Bhopal News: जर्जर मकानों पर प्रशासन करेगा कार्रवाई, मंत्री कृष्णा गौर ने अधिकारियों के साथ की बैठक
मध्य प्रदेश में प्रशासन जर्जर हुए मकानों को लेकर जाग चुका है, इसलिए अब उसने सत्य कार्रवाई करने का फैसला कर लिया है। दरअसल, पहले भी कई जर्जर मकानों को लेकर प्रशासन में नोटिस तो जारी किए लेकिन उनको खाली करने में प्रशासन असमर्थ रहा। लेकिन अब नगरी प्रशासन आयुक्त भारत यादव ने सख्त निर्देश दिए हैं।
मध्य प्रदेश में बारिश के दौरान दीवारें गिरने से हुए जान-माल के नुकसान को देखते हुए नगरीय विकास और आवास विभाग ने शहरी क्षेत्र के सभी निकाय प्रमुखों को जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

आयुक्त नगरीय विकास, भरत यादव ने कहा है कि निकाय सिर्फ नोटिस जारी करने पर न रुकें, बल्कि जर्जर और खतरनाक भवनों में रह रहे परिवारों की सुरक्षित व्यवस्थापन का प्रबंध भी करें। किसी भी स्थिति में जान-माल का नुकसान नहीं होना चाहिए।
भोपाल में जर्जर मकानों को गिराने को लेकर पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री कृष्णा गौर ने अधिकारियों की बैठक भी ली है। आयुक्त यादव के निर्देश में कहा गया है कि यदि किसी जर्जर या खतरनाक भवन में परिवार या व्यक्ति निवास कर रहा है, तो जिला प्रशासन की मदद से उनके व्यवस्थापन की प्रक्रिया शुरू की जाए। यदि परिवार जर्जर भवन खाली नहीं कर रहा है, तो भवन के विद्युत और जल कनेक्शन काटकर जिला और पुलिस प्रशासन के सहयोग से व्यवस्थापन किया जाए।
आयुक्त यादव ने कहा है कि नगरीय प्रशासन और विकास विभाग द्वारा जून माह में इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। नगर पालिका अधिनियम 1956 की धारा 309 और 310 तथा मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 221 के तहत जर्जर भवनों पर कार्रवाई का प्रावधान है।
यादव ने स्पष्ट किया है कि जनधन हानि को रोकने के लिए अधिनियम की धाराओं के अनुसार निरंतर कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने नगरीय निकायों को निर्देश दिया है कि जीर्ण-शीर्ण भवनों के संबंध में केवल सूचना पत्र जारी करने तक सीमित न रहें, बल्कि पूरी तरह से उचित कार्रवाई करें। जर्जर निजी या सरकारी भवनों को जारी किए गए नोटिस की सूचना और सूची जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए।
पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री कृष्णा गौर ने भोपाल के अधिकारियों के साथ इस मामले पर बैठक की है। उन्होंने निर्देश दिए कि जर्जर मकानों की पहचान कर उनके निवासियों के लिए पुनर्वास की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही जर्जर मकानों को गिराने की कार्रवाई भी की जाए।
राज्य मंत्री गौर ने एसडीएम रवि श्रीवास्तव को आदेश दिया कि वे अधिकारियों के साथ मिलकर गोविंदपुरा क्षेत्र की विभिन्न कॉलोनियों में पुराने मकानों का सर्वेक्षण करें और जर्जर भवनों की पहचान करें। पहचान के बाद, इन भवनों में रहने वाले निवासियों को पुनर्वासित कर जर्जर मकानों को तकनीकी परीक्षण के आधार पर गिराने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान जर्जर मकानों के क्षतिग्रस्त होने से होने वाले संभावित नुकसान को देखते हुए यह कार्रवाई प्राथमिकता के साथ की जाए।












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