भोपाल में किन्नर समुदाय में डर का माहौल क्यों, जानिए कैसे 25 से ज्यादा किन्नर तीन दिन से एक कमरे में बंद
MP News Bhopal: सागर जिले में धर्म परिवर्तन के आरोपों के बाद अब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी किन्नर समुदाय के भीतर गंभीर विवाद और भय का माहौल सामने आया है। शहर के एक मोहल्ले में किन्नर समुदाय के करीब 25 से 30 लोग पिछले तीन दिनों से एक ही कमरे में बंद रहने को मजबूर हैं।
इन लोगों का आरोप है कि किन्नर समुदाय की ही एक प्रभावशाली शख्सियत सुरैया नायक द्वारा उन पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया जा रहा था। आरोपों के सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और समुदाय के भीतर गहरा डर व्याप्त है।

क्या है पूरा मामला: दबाव, धमकी और हिंसा के आरोप
पीड़ितों के अनुसार, सुरैया नायक नाम की किन्नर पिछले कुछ महीनों से समुदाय के सदस्यों पर ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बना रही थीं। नाम न छापने की शर्त पर कई किन्नरों ने बताया कि धर्म परिवर्तन से इनकार करने पर उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। आरोप है कि विरोध करने वालों को लोहे की रॉड से पीटा गया, नवरात्रि के उपवास तोड़ने का दबाव बनाया गया और यहां तक कि गौमांस खिलाने की कोशिश भी की गई। इनकार करने पर जान से मारने की धमकियां देने के भी आरोप लगाए गए हैं।
"डर के मारे चुप रहे, अब बाहर निकलना भी मुश्किल"
एक किन्नर ने भावुक होते हुए बताया, "सुरैया दीदी कहती थीं कि ईसाई बन जाओ तो बीमारी ठीक हो जाएगी, पैसा मिलेगा और सुख-शांति आएगी। जो मना करता था, उसे पीटा जाता था। हम डर के मारे लंबे समय तक चुप रहे। अब हालत यह है कि जान का खतरा लग रहा है, इसलिए बाहर निकलने की हिम्मत नहीं हो रही।"
पुलिस में शिकायत, लेकिन कार्रवाई पर सवाल
किन्नर समुदाय के सदस्यों का कहना है कि उन्होंने पूरे मामले की शिकायत संबंधित थाने में दी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। एक पीड़ित ने आरोप लगाया, "सुरैया नायक का इलाके में प्रभाव बताया जाता है। वे दावा करती हैं कि उनके बड़े संपर्क हैं और पुलिस उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी।" वहीं पुलिस का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच की जा रही है।
सागर जिले के मामले से जुड़ता डर
भोपाल के इस घटनाक्रम की तुलना सागर जिले में सामने आए धर्म परिवर्तन के आरोपों से की जा रही है। सागर में भी कथित तौर पर लालच और दबाव के जरिए धर्म परिवर्तन कराने के आरोप लगे थे। भोपाल के किन्नरों का कहना है कि यह कोई एकल घटना नहीं, बल्कि संगठित साजिश हो सकती है। उन्हें डर है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
"हम पहले ही हाशिए पर हैं, अब अपने ही असुरक्षित कर रहे"
किन्नर समुदाय के एक वरिष्ठ सदस्य ने कहा, "हमारा समुदाय पहले से ही समाज में हाशिए पर है। सम्मान और सुरक्षा के लिए हम रोज संघर्ष करते हैं। अब अगर हमारे ही लोग धर्म परिवर्तन के नाम पर दबाव और हिंसा करेंगे, तो यह बेहद दुखद और खतरनाक स्थिति है।"
सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया
इस घटना के सामने आने के बाद भोपाल में किन्नर समुदाय से जुड़े संगठनों और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। एक सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा, "यह सिर्फ धर्म परिवर्तन का मामला नहीं है, बल्कि यह दबाव, हिंसा और मानसिक शोषण से जुड़ा गंभीर विषय है। पुलिस और प्रशासन को बिना किसी दबाव के निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए।"
पुलिस और प्रशासन का पक्ष
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा और सम्मान का सवाल फिर खड़ा
भोपाल की यह घटना एक बार फिर किन्नर समुदाय की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों पर सवाल खड़े कर रही है। भय के कारण कई लोग खुलकर सामने आने से कतरा रहे हैं। समुदाय के भीतर असुरक्षा और अविश्वास का माहौल है, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई है।












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