MP News: भोपाल में ब्लैकमेलिंग और कथित फर्जी वीडियो गैंग का खुलासा, पूर्व रेलवे कर्मचारी राजेश तिवारी गिरफ्तार
Bhopal News: राजधानी भोपाल के निशातपुरा क्षेत्र में पुलिस ने कथित ब्लैकमेलिंग और फर्जी वीडियो बनाकर उगाही करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया है। पुलिस ने पूर्व रेलवे कर्मचारी और खुद को सोशल मीडिया "इन्फ्लुएंसर" बताने वाले राजेश तिवारी को कथित रूप से 3 लाख रुपये की उगाही मांगते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास से लगभग 2 ग्राम एमडी ड्रग्स (मेथिलीन डायऑक्सी मेथएम्फेटामाइन) और एक अवैध हथियार भी बरामद किया गया। आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, जिसमें कई वीडियो, चैट और दस्तावेज मिलने की बात कही जा रही है।

शिकायत के बाद बिछाया गया जाल
निशातपुरा पुलिस के मुताबिक, 26 फरवरी को जहांगीराबाद निवासी शाहजेब खान उर्फ जिब्बी ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि राजेश तिवारी सोशल मीडिया पर उनके और उनके परिचित असलम उर्फ "चमड़ा" के खिलाफ कथित रूप से गोमांस तस्करी और भू-माफिया से जुड़े फर्जी वीडियो प्रसारित कर रहा था।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी ने बदनाम न करने के बदले 3 लाख रुपये की मांग की थी। पुलिस के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद एक ट्रैप प्लान किया गया।
शनिवार को तय स्थान पर आरोपी को रकम देने के लिए बुलाया गया। पुलिस का कहना है कि मुलाकात के दौरान आरोपी ने 50 हजार रुपये नकद लिए और कुल 1.5 लाख रुपये मिलने की पुष्टि की। इसी दौरान पहले से तैनात पुलिस टीम ने उसे मौके से हिरासत में ले लिया।
वायरल वीडियो में क्या दिख रहा है?
गिरफ्तारी के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। पुलिस का कहना है कि यह वीडियो शिकायतकर्ता ने कथित रूप से सबूत के तौर पर रिकॉर्ड किया था।
वीडियो में दो व्यक्तियों के बीच पैसों को लेकर बातचीत सुनाई देती है। कथित रूप से आरोपी कहता सुनाई देता है कि "पूरा आज ही कर देता तो अच्छा होता," जबकि दूसरा व्यक्ति भुगतान में देरी का हवाला देता है। वीडियो में अखबार में लिपटी नोटों की गड्डी दिखाई देती है, जिसे गिनते हुए 50 हजार रुपये बताए जाते हैं। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वीडियो की प्रामाणिकता और संदर्भ की फोरेंसिक जांच की जा रही है।
अन्य गंभीर आरोप भी जांच में
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इनमें एक महिला से दुष्कर्म और हत्या के प्रयास से जुड़ा मामला भी शामिल बताया जा रहा है। हालांकि इन मामलों में न्यायिक प्रक्रिया जारी है और आरोप सिद्ध होना बाकी है।
पुलिस का दावा है कि आरोपी खुद को विभिन्न "गैंग" का खुलासा करने वाला बताकर सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करता था और कथित रूप से प्रभावशाली या आर्थिक रूप से सक्षम व्यक्तियों को निशाना बनाकर ब्लैकमेलिंग करता था।
बरामदगी: ड्रग्स और हथियार
निशातपुरा थाना प्रभारी के अनुसार, तलाशी के दौरान आरोपी के पास से लगभग 2 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई। इसके अलावा एक कथित अवैध हथियार भी जब्त किया गया है। बरामद मादक पदार्थ की जांच के लिए नमूने फोरेंसिक लैब भेजे गए हैं।
किन धाराओं में मामला दर्ज?
- पुलिस ने आरोपी के खिलाफ निम्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है:
- भारतीय दंड संहिता की धारा 384 (उगाही)
- धारा 506 (आपराधिक धमकी)
- धारा 420 (धोखाधड़ी)
- एनडीपीएस एक्ट (मादक पदार्थ बरामदगी के संबंध में)
- आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराएं
मोबाइल फोन और डिजिटल डिवाइस से प्राप्त डेटा की फोरेंसिक जांच जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी के नेटवर्क में अन्य लोग शामिल तो नहीं हैं।
पुलिस की अपील
पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया या अन्य माध्यम से ब्लैकमेलिंग, फर्जी वीडियो बनाकर बदनाम करने या धन उगाही का प्रयास किया जाता है, तो तत्काल पुलिस से संपर्क करें। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है।
निशातपुरा क्षेत्र में हुई यह कार्रवाई राजधानी में बढ़ती साइबर-ब्लैकमेलिंग और फर्जी डिजिटल कंटेंट के जरिए उगाही की घटनाओं की ओर संकेत करती है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो पाएगी। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक आरोपी को दोषी नहीं माना जा सकता।












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