Bhopal में गोहत्या पर बवाल: आधी रात सड़कों पर उतरे सैकड़ों लोग, रासुका लगाने की मांग से बढ़ा तनाव
Bhopal Gauhatya Protest: भोपाल में गोहत्या और गोमांस तस्करी के मामलों को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। बुधवार (19 मार्च 2026) रात करीब 12:30 बजे हिंदू समाज के सैकड़ों कार्यकर्ता और आम नागरिक सड़कों पर उतर आए। हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच के बैनर तले प्रदर्शनकारियों ने कालीघाट मंदिर के पास नवरात्रि के दौरान गौ माता की हत्या और फेंकने की घटना को सोची-समझी साजिश बताते हुए प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) लगाने, तत्काल गिरफ्तारी और उनकी संपत्ति की जांच की मांग की। पुलिस ने स्थिति को काबू में करने के लिए भारी बल तैनात किया और प्रदर्शन को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त कराया।

घटना का विवरण और प्रदर्शन की वजह
प्रदर्शन की मुख्य वजह हाल ही में भोपाल के कालीघाट मंदिर के पास नवरात्रि के दौरान गौ माता की हत्या और शव फेंकने की घटना है। हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि यह घटना धार्मिक भावनाओं को आहत करने और शहर का माहौल खराब करने की सुनियोजित साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि गोहत्या के आरोपी संगठित तरीके से काम कर रहे हैं और प्रशासन की नाकामी से उनका हौसला बढ़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों की मांग
- गोहत्या और गोमांस तस्करी के सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
- मुख्य आरोपियों पर रासुका (NSA) लगाया जाए।
- संदिग्ध तस्करों की संपत्ति और फंडिंग की जांच हो।
- गोहत्या रोकने के लिए सख्त निगरानी और स्पेशल टास्क फोर्स गठित की जाए।
- कालीघाट मंदिर परिसर में सीसीटीवी और सुरक्षा बढ़ाई जाए।
प्रदर्शन शाम 11 बजे से शुरू हुआ और रात 1 बजे तक चला। कार्यकर्ता होशंगाबाद रोड, एमपी नगर और रोशनपुरा चौराहे पर जमा हुए। नारेबाजी के बीच "गौ माता की हत्या बंद करो", "रासुका लगाओ", "गोहत्या पर सजा दो" जैसे स्लोगन लगाए गए। पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए लाठीचार्ज से बचते हुए प्रदर्शनकारियों को समझाया और शांतिपूर्ण तरीके से घर भेजा।
हिंदू संगठनों का बयान
हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा: "नवरात्रि जैसे पवित्र समय में गौ माता की हत्या और शव फेंकना धार्मिक भावनाओं पर हमला है। प्रशासन अगर कार्रवाई नहीं करता तो हिंदू समाज चुप नहीं बैठेगा। हमने एसपी को ज्ञापन सौंपा है। अगर आरोपियों पर रासुका नहीं लगा तो हम बड़े आंदोलन की ओर बढ़ेंगे।"
संस्कृति बचाओ मंच के सदस्यों ने भी कहा कि भोपाल में गोहत्या के कई मामले सामने आए हैं, लेकिन कार्रवाई नाममात्र की हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ तस्कर राजनीतिक संरक्षण में हैं।
पुलिस और प्रशासन का रुख
एसपी भोपाल ने कहा कि गोहत्या के सभी मामलों में जांच चल रही है। कालीघाट मंदिर घटना में भी FIR दर्ज है और आरोपी की तलाश की जा रही है। प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति शांत की गई। रासुका लगाने की मांग पर उन्होंने कहा कि यह जिला मजिस्ट्रेट स्तर का मामला है, जिस पर विचार किया जाएगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और कानून अपने हाथ में न लें।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
भाजपा नेताओं ने प्रदर्शन का समर्थन किया और सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस ने कहा कि गोहत्या रोकना सबकी जिम्मेदारी है, लेकिन राजनीतिक रंग न दिया जाए। यह घटना भोपाल में गोहत्या और धार्मिक भावनाओं के मुद्दे को फिर से गरमा रही है। अगर रासुका या सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो हिंदू संगठनों के आंदोलन की आशंका बढ़ गई है। पुलिस और प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
वन इंडिया हिंदी - ग्राउंड जीरो से रिपोर्ट।












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