शातिर ठग Kiran Patel के बाद अब पकड़ा गया Fake IPS Srinivas, प्रेमिका के साथ जी रहा था लग्जरी लाइफ
जम्मू कश्मीर में खुद को PMO का अधिकारी बताने वाले Fake IAS Kiran Patel का मामला शांत भी नहीं हुआ कर्नाटक पुलिस ने फर्जी IPS R Sriniwas को सलाखों के पीछे पहुंचाया है। जानिए कौन है श्रीनिवास?

कथित ठग किरण पटेल सुर्खियों में है। वजह फर्जी आईएएस बनना। खुद को पीएमओ में तैनात अतिरिक्त निदेशक बताना और अफसरों वाला प्रोटोकॉल लेकर कश्मीर घाटी में घूमना है। इसी तरह का एक फर्जी अफसर कर्नाटक में रविवार को पकड़ा गया है। नाम है आर श्रीनवास। खुद को बेंगलुरु साउथ डिवीजन में एसीपी बताने वाला यह न केवल फर्जी आईपीएस बनकर घूमता बल्कि लोगों से ठगी भी करता था।

वेंकटनारायण से ठगे लाखों रुपए
बेंगलुरु के सेकंड कार डीलर वेंकटरनारायण ने थलाघट्टापुरा पुलिस में शिकायत दी कि एक कॉमन फ्रेंड के जरिए उसकी मुलाकात आर श्रीनिवास से हुई थी। खुद को आईपीएस अधिकारी बताने वाले श्रीनिवास ने वेंकटरनारायण से कहा कि वह मैसूरु में लिटिलेशन प्रॉपर्टी संभाल रहे थे। उससे उसे 250 करोड़ रुपए मिलेंगे, लेकिन यह सौदा पूरा करने के लिए 2.5 करोड़ रुपए की जरूरत है। वेंकटनारायण ने उसे जून 2022 में 49 लाख रुपए दे दिए।

डेढ़ करोड़ लेकर हो गया गायब
शुरुआत में उधार मिले 49 लाख रुपए श्रीनिवास ने वेंकटरनारायण को उसी साल दिसम्बर में लौटाकर उसका भरोसा जीता। फिर श्रीनिवास ने वेंकटरनारायण को अपनी प्रमिका राम्या के घर पूजा पर भी बुलाया। इससे उस पर विश्वास बढ़ता गया। फिर वेंकटरनारायण ने एक होटल व्यवसायी दोस्त से 1.2 करोड़ व अन्य दोस्तों से 56 लाख रुपए उधार लेकर श्रीनिवास को दे दिए। पैसे मिलने के कुछ समय बाद ही श्रीनिवास अचानक गायब हो गया। मोबाइल भी बंद कर लिया। उसकी प्रेमिका का नंबर भी स्विच ऑफ आने लगा।

फिर ऐसे हुआ फर्जी आईपीएस श्रीनिवास का खुलासा
वेंकटनारायण की शिकायत पर पुलिस ने उसकी तलाश की। श्रीनिवास पकड़ में आया तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। वह फर्जी आईपीएस अधिकारी बनकर घूमता था। पुलिस पूछताछ में पता चला कि उसे दक्षिण भारतीय सिनेमा की सुपरकॉप फिल्में काफी पसंद हैं। फिल्में देखकर उसने भी फर्जी आईपीएस बनने की ठानी। खाकी वर्दी का जुगाड़ किया। वॉकी टॉकी लेकर आया। पुलिस अफसर की फर्जी कार रखने लगा। आईडी कार्ड तक बना डाले। जब लोग उसे पूछते कि उनकी सर्विस रिवाल्वर कहां है तो कहता था कि अभी प्रोबेशन पर हूं।

कौन है फर्जी आईपीएस श्रीनिवास?
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में पकड़ा गया फर्जी आईपीएस का पूरा नाम आर श्रीनिवास है। 34 वर्षीय आर श्रीनिवास बेंगलुरु के चंद्रा लेआउट के मारुति नगर से डिप्लोमा धारक है। सालभर से फर्जी आईपीएस बनकर घूम रहा था। साल 2010 में कार चोरी के मामले बेंगलुरु की विजयनगर पुलिस ने पकड़ा था। जमानत पर रिहा होने के बाद अब फर्जी पुलिस अधिकारी बन गया।

फर्जी आईपीएस श्रीनिवास कैसे जीतता लोगों का भरोसा?
फर्जी आईपीएस श्रीनिवास काफी शातिर है। यह लोगों को ठगने से पहले उनका भरोसा जीतता था। इसके लिए कुछ पुलिस कर्मचारियों से भी मुलाकात करता। उनके साथ फोटो लेता ताकि लोगों को लगे कि सच में आईपीएस है। लग्जरी बाइक व गाड़ी रखता था। हुलिया भी आईपीएस जैसा ही बनाकर रखता। पुलिस ने इसके पास 23 लाख की BMW कार, 3 महंगी बाइक व 90 लाख रुपया कैश बरामद किया है। श्रीनिवास अपनी प्रेमिका राम्या के साथ पूरे ऐशो-आराम वाला जिंदगी जी रहा था।
बेंगलुरु के पुलिस उपायुक्त पी कृष्णकांत क्या बोले?
फर्जी आईपीएस अधिकारी श्रीनिवास की गिरफ्तारी के बाद बेंगलुरु के पुलिस उपायुक्त पी कृष्णकांत ने ट्वीट कर इसकी चार तस्वीरें शेयर की, जिनमें तीन में यह आईपीएस की वर्दी में दिखाई दे रहा है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि 'फर्जी IPS रियल सलाखों के पीछे। श्रीनिवास ने आईपीएस अधिकारी बनकर लोगों को ठगा। उसने कई लोगों को ठगने के लिए फर्जी ऑफिस, पुलिस की गाड़ी, आईडी कार्ड, वॉकी टॉकी और हथियारों का इस्तेमाल किया है। उससे 4 महंगी बाइक, हथियार और 90 लाख की नकदी बरामद की गई है।

कौन है फर्जी आईएएस किरण पटेल?
कश्मीर घाटी में घूमता मिला फर्जी आईएएस का पूरा नाम किरण भाई पटेल है। यह मूलरूप से गुजरात के अहमदाबाद के घोड़ासर का रहने वाला है। किरण पटेल की पत्नी मालिनी डॉक्टर है। कथित ठग किरण पटेल खुद को पीएमओ में एडिशनल डायरेक्टर बताता था। जेड प्लस सुरक्षा, लग्जरी होटल व निजी सुरक्षा अधिकारी भी लिए।
एलओसी के करीब उरी में कमान पोस्ट से होते हुए श्रीनगर के लाल चौका तक पहुंचा था। शक होने पर पुलिस ने गिरफ्तार कर 15 दिन के लिए जेल भिजवा दिया। हालांकि किरण पटेल के वकील रेहान गौहर ने पूरे मामले को राजनीतिक साजिश बताया। वहीं, पत्नी मालिनी बोलीं कि उनके पति किरण पटेल इंजीनियर हैं। विकास कार्यों के सिलसिले में जम्मू कश्मीर में गए थे।












Click it and Unblock the Notifications