हिजाब विवाद: कर्नाटक सरकार ने स्कूलों में अनिवार्य किया ड्रेस कोड
बेंगलुरू, 05 फरवरी: कर्नाटक की बसवराज बोम्मई ने प्रदेश के शिक्षा अधिनियम-1983 के 133 (2) को लागू किया है, जिसमें कहा गया है कि कपड़े की एक समान शैली अनिवार्य रूप से पहनी जानी चाहिए। आदेश में कहा गया है कि निजी स्कूल प्रशासन अपनी पसंद की यूनिफॉर्म चुन सकता है। ऐसे में इस आदेश के बाद छात्रों को कॉलेज विकास समिति या प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेजों के प्रशासनिक बोर्ड की अपीलीय समिति द्वारा चुनी गई ड्रेस पहननी होती है, जो कि प्री-यूनिवर्सिटी शिक्षा विभाग के अंतर्गत आता है।

सरकारी आदेश में कहा गया है कि प्रशासनिक समिति की तरफ से ड्रेस का चयन न करने की स्थिति में समानता, अखंडता और सार्वजनिक कानून व्यवस्था को बिगाड़ने वाले कपड़े नहीं पहनने चाहिए। बसवराज बोम्मई सरकार ने कहा कि निर्देश "सभी छात्रों के लाभ" के लिए था, यह देखते हुए कि एक जैसी ड्रेस सुनिश्चित करती है कि वे एक सामान्य परिवार से संबंधित हैं और इस तरह से व्यवहार करते हैं कि भेदभाव के लिए कोई जगह नहीं छोड़ता है।
हिजाब हमारा अधिकार: कांग्रेस विधायक
वहीं अब कर्नाटक से कांग्रेस विधायक कनीज फातिमा ने कर्नाटक सरकार के आदेश की निंदा करते हुए इसे राज्य में शैक्षणिक संस्थानों का भगवाकरण करने का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि अगर मैं हिजाब पहनकर विधानसभा में प्रवेश कर सकती हूं, तो ये लड़कियां स्कूल या कॉलेज में क्यों नहीं हैं? अचानक से शिक्षण संस्थानों को भगवा रंग देने की कोशिश क्यों की जा रही है? हिजाब हमारा अधिकार है। हम अपनी जान दे सकते हैं, लेकिन हिजाब नहीं छोड़ सकते।
इधर, उडुपी हिजाब विवाद पर भाजपा नेता सीटी रवि ने कहा कि स्कूल में सिर्फ स्कूल यूनिफॉर्म होनी चाहिए। कांग्रेस अनावश्यक विवाद कर रही है और छात्रों के बीच खाई पैदा कर रही है। मैं छात्रों से अपील करता हूं कि वे अपनी शिक्षा पर ध्यान दें। शिक्षा उनका भविष्य तय करेगी, यूनिफॉर्म नहीं।
जानिए क्या है हिजाब विवाद ?
दरअसल, हिजाब को लेकर विवाद जनवरी में तब शुरू हुआ जब उडुपी और चिक्कमगलुरु में मुस्लिम स्कूली छात्राओं ने सिर पर दुपट्टा पहनकर कक्षाओं में हिस्सा लेना शुरू किया। विरोध में कुछ हिंदू लड़के भगवा गमछा डालकर कॉलेज आ गए। धीरे-धीरे यह मुद्दा राज्य के अन्य हिस्सों में फैल गया, जहां मुस्लिम लड़कियों ने सिर पर स्कार्फ पहनकर कक्षाओं में भाग लेने की अनुमति की मांग की। पिछले महीने राज्य के शिक्षा विभाग ने कहा था कि वह राज्य भर के कॉलेजों में ड्रेस पर गाइडलाइन तैयार करने के लिए एक समिति का गठन करेगा। इस बीच, कांग्रेस नेताओं ने मुस्लिम छात्राओं की हिजाब पहनने की पसंद का समर्थन किया है, जबकि सत्तारूढ़ भाजपा ने कहा कि वह शैक्षणिक संस्थानों के 'तालिबानीकरण' की अनुमति नहीं देगी।












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