घायल पुलिसकर्मी ने सड़क पर तोड़ दिया दम, लोग सोशल मीडिया के लिए तस्वीरें लेते रहे
दुर्घटना के बाद घायलों के चारो तरफ भारी भीड़ जमा हो गई लेकिन सब तस्वीरें लेते रहे। किसी ने उनकी मदद करने की जहमत नहीं उठाई, लगातार खून बहने के बाद दूसरे शख्स ने भी दम तोड़ दिया।
मैसूर। कर्नाटक के मैसूर में लोगों की उदासीनता का एक ऐसा मामला सामने आया है, जो किसी के भी लिए दिल तोड़ने वाला है। बाइक पर जा रहे दो पुलिसकर्मी एक गाड़ी से टकराने की वजह से बुरी तरह से घायल हो गए। एक व्यक्ति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया लेकिन दूसरा शख्स आधे घंटे तक इस सड़क पर पड़ा तड़पता रहा। घायल के चारो तरफ भारी भीड़ जमा हो गई लेकिन सब घायल की तस्वीरें लेते रहे। किसी ने उसकी मदद करने की जहमत नहीं उठाई, लगातार खून बहने के बाद दूसरे शख्स ने भी दम तोड़ दिया।

दो पुलिसकर्मी, महेश कुमार (38 साल) और लक्ष्मण (32 साल) मैसूर में बाइक से किसी काम से जा रहे थे, तभी एक बस ने उनको कुचल दिया। दुर्घटना इतनी भंयकर थी कि बाइक चला रहे लक्ष्मण की मौके पर ही मौत हो गई वहीं कुमार बुरी तरह से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद लोग वहां इकट्ठा हो गए। हैरत की बात ये रही जमीन पर पड़ी लाश और घायल को लोग तड़पते देखकर फोटो तो खींचते रहे लेकिन मदद करना तो दूर एंबुलेंस तक को फोन किसी ने नहीं किया। करीब 25 मिनट बाद मैसूर के एसपी मौके पर पहुंचे, तब तक कुमार जमीन पर पड़े तड़प रहे थे।
मैसूर के एसपी के मुताबिक, ''हम दुर्घटना के करीब 25 मिनट बाद मौके पर पहुंचे। हम लोग तुरंत महेश कुमार को लेकर पास के अस्पताल में पहुंचे लेकिन तब तक उसने दम तोड़ दिया था।'' उन्होंने लोगों के मदद के लिए आगे ना आने को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की। वहीं स्थानीय मीडिया और लोगों में इस बात को लेकर चर्चा है कि कई लोगों को घायलों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट करना तो याद रहा लेकिन उनकी मदद की नहीं सोची। बहुत से लोगों ने इस बात के लिए दुख भी जताया कि लोगों ने घायल की मदद नहीं की। लोगों ने माना कि राहगीर मदद करते तो शायद कुमार की जान बच जाती।












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