मैसूर गैंगरेप केस: पीड़िता पर दिए बयान पर कर्नाटक गृह मंत्री ने मांगी माफी, सफाई की पेश
बेंगलुरु, 26 अगस्त: कर्नाटक के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने मैसूर में कॉलेज छात्रा के साथ गैंगरेप की घटना पर दिया अपना गैर जिम्मेदाराना बयान वापस ले लिया है। कर्नाटक मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने उनके बयान की निंदा की थी। दरअसल, गृह मंत्री ने रेप की घटना पर पत्रकारों से बात करते हुए पीड़िता और उसके दोस्त को दोषी ठहराते हुए कहा था कि उनको उस सुनसान जगह पर नहीं जाना चाहिए था, जिसके बाद सीएम बोम्मई ने ज्ञानेंद्र के बयान पर असहमति जताई और उनसे स्पष्टीकरण जारी करने को कहा था।

वहीं अपने बयान के बाद अब मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने सफाई पेश करते हुए कहा कि उन्होंने पीड़ा की स्थिति में यह टिप्पणी की थी। मैंने उसे अपनी बेटी के रूप में देखा और तड़प रहा था। अगर मैंने जो कहा उससे किसी को ठेस पहुंची है तो मैं बयान वापस लेता हूं और माफी मांगता हूं। गृह मंत्री ने कहा कि वह खुद घटनाक्रम और स्थिति का जायजा लेने के लिए मैसूर जाएंगे। मंत्री ने बताया कि क्योंकि पीड़िता सदमे में है, हम उसका बयान पूरी तरह से दर्ज करने में सक्षम नहीं हैं। लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और दोषियों का पता लगाने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं।
दरअसल इससे पहले मैसूर गैंगरेप मामले पर गृह मंत्री ने पीड़िता को ही जिम्मेदार ठहराते हुए कहा था कि वो वहां शाम 7 बजे क्या कर रही थी? लड़की और उसके दोस्त वहां सुनसान जगह गए होंगे, उन्हें वहां नहीं जाना चाहिए था। गृहमंत्री ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि शाम 7 और 7:30 बजे वे वहां गए थे, वो सुनसान जगह है। उन्हें वहां नहीं जाना चाहिए था। इसके साथ ही कांग्रेस के बयान पर पलटवार करते हुए कहा था कि रेप वहां मैसूर में हुआ है, लेकिन कांग्रेस मेरा बलात्कार करने की कोशिश कर रही हैं।
आपको बता दें कि मैसूर के बाहरी इलाके में अज्ञात बदमाशों ने मेडिकल छात्रा से गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार मैसूर में चामुंडी हिल्स के पास 5 लोगों ने कॉलेज छात्रा से मंगलवार को हैवानियत की थी। वहीं आरोपियों ने लड़की के दोस्त पर भी जानलेवा हमला किया था। बदमाशों से प्रताड़ित लड़की और उसके दोस्त का एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना की जानकारी मीडिया में बुधवार को सामने आई थी।












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