कर्नाटक: BJP ने अल्पसंख्यकों का 4 फीसदी आरक्षण किया खत्म, लिंगायत, वोक्कालिगा समुदाय का बढ़ाया आरक्षण
कर्नाटक सरकार ने अल्पसंख्यकों का 4 फीसदी आरक्षण खत्म कर दिया और लिंगायत आरक्षण को 5% से बढ़ाकर 7% और वोक्कालिगा समुदाय के लिए आरक्षण 4% से बढ़ाकर 6% करने का निर्णय लिया है।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 की तारीखों की घोषणा चुनाव आयोग जल्द ही कर सकता है। वहीं इस चुनाव से पहले सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी की बोम्मई सरकार ने अल्पसंख्यकों को दिया जाने वाले 4 फीसदी आरक्षण को खत्म करके दो समुदायों को इसका लाभ देने का ऐलान किया है। अल्पसंख्यकों को अब आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के तहत लाया जाएगा।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले शुक्रवार को कर्नाटक मुख्ममंत्री बसवराज बोम्मई ने अल्पसंख्यकों के लिए चार फीसदी आरक्षण खत्म करते हुए लिंगायत और वोक्कालिगा समुदाय का आरक्षण बढ़ाने का ऐलान करते हुए बड़ा दांव चला है।
मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने बताया कि अल्पसंख्यकों के लिए चार फीसदी आरक्षण को अन्य के बीच समान रूप से वितरित किया जाएगा। इसे कर्नाटक में वोक्कालिगा और लिंगायत समुदाय के मौजूदा आरक्षण में जोड़ा जाएगा।
कर्नाटक सीएम बोम्मई ने कहा कि अल्पसंख्यकों को अब तक जो चार फीसदी आरक्षण दिया जाता था उसे अब कर्नाटक के वोक्कालिगा और लिंगायत समुदाया के मौजूदा आरक्षण में जोड़ा जा रहा है।
कर्नाटक मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने ये जानकारी देते हुए बताया कि लिंगायत समुदाय के आरक्षण को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया जाएगा और वोक्कालिगा समुदाय के लिए आरक्षण जो अभी तक 4 प्रतिशत था उसे बढ़ाकर 6 प्रतिशत कर दिया जाएगा। कर्नाटक में भाजपा की सरकार के इस फैसले से दोनों ही समुदाय के मतदाताओं का दिल जीत लिया है।
सीएम बोम्मई ने कहा कि अल्पसंख्यक यानी मुसलमानों को 10 फीसदी ईडब्ल्यूएस कोटा पूल में स्थानांतरित किया जाएगा। मुसलमान श्रेणी 2 बी श्रेणी में आते हैं । कर्नाटक में इस बदलाव के बाद अल्पसंख्यकों को ईडब्ल्यूएस कोटे से मुकाबला करना होगा। याद रहे ईडब्लूएस कोटो में ब्राह्मण, वैश्य, मुदलियार, जैन और अन्य कई आर्थिक रूप से कमजोर लोगा शामिल हैं।












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