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बाराबंकी: कागजों में ODF घोषित कर दिया जिला, आज भी खुले में शौच जाने को मजबूर हैं महिलाएं

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Barabanki news, बाराबंकी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद बाराबंकी जिला ओडीएफ तो घोषित कर दिया गया, लेकिन अगर धरातल पर नजर डालें तो ज्यादातर गांवों में आज भी शौचालय अधूरे हैं। जहां शौचालय बन भी गए हैं, वहां लोग उसका प्रयोग न करके खुले में शौच जा रहे हैं। कागजों पर भले ही लक्ष्य को पूरा दिखाकर जिला ओडीएफ हो गया हो, लेकिन जिस मकसद से इसे लागू किया गया, वह पूरा नहीं हुआ।

बिना शौचालय बनाए गांवों को ओडीएफ घोषित किया

बिना शौचालय बनाए गांवों को ओडीएफ घोषित किया

स्वच्छ भारत मिशन योजना की मंशा थी, गांवों को शौचमुक्त करना। इसके लिए सरकार ने करोड़ों रुपए का बजट दिया, लेकिन बाराबंकी जिले में बिना शौचालय बनाए ही कई गांवों को ओडीएफ घोषित कर दिया गया। कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है जिले में देवा ब्लॉक के मामापुर गांव से, जहां गांव को ओडीएफ तो घोषित कर दिया लेकिन हकीकत ये है कि इस गांव में अभी तक पूरे शौचालय नहीं बने हैं। गांव के अधिकतर लोगों को अभी भी खुले मैदान में शौच के लिए जाना पड़ता है। वहीं, ग्राम प्रधान का आरोप है कि बिना मुझे जानकारी दिए ब्लॉक के कर्मचारियों ने जबरदस्ती इस गांव को ओडीएफ घोषित कर दिया और गांव के अंदर खुले में शौच मुक्त का बोर्ड लगा दिया।

खुले में शौच जाने को मजबूर महिलाएं

खुले में शौच जाने को मजबूर महिलाएं

गांव की महिलाओं ने बताया कि वे लोग अभी भी खुले में शौच के लिए जाने को मजबूर हैं। कई बार शौचालयों की मांग की, लेकिन इसके बाद भी हमें सुविधा नहीं दी जा रही। बड़ी संख्या में ग्रामीण बाहर शौच करने के लिए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में शौचालय की कमी के कारण जब दूसरे शौचालय में महिलाएं जाती हैं, तो लोग उन्हें भगा देते हैं। शौचालय की कमी के कारण उनको काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

340 शौचालय की जरूरत, सिर्फ 40 ही मिले

340 शौचालय की जरूरत, सिर्फ 40 ही मिले

वहीं, इस मामले में ग्राम प्रधान स्माइल सेका कहना है कि गांव में पूरे शौचालय न बनने के बावजूद इसे खुले में शौच मुक्त घोषित कर दिया गया। प्रधान ने बताया कि ब्लॉक के कर्मचारियों उसे इस बारे में कोई जानकारी भी नहीं दी। इस्माइल ने बताया कि यह गांव मुख्यालय से मात्र 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस गांव में कुल 999 लोगों की आबादी पर 340 शौचालय की मांग की गई थी, लेकिन गांव में सिर्फ 40 शौचालय ही मिले। जबकि 12 शौचालय का निर्माण उन्होंने ग्राम पंचायत के मद से बनवाए।

जांच के बाद होगी कार्रवाई

जांच के बाद होगी कार्रवाई

वहीं, इस मामले में बाराबंकी की मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) मेधा रूपम का कहना है कि यह मामला मेरे संज्ञान में अभी आया है। इसमें पूरी जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। गांव से अगर ओडीएफ की रिपोर्ट आ चुकी है और शौचालय अभी भी अपूर्ण हैं तो यह बहुत खेद की बात है, लेकिन यह अभी जांच का विषय है। जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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English summary
uttar pradesh barabanki villages declared odf without toilets
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