Bhopal News: पुलिस का बड़ा खुलासा: हरियाणा का कुख्यात ‘बचपन वाला चोर’ गिरफ्तार, 6 बड़ी नकबजनियां सॉल्व
भोपाल पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए अंतरराज्यीय नकबजन विजेन्द्र उर्फ बन्टू (46 वर्ष) को इंदौर से धर-दबोचा। आरोपी ने मई 2025 में अयोध्यानगर थाना क्षेत्र के मीनाल रेसीडेंसी में 6 नकबजनियां की थीं, जिनका पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने 150 ग्राम सोने के जेवर, करीब 1 किलो चांदी के आभूषण, एक एक्टिवा स्कूटी सहित कुल लगभग 20 लाख रुपये का मशरूका बरामद कर लिया।
आरोपी पर राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में चोरी-नकबजनी के 28 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। वह बचपन से ही अपराध की दुनिया में सक्रिय है।

पुलिस आयुक्त भोपाल हरिनारायणचारी मिश्र और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अवधेश गोस्वामी के सख्त निर्देशों पर चल रही मुहिम में यह बड़ी सफलता मिली है। डीसीपी जोन-2 विवेक सिंह के नेतृत्व में थाना अयोध्यानगर की टीम ने आरोपी को इंदौर से पकड़ा और पूछताछ में 6 घटनाओं का खुलासा करवाया।
कैसे काम करता था शातिर नकबजन?
आरोपी विजेन्द्र उर्फ बन्टू दिन में सुनसान मकान या ताला लगे घरों की रेकी करता था। वह गूगल मैप पराकर इलाके को चिह्नित कर लेता था। रात के अंधेरे में मकान की पिछली दीवार में सुराख कर अंदर घुसता और सोने-चांदी के जेवरात, नकदी व अन्य कीमती सामान पार कर लेता था। वह अलग-अलग राज्यों में ठिकाना बदलता रहता था। वर्तमान में उसका पता महाराष्ट्र के अमरावती में था।
पुलिस के अनुसार, वह पुरानी गाड़ियां खरीदने-बेचने का काम बताता था, लेकिन असल में चोरी का माल बेचकर ही गुजारा करता था।
आरोपी का आपराधिक इतिहास: 28 से ज्यादा मामले, ज्यादातर राजस्थान में
- - नाम: विजेन्द्र उर्फ बन्टू पिता भीम सिंह जांगीड़
- - उम्र: 46 वर्ष
- - मूल निवासी: ग्राम भिण्डवासा, थाना बैरी, जिला झज्जर (हरियाणा)
- - शिक्षा: मात्र 5वीं पास
उस पर दर्ज प्रमुख मामले:
- - 2006 से 2025 तक राजस्थान (जयपुर, झुंझुनू, सीकर, नागौर), हरियाणा, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में चोरी, नकबजनी, NDPS और आर्म्स एक्ट के 28 से अधिक मामले।
- - भोपाल में ही मीनाल रेसीडेंसी की 6 घटनाओं में अपराध क्रमांक 204/25, 205/25, 236/25, 269/25, 272/25 और 274/25 दर्ज हैं।
- - हाल ही में आगर मालवा और इंदौर में भी उसके खिलाफ मामले दर्ज हुए थे।
पुलिस की कार्रवाई कैसे हुई?
मई 2025 में मीनाल रेसीडेंसी में लगातार चोरियों की वारदातों के बाद पुलिस ने स्पेशल टीम गठित की थी। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी सहायता और मुखबिर तंत्र के जरिए आरोपी की तलाश की जा रही थी। इंदौर में उसकी लोकेशन मिलते ही टीम ने दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने 6 घटनाओं को कबूल किया और माल छिपाने की जगह बताई।
डीसीपी जोन-2 विवेक सिंह ने बताया, "आरोपी बहुत शातिर था। वह एक राज्य में वारदात कर दूसरे राज्य में चला जाता था। अब उसके पुराने साथियों की भी तलाश की जा रही है।"
सराहनीय भूमिका निभाने वाली टीम
- थाना प्रभारी निरीक्षक महेश लिल्हारे के नेतृत्व में:
- - उ.नि. जयवीर सिंह
- - सउनि. अजीम शेर खान
- - प्र.आर. मनीष मिश्रा, राजेन्द्र राजपूत, अमित व्यास, बृजेश सिंह, रूपेश जादौन
- - आरक्षक प्रदीप दामले, राजेन्द्र साहू, भूपेन्द्र उईके
- - महिला आरक्षक पल्लवी शर्मा (साइबर सेल)
भोपाल में चोरी-नकबजनी पर लगाम की मुहिम तेज
पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्र ने कहा, "नगरीय क्षेत्र में संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम और शत-प्रतिशत बरामदगी हमारा लक्ष्य है। इस तरह के अंतरराज्यीय गैंग पर नकेल कसने के लिए सभी जोन में विशेष टीमें गठित हैं।"
पिछले एक महीने में ही भोपाल पुलिस ने चोरी-नकबजनी के 20 से ज्यादा मामलों का खुलासा कर 1 करोड़ से अधिक का माल बरामद किया है।
अपराधी कितना भी शातिर हो, कानून के हाथ लंबे हैं
विजेन्द्र उर्फ बन्टू की गिरफ्तारी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि तकनीक और मेहनत से कोई अपराधी बच नहीं सकता। पीड़ित परिवारों को उनका सामान वापस मिलने से राहत है। पुलिस अब उसके पुराने साथियों और माल खरीदने वालों के नेटवर्क पर शिकंजा कसने की तैयारी में है।
वनइंडिया हिंदी इस तरह की खबरों पर नजर बनाए हुए है। घर से बाहर जाते समय दरवाजे-खिड़कियां मजबूत करें, सीसीटीवी लगवाएं और संदिग्ध व्यक्ति दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
(रिपोर्ट: वनइंडिया हिंदी, भोपाल ब्यूरो।












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