.... वोट डालने के बाद यह गलती ना करें मतदाता

दिनभर मोबाइल फोन के कैमरे को क्लिक करने की शौकीन बन चुकी युवा पीढ़ी, मतदान करते हुए अपनी तस्वीर नहीं खींच सकेगी। चुनाव आयोग के सख्त निर्देश में मतदान केन्द्र में ‘सेल्फी‘ पर प्रतिबंध है।
तस्वीर लेने की किसी भी तरह की केाशिश करते पाए जाने पर मतदाता को न्यूनतम तीन महीनों की सजा काटनी पड़ सकती है। जेल जाने के कारण मत तो खारिज होगा ही, साथ ही आगे के कॅरिअर पर भी सवालिया निशान लग जाएगा।
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हालांकि इस बात से ज्यादा निराश होने की जरूरत नहीं है। चुनाव आयोग के इस नियम के चलते भले ही युवा वोटर सेल्फी का शौक पूरा ना कर सकें, पर उनके पहले चुनाव को यादगार बनाने के लिए इंतज़ाम है।
यह दिलचस्प तरीका है वीवीपैट, वोटर वेरिफाइड पेपर आॅडिट ट्रेल, जिसकी मदद से मतदाता यह जान सकता है कि ईवीएम मशीन में उसने जिस पार्टी या प्रत्याशी को वोट दिया है, वह उसी को ही मिले।
इस व्यवस्था में वोटर मतदान करने के बाद अपने मत का प्रिंटेड प्रमाण-पत्र हासिल कर सकता है। यह , मतदान करने के मौके की तस्वीर न सही, मतदान में योगदान देने की याद ताज़ा करवाता रहेगा।












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