बेंगलुरु में हुआ कोरोना की बड़ी साइलेंट वेव का खुलासा, TIGS की स्टडी रिपोर्ट ने डराया
बेंगलुरु के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से नमूनों के परीक्षण से मिले आंकड़ों से ऐसा पता है कि इस साल की कोरोना लहर जनवरी 2022 की लहर से बड़ी थी।

बेंगलुरु के सीवरेज सिस्टम पर रिसर्च कर रही टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ जेनेटिक्स एंड सोसाइटी (टीआईजीएस) ने हाल ही में मार्च 2023 में सीवरेज टेस्टिंग के बाद बड़ी संख्या में कोरोना के मामलों के बढ़ने के संकेत दिए थे। वहीं अब बेंगलुरु में बड़ी साइलेंट वेव का खुलासा किया है।
टाटा इंस्टीट्यूट फॉर जेनेटिक्स एंड सोसाइटी के डायरेक्टर राकेश मिश्रा ने बताया कि वेस्ट वाटर स्टडी से बेंगलुरु में बड़ी साइलेंट वेव का पता चला है। उन्होंने बताया कि वेस्ट वाटर सभी घरों से नमूने लाता है क्योंकि शरीर के तरल पदार्थ और उत्सर्जित उत्पाद सीवरेज प्लांट में खत्म हो जाते हैं।
उन्होंने बताया कि बेंगलुरु के वेस्ट वाटर के आंकड़ों से ऐसा लगता है कि इस साल की कोविड-19 लहर जनवरी 2022 की सबसे बड़ी कोविड-19 लहर से बड़ी थी। हमें बेंगलुरु में पूरे क्षेत्र को कवर करने वाले 28 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (एसटीपी) से नमूने मिले और वायरल लोड की निगरानी के लिए हमने उनका अलग से विश्लेषण किया। एसटीपी स्तर पर हम वायरल लोड की भविष्यवाणी कर सकते हैं।
डायरेक्टर राकेश मिश्रा ने बताया कि हमने पिछले कुछ महीनों में देखा कि वायरल लोड में वृद्धि हुई और डेढ़ महीने पहले यह घटने लगा। इसका मतलब है कि हम पहले ही एक लहर देख चुके हैं। इस साल यह सामान्य सर्दी की तरह अधिक है, लोग अस्पताल नहीं गए, क्योंकि कोई गंभीर लक्षण नहीं हैं, इसलिए हम इसे अदृश्य लहर (साइलेंट वेव) कहते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि किसी भी आम बात की तरह अब हम इस वायरस के आदी हो चुके हैं और इसीलिए अस्पताल में लोड नहीं बढ़ा। इस निगरानी से साफ है कि यह लहर अब खत्म हो चुकी है। यह वायरस एक प्रमुख स्वास्थ्य समस्या नहीं बनने जा रहा है। हमें अभी भी वायरल लोड और किसी भी नए संस्करण की निगरानी के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग के माध्यम से Covid19 वायरस पर नजर रखने की जरूरत है।












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