भोपाल में धर्मांतरण और देह व्यापार के आरोपों में घिरीं अमरीन-आफरीन बहनें, कामवाली बाई के खुलासों से खुली परतें
Bhopal News Bagsewania: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सामने आए हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट और कथित धर्मांतरण नेटवर्क मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं।
बागसेवनिया इलाके की पॉश कॉलोनी सागर रॉयल विला कॉलोनी में किराए के फ्लैट से संचालित हो रही संदिग्ध गतिविधियों को लेकर अब कॉलोनी के रहवासियों और फ्लैट में काम करने वाली महिला ने चौंकाने वाले बयान दिए हैं।

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी बहनें अमरीन और आफरीन पिछले करीब तीन वर्षों से यहां रहकर कथित रूप से युवतियों को फंसाने, शोषण और देह व्यापार से जुड़ी गतिविधियां संचालित कर रही थीं।
शाम ढलते ही शुरू हो जाती थी आवाजाही
कॉलोनीवासियों के मुताबिक, जैसे ही शाम होती थी, अमरीन के फ्लैट पर अजनबी लोगों की आवाजाही शुरू हो जाती थी। रहवासियों का दावा है कि रोज नए चेहरे फ्लैट में आते थे। देर रात 2 से 3 बजे तक दरवाजे खुलते-बंद रहते थे। कई बार आधी रात के बाद भी गाड़ियों का आना-जाना जारी रहता था। अमरीन सी-स्टार अपार्टमेंट के चौथे फ्लोर स्थित फ्लैट नंबर 301 में रह रही थी। उसके साथ उसकी छोटी बेटी और प्रेमी चंदन यादव भी रहता था, जबकि बहन आफरीन और मां का समय-समय पर आना-जाना लगा रहता था।
कामवाली बाई ने खोली असली कहानी
फ्लैट में काम करने वाली बाई ने पुलिस को बताया कि लगभग हर दिन अलग-अलग लोग वहां आते थे। जब भी पूछा जाता, अमरीन उन्हें "रिश्तेदार" या "दोस्त" बताकर बात टाल देती थी। बाई का कहना है - "इतने रिश्तेदार रोज कैसे आ सकते हैं? हर दिन नए लोग आते थे और माहौल सामान्य नहीं लगता था।"
पड़ोसियों की रातें हुईं खराब
तीसरे फ्लोर पर रहने वाले एक युवक ने बताया कि वह रात में पढ़ाई करता था और अक्सर रात 12 बजे से सुबह 4-5 बजे तक फ्लैट से झगड़े और बहस की आवाजें आती थीं। जब कई बार विरोध करने पड़ोसी फ्लैट तक पहुंचे तो हर बार नए लोग मौजूद मिले। पहचान पूछने पर कभी फूफा-फूफी, तो कभी चाचा-चाची बताकर बात टाल दी जाती थी।
शिकायतें हुईं, लेकिन कार्रवाई नहीं
कॉलोनीवासियों ने सोसायटी प्रबंधन से कई बार शिकायत की, लेकिन उन्हें बताया गया कि किरायेदार पुलिस वेरिफाइड हैं। रहवासियों का आरोप है कि पार्किंग में देर रात तक संदिग्ध गाड़ियां खड़ी रहती थीं। खिड़की से कचरा फेंका जाता था। आए दिन झगड़े होते थे। इसके बावजूद लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
अहमदाबाद तक पहुंची जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए बागसेवनिया पुलिस आरोपी अमरीन और उसके प्रेमी चंदन यादव को लेकर अहमदाबाद पहुंची है। यहां जुहापुरा क्षेत्र स्थित फ्लैट समेत अन्य संभावित ठिकानों की तलाशी ली जा रही है। पुलिस अब उन स्थानों की भी जांच कर रही है जहां कथित रूप से पीड़िताओं के साथ अपराध किए गए। दोनों आरोपितों को फिलहाल 1 मार्च तक पुलिस रिमांड पर रखा गया है।
दुष्कर्म केस में फंसाने का आरोप
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि अमरीन पर कई लोगों को झूठे दुष्कर्म मामलों में फंसाने के आरोप भी लगे हैं।ऐसा ही एक मामला कोहेफिजा थाने में दर्ज बताया जा रहा है, जिसकी फाइल अब दोबारा जांच के दायरे में लाई गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब तक मिले साक्ष्यों से सेक्स रैकेट संचालन के संकेत मिले हैं और कई पीड़िताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
कई शहरों तक फैले नेटवर्क की आशंका
जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह नेटवर्क केवल भोपाल तक सीमित नहीं था, बल्कि अन्य शहरों से भी कनेक्शन जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब - वित्तीय लेन-देन, कॉल डिटेल, संपर्कों का नेटवर्क, अन्य पीड़िताओं की पहचान जैसे पहलुओं पर गहन जांच कर रही है।
पॉश कॉलोनी में चलता रहा खेल, किसी को भनक नहीं
सबसे बड़ा सवाल यह है कि राजधानी की पॉश कॉलोनी में तीन साल तक संदिग्ध गतिविधियां चलती रहीं और मामला तब सामने आया जब पुलिस कार्रवाई हुई। अब कॉलोनीवासी भी हैरान हैं कि आखिर इतने लंबे समय तक यह नेटवर्क कैसे सक्रिय रहा। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे संभव हैं।












Click it and Unblock the Notifications