि तिरंगे को हमेशा केसरिया रंग ऊपर और हरा रंग नीचे रखकर फहराया जाना चाहिए।
इस तरह की घटनाएँ पहले भी विवाद का विषय बन चुकी हैं। उदाहरण के लिए, 2021 में केरल BJP अध्यक्ष के. सुरेंद्रन पर तिरंगा उल्टा फहराने का आरोप लगा था, जिसके बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
संजय पाठक का विवादों से नाता
- संजय पाठक मध्य प्रदेश के एक प्रभावशाली BJP विधायक हैं, जो विजयराघवगढ़ से तीन बार विधायक चुने गए हैं। वह पहले कांग्रेस में थे और 2014 में BJP में शामिल हुए। पाठक पहले भी कई विवादों में रहे हैं:
- 2024 में आधार कार्ड छेड़छाड़: पाठक ने दावा किया था कि उनके आधार कार्ड का पता कटनी से बदलकर पंजाब के जीरकपुर कर दिया गया, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी।
- 2025 में अवैध खनन का मामला: उनकी खनन कंपनियों पर अवैध उत्खनन के लिए 443 करोड़ रुपये की वसूली का आरोप लगा था।
- 2023 में विवादित बयान: पाठक ने एक बयान में पूछा था, "पाकिस्तानी है क्या?" जिसे लेकर विवाद हुआ था।
जांच का इंतजार
SDM की जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि क्या यह घटना जानबूझकर हुई या अनजाने में हुई गलती थी। अगर जांच में पाठक की गलती साबित होती है, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। BJP के लिए यह मामला सियासी रूप से नुकसानदायक साबित हो सकता है, क्योंकि विपक्ष इसे राष्ट्रीय सम्मान से जोड़कर बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है।












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