Bhopal AIIMS: कैंसर रोगी की छाती काटकर पेट बाहर निकाला, डॉक्टर ने बनाई आर्टिफिशियल आहार नली
भोपाल में आन्कोलॉजी विभाग के डॉक्टर ने आहार नली में कैंसर से जूझ रहे मरीज का संक्रमित हिस्से को हटाने का सफल ऑपरेशन किया है।

राजधानी भोपाल में एक बार फिर एम्स हॉस्पिटल में एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। यहां मरीज की छाती काटकर पहले फेफड़ों को अलग किया गया। इसके बाद दिल के पीछे से खराब आहार नली से लेकर पेट तक को बाहर निकाला किया गया। फिर नई आर्टिफिशियल आहार नली बनाई गई। यह नली व्यक्ति की बड़ी आंत से बनाई गई है। इस जटिल ऑपरेशन को सफल बनाने में 7 विशेषज्ञों की टीम लगी।
सर्जिकल आन्कोलॉजी विभाग में 28 मार्च को कैंसर से पीड़ित एक 48 वर्षीय पुरुष ये सर्जरी गई है। डॉक्टर ने बताया कि आहार नली में यह रोग एडवांस स्टेज पर था। जिससे मरीज तरल पदार्थ पीने में भी असमर्थ था। मरीज की कीमोथैरेपी की गई और इलाज का बहुत अच्छा परिणाम मिला। धीरे-धीरे रोगी पहले तरल और फिर ठोस आहार खाने लगा। रोगी को रोजाना 5 किलोमीटर पैदल चलने और स्पाईरोमेटरी एक्सरसाइज करने की सलाह दी गई। कीमोथेरेपी के 4 कोर्स के बाद सर्जरी की योजना बनाई गई।
4 घंटे चला ऑपरेशन
रोगी की गर्दन का ऑपरेशन कर मूल आहार नली के साथ कृत्रिम आहार नली डाली गई। डॉक्टर ने बताया कि इस ऑपरेशन में करीब 4 घंटे का समय लगा। मरीज को 1 दिन आईसीयू में रखा गया। इस जटिल प्रक्रिया में छाती के ऑपरेशन के लिए थोरैसिक सर्जन की, पेट के लिए गैस्ट्रो सर्जन की और गर्दन के लिए ENT सर्जन की भूमिका रही। वही एक आन्कोलॉजिस्ट एंडोस्कोपी के लिए एक मेडिकल गैस्ट्रोलॉजी और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ शामिल हुए।
कैंसर की पहचान कम खर्चे में और जल्द होगी
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से कैंसर की पहचान जल्द की जा सकेगी और इसका खर्चा भी कम होगा। भोपाल एम्स में कार्यक्रम के दौरान पुणे के चिंचवाड के वन सेल डायग्नोस्टिक में चिकित्सा निदेशक डॉक्टर चितरंजन बोस ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से कैंसर की पहचान वर्तमान में होने वाले टेस्ट से 5 गुना जल्द हो सकेगी और इसका खर्चा भी कम होगा। उन्होंने कहा कि हाल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का पता लगाया गया था। इस तकनीक की मदद से कैंसर की खोज दर में वृद्धि होगी। हालांकि अभी भी कई बाधाओं को दूर करना बाकी है।












Click it and Unblock the Notifications