योगाथन में 18 लाख लोगों ने एक साथ किया योग
बेंगलुरु। आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा आयोजित चुनौति जिसका शीर्षक था, ‘‘योगाथन 2014‘‘ के लिये 1.8 मिलीयन लोगों ने 108 सूर्य नमस्कार करने के लिये एकत्रित हुये। संस्था द्वारा यह योगाथन की श्रृंखला विश्व भर में आयोजित की जाती है। तीन दिन पूर्व ही यूएन द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय दिवस घोषित किया है।

भारत के 28 राज्यों में लगभग 3380 केंद्रो पर स्वास्थ्य के लिये योग को बहुउपयोगी बताने के लिये यह आयोजन किया गया था- जो केद्र चुने गये उनमें से प्रमुख हैं- स्कूल,काॅलेज, सार्वजनिक उद्यान, स्टेडियम, कारागर और रिहेबिलिटेशन केंद्रो से लेकर माल्स और अनाथाश्रम और क्लब तक को इसमें सम्मिलित किया गया। आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर कहते हैंः ‘‘भारत देश में योग का जन्म हुआ और इसे कक्षा से लेकर हर स्थान तक पंहुचाना हमारी जिम्मेदारी है। इस से युवाओं को बंदूक और हिंसा से हटाया जा सकता है।‘‘
पूरे भारत के लगभग 2050 शैक्षणिक संस्थानों ने इस चुनौति को पूर्ण उत्साह के साथ स्वीकार किया, इस में स्कूल और विद्यालय दोनो ही शामिल हैं। आर्ट आॅफ लिविंग के हजारों प्रशिक्षक और स्वयंसेवकों ने इस आयोजन का नेतृत्व किया।

योग की इस चनौति में भाग लेने वालों की श्रेणी उत्साह से पूर्ण तो थी ही, साथ ही आनंद से पूर्ण भी थीः उदयपुर के अंधे बालक, 9950 रक्षा सेना, पुलिस सेना, 100 कारागरों से 18000 कैदी, आईआईटी तक इस श्रेणी के हिस्सा थे, ने योग को प्रचारित करने में भारत भर में योगदान दिया।

इस आयोजन में बुढ़े और बालकों ने एक समान भाग लिया। प्रदीप सांगवान जिन्होनें इस आयोजन में 108 राउंड्स सूर्य नमस्कार के पूरे किये और ‘‘गोल्ड सर्टिफिकेट‘‘ प्राप्त किया ने कहा कि वे बहुत उत्साही और प्रसन्न अनुभव कर रहे हैं। ‘‘मुझे लगता कि मैने अपने सारे बैरियर तोड़ दिये हैं।‘‘ आर. पटनायक उम्र 60, जिन्होंने 80 राउंड्स पूरे करने पर ‘‘स्पिरिट ऑफ योग‘‘ का सर्टिफिकेट प्राप्त किया ने कहा, ‘‘मेरी आयु में 80 राउंड्स पूरा करना अपने आप में एक उपलब्धि है।‘‘

और वही एक 10 वर्षीय बालिका माहिका ने 108 राउंड्स की उपलब्धि हासिल की है। सिर्फ दिल्ली में ही, जिनमें 150 स्कूलों के विद्यार्थी भी शामिल है, 1.5 लाख लोगों ने भाग लिया। वातावरण का ध्यान रखते हुये प्रमाणपत्र ऑनलाइन जारी किये गये।
श्री श्री ने अपने एक वक्तव्य में प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी द्वारा योग दिवस के लिये किये गये प्रयासों पर यूएन द्वारा 21 जून को योग दिवस घोषित करने पर बधाई दी थी, उन्होनें कहा कि इस से ‘‘योग के स्वास्थ्य के लिये लाभ‘‘ पूरे विश्व में पंहुच सकेंगे। गत तीन दशकों से आर्ट ऑफ लिविंग योग को विश्व के 152 देशों में 26,000 योग प्रशिक्षकों के माध्यम से पंहुचाया है।












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