Bareilly News: रामनवमी पर खेत से निकली हनुमान जी की प्रतिमा, ग्रामीणों ने बताया चमत्कार, बनेगा मंदिर
Bareilly News: बरेली जिले के इज्जतनगर थाना क्षेत्र के रूपापुर बढ़ेपुरा गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक किसान के खेत की खुदाई के दौरान रामनवमी के दिन हनुमान जी की एक प्रतिमा निकली। प्रतिमा मिलते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर उमड़ पड़ी और पूजा-अर्चना शुरू हो गई। लोगों ने इसे दैवीय संकेत मानते हुए चढ़ावा चढ़ाना शुरू कर दिया।
किसान मोतीराम गंगवार, जिनके खेत में यह प्रतिमा मिली, ने बताया कि वे लंबे समय से हनुमान जी (बालाजी महाराज) की सेवा करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि वर्षों से हनुमान जी उनके सपनों में आकर मंदिर निर्माण की बात कह रहे थे। इसी विश्वास के साथ उन्होंने रामनवमी के अवसर पर गांव के शिव मंदिर परिसर में बालाजी मंदिर की नींव रखी थी।

मोतीराम के अनुसार जैसे ही उन्होंने मंदिर निर्माण की शुरुआत की, उनका शरीर एकाएक ऐंठने लगा और वे तेजी से अपने खेत की ओर दौड़ पड़े। यह देखकर ग्रामीण भी उनके पीछे-पीछे खेत की ओर गए। वहां पहुंचकर मोतीराम ने खुदाई शुरू की और थोड़ी ही देर में जमीन से हनुमान जी की प्रतिमा निकल आई।
खेत से निकली प्रतिमा को ग्रामीणों ने बताया चमत्कार
ग्रामीणों ने बताया कि यह घटना किसी चमत्कार से कम नहीं थी। प्रतिमा लगभग चार फीट ऊंची है और बहुत ही प्राचीन प्रतीत हो रही है। घटना की खबर तेजी से फैलने लगी और देखते ही देखते आसपास के गांवों से भी लोग दर्शन करने के लिए खेत की ओर आने लगे।
कुछ ही घंटों में वहां एक छोटा सा मेला जैसा माहौल बन गया। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सभी श्रद्धा में लीन होकर प्रतिमा के सामने पूजा कर रहे थे। कुछ लोगों ने पैसे चढ़ाए तो कुछ ने फूल और प्रसाद अर्पित किया।
शिव मंदिर परिसर में स्थापित हुई प्रतिमा
लगभग तीन घंटे के भीतर ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से प्रतिमा को उठाकर पास के प्राचीन शिव मंदिर परिसर में ले जाकर स्थापित कर दिया। गांववालों का कहना है कि अब इसी स्थान पर बालाजी महाराज का भव्य मंदिर बनाया जाएगा।
गांव में इस घटना के बाद से ही मंदिर निर्माण को लेकर उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों ने चंदा एकत्र करना शुरू कर दिया है और मंदिर निर्माण समिति भी बना ली गई है। कई स्थानीय लोग और सामाजिक संस्थाएं भी सहयोग के लिए आगे आई हैं।
मोतीराम का कहना है कि यह सिर्फ एक प्रतिमा नहीं, बल्कि गांव के लिए भगवान की कृपा है। वे चाहते हैं कि आने वाले समय में यहां एक ऐसा मंदिर बने जो आस्था और श्रद्धा का केंद्र बने और दूर-दूर से लोग दर्शन करने आएं।
धार्मिक आस्था के साथ जुड़ा जनविश्वास
इस घटना को लेकर ग्रामीणों के बीच धार्मिक आस्था को लेकर खूब चर्चा हो रही है। रामनवमी के दिन खेत से प्रतिमा का निकलना और वह भी ठीक उसी समय जब मंदिर की नींव रखी गई थी, इसे लोग भगवान की मर्जी मान रहे हैं। गांव की महिलाओं ने अखंड रामायण और कीर्तन शुरू कर दी हैं।












Click it and Unblock the Notifications