बाराबंकी: सरकारी स्कूलों में चार हजार लड़कों को बांट दिए लड़कियों के जूते
बाराबंकी। जिले के परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को जूते-मोजे बांटे जाने के मामले में बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां चार हजार से अधिक लड़कों को लड़कियों के जूते बांट दिए गए। जब लड़कों ने इसकी शिकायत अपने टीचरों से की तो मामला सामने आया। अब इन जूतों को आपूर्ति करने वाली कंपनी को वापस भेजने की कार्रवाई शुरू की गई है। हालांकि, खंड शिक्षा अधिकारी शालिनी गुप्ता का कहना है कि, कंपनी ने लड़कों की तुलना में लड़कियों के लिए जूते अधिक भेज दिए थे। जिन्हें बदला जाएगा।

जिले में तीन लाख से अधिक बच्चे रजिस्टर्ड
जिले में कुल 2171 प्राथमिक और 847 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। जिनमें 3 लाख 37 हजार 716 बच्चों का रजिस्ट्रेशन है। इन बच्चों के जूतों के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों की तरफ से डिमांड भेजकर जूते मंगाए गए थे। इसके बाद जिला मुख्यालय से सभी खंड शिक्षा अधिकारियों के पास जूते भेजे गए, लेकिन अधिकारियों ने बच्चों को जूते बांटने में बड़ी लापरवाही की। यहां के सिरौलीगौसपुर ब्लॉक क्षेत्र के स्कूलों में मिले जूते जब लड़कों ने पहने तो पता चला कि वह तो लड़कियों के जूते हैं। जब इस बारे में स्कूलों से शिकायत मिली तो बीईओ ने बीएसए को जानकारी दी और बच्चों से जूते वापस लिए गए। अकेले सिरौलीगौसपुर ब्लाक क्षेत्र में स्कूलों से चार हजार जूतों की वापसी कराई जा रही है।

अधिकारी ने यह कहा
सिरौलीगौसपुर ब्लॉक की बीईओ शालिनी गुप्ता ने बताया कि उनके क्षेत्र में करीब चार हजार लड़कों को जूते इसलिए नहीं मिल सके क्योंकि उनकी जगह पर लड़कियों के जूते आ गए। इस बारे में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को बताया गया है और लड़कियों के जूते वापस करके लड़कों के जूते मंगवाने की कार्रवाई की जा रही है।












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