Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Bhopal News: SBI बैंक मैनेजर ने ही लगवा दिया 69 करोड़ रुपये का चूना, पर्सनल लोन दिलाने वाले 21 पर मामला दर्ज

Bhopal SBI Bank News: राजधानी भोपाल के साकेत नगर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बैंक मैनेजर द्वारा कई लोगों के साथ मिलकर SBI को करीब 69 करोड़ रुपये का चूना लगाने का मामला सामने आया है। एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक की शिकायत के बाद मध्य प्रदेश आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (e.o.w.) ने साकेत नगर शाखा के बैंक प्रबंधक के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है।

ईओडब्ल्यू की जांच में खुलासा हुआ है कि बैंक प्रबंधक ने केंद्रीय संस्थानों के फर्जी कर्मचारी बने लोगों को कम और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लाखों रुपए का पर्सनल लोन बांट दिया अब इस मामले में EOW आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी।

Bank manager in Saket Nagar SBI branch cheated Rs 69 crore in personal loan

सिबिल स्कोर ठीक नहीं, इसके बावजूद दिया लोन

शाखा प्रबंधक ने इन लोगों को लोन देते समय आंखों पर पट्टी बांध ली थी, दरअसल लोन लेने वालों में 12 लोग ट्राइडेंट लिमिटेड बुधनी में कार्यरत थे, जबकि उन्होंने कर्ज लेने के लिए दस्तावेजों में कूटरचित वेतन पर्ची और परिचय पत्र लगाए थे। इनकी सिविल रिपोर्ट ठीक नहीं होने और ऋण की पात्रता नहीं होने के बाद भी कर्ज स्वीकृत किया गया था।

ऐसे की गड़बड़ी: फर्जी दस्तावेज और आईडी कार्ड पर दिया ₹69 करोड़ रुपये का पर्सनल लोन

स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया एसबीआई की भोपाल स्थित साकेत नगर शाखा में पर्सनल लोन में बड़ा फर्जी बड़ा करके 14 लोगों ने फर्जी दस्तावेज और आईडी कार्ड लगाकर पर्सनल लोन ले लिया। खास बात यह है कि पूरे फर्जी बड़े में बैंक मैनेजर पर गंभीर आरोप लगे हैं। बैंक को करीब 69 करोड़ रुपए का चूना लगाया गया है। आरोपी की बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक सुनील चौरे ने कर्ज लेने वालों के दस्तावेज देखे बिना उन्हें ऋण स्वीकृत कर दिया।

जांच में अटका रहा फर्जीवाड़ा का मामला

एसबीआई प्रबंधन के अनुसार यह फर्जीवाड़ा का मामला जून से अक्टूबर 2020 के बीच का है। एसबीआई की जांच में गड़बड़ी सामने आने के बाद क्षेत्रीय प्रबंधक परेड़ा ने इसकी शिकायत ईओडब्ल्यू में दर्ज कराई थी। इसकी जांच उप पुलिस अधीक्षक अतुल चौबे ने की। जांच में पाया गया कि शाखा प्रबंधक सुनील चौरे ने अपनी पद स्थापना के दौरान कुटरचित दस्तावेजों के आधार पर 14 ऐसे लोगों को ऋण स्वीकृत किए, जो एसबीआई की जांच में फर्जी पाए गए।

दस्तावेजों की भी नहीं कराई जांच

शाखा प्रबंधक ने कर्ज धारकों के दस्तावेजों की जांच भी आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से नहीं कराई। बाद में आउटसोर्स एजेंसी रिद्धि कॉरपोरेट सर्विस से फर्जी सत्यापन रिपोर्ट तैयार कर कर फाइल में लगाई गई। बैंक के साथ धोखाधड़ी के आरोप में सुनील चौरे को आरोपी बनाया गया है। अधिकतर आरोपी भोपाल के रहने वाले हैं।

एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक माधवानंद परेरा ने 3 जनवरी 2022 में इसकी शिकायत मध्य प्रदेश आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ईओडब्ल्यू में की थी। इसके अनुसार शाखा प्रबंधक ने कर्ज धारकों के दस्तावेजों की जांच भी आउट सोर्स एजेंसी के माध्यम से नहीं कराई। बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने कर्ज लेने वालों के दस्तावेज देखे बिना उन्हें ऋण स्वीकृत कर दिया। शिकायत के बाद करीब डेढ़ साल बाद इस मामले में एक्शन लिया गया है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+