भोपाल में घर खरीदना पड़ेगा महंगा! 621 लोकेशन्स पर गाइडलाइन रेट बढ़ाने का प्रस्ताव, रजिस्ट्री खर्च बढ़ेगा
Bhopal Property Rate Hike: राजधानी भोपाल में अब प्रॉपर्टी खरीदना और महंगा होने वाला है। जिला मूल्यांकन समिति ने 621 प्रमुख लोकेशन्स पर प्रॉपर्टी की गाइडलाइन दरें (circle rates) बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है। यह प्रस्ताव पिछले 11 महीनों में दूसरी बार दरें बढ़ाने की तैयारी है।
पिछले साल (2025 में) 1,312 लोकेशन्स पर औसतन 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी। इस बार भी कई प्राइम और तेजी से विकसित हो रहे इलाकों में रेट में 10 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी प्रस्तावित है। इससे रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी का खर्च सीधे बढ़ेगा, जो खरीदारों पर भारी पड़ सकता है।

कौन-कौन से इलाके प्रभावित होंगे?
- जिला मूल्यांकन समिति के प्रस्ताव में शामिल प्रमुख लोकेशन्स में शामिल हैं:
- कोलार रोड और इसके आसपास के क्षेत्र (कोलार, कोलार रोड एक्सटेंशन, न्यू कोलार)
- अयोध्या बायपास और बायपास से जुड़े इलाके (अयोध्या नगर एक्सटेंशन, बायपास रोड)
- हबीबगंज, एमपी नगर, अरेरा कॉलोनी, श्यामला हिल्स जैसे सेंट्रल लोकेशन
- कटारा हिल्स, लाल घाटी, बैरागढ़, गोविंदपुरा, बागमुगलिया
- होशंगाबाद रोड, कटारा हिल्स एक्सटेंशन, सनराइज हिल्स
- सिविल लाइंस, अरुण विहार, शाहपुरा, ई-8 एक्सटेंशन
- बाग सेवनिया, एमपी नगर एक्सटेंशन, विजय नगर
इन इलाकों में पिछले 2-3 वर्षों में रियल एस्टेट में तेजी आई है। नए अपार्टमेंट प्रोजेक्ट्स, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और रिहायशी कॉलोनियां तेजी से विकसित हो रही हैं। इसी वजह से सरकार ने गाइडलाइन रेट बढ़ाने का फैसला लिया है ताकि रजिस्ट्री मूल्य बाजार मूल्य के करीब आए और राजस्व में वृद्धि हो।
पिछले साल की बढ़ोतरी और इस बार का प्रस्ताव
पिछले साल (2025 में) प्रदेश भर में 1,312 लोकेशन्स पर औसतन 11% की बढ़ोतरी की गई थी। भोपाल में कई इलाकों में 15-20% तक रेट बढ़े थे। इस बार भी प्रस्तावित बढ़ोतरी 10 से 25 प्रतिशत तक बताई जा रही है। हालांकि अंतिम निर्णय जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में होगा।
खरीदारों पर क्या असर पड़ेगा?
रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी का खर्च सीधे बढ़ेगा (स्टांप ड्यूटी प्रॉपर्टी वैल्यू का 5-7% होती है)।
नए फ्लैट, प्लॉट और घर खरीदने वालों पर 10-25% अतिरिक्त बोझ आ सकता है।
रियल एस्टेट मार्केट में कीमतों में और तेजी आ सकती है, क्योंकि डेवलपर्स गाइडलाइन रेट बढ़ने पर अपनी कीमतें भी बढ़ा देते हैं। पुरानी प्रॉपर्टी बेचने वालों को फायदा हो सकता है, क्योंकि बाजार मूल्य बढ़ेगा।
सरकार का तर्क और विरोध
सरकार का कहना है कि गाइडलाइन रेट बाजार मूल्य के करीब लाने से काला धन रुकता है और राजस्व बढ़ता है। साथ ही रियल एस्टेट में पारदर्शिता आती है।
विपक्ष और रियल एस्टेट एसोसिएशन ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है। उनका कहना है कि बढ़ोतरी से मध्यम वर्ग के लिए घर खरीदना और मुश्किल हो जाएगा। भोपाल में रियल एस्टेट एसोसिएशन ने कहा है कि 10-25% बढ़ोतरी बहुत ज्यादा है और इससे बिक्री प्रभावित होगी।
आगे क्या?
जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगेगी। यदि पास हुआ तो नए रेट 1 अप्रैल 2026 से लागू हो सकते हैं। भोपाल में प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बना रहे लोग जल्दी निर्णय ले सकते हैं, क्योंकि रेट बढ़ने के बाद खर्च और बढ़ जाएगा।
यह प्रस्ताव भोपाल के रियल एस्टेट मार्केट में बड़ा बदलाव ला सकता है। कोलार, अयोध्या बायपास जैसे तेजी से विकसित हो रहे इलाकों में अब घर-फ्लैट खरीदना और महंगा होने वाला है।












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