कावेरी विवाद: पुलिस की फायरिंग में दो घायल,52 बसों में प्रदर्शनकारियों ने लगाई आग
बेंगलुरु। कावेरी के मुद्दे पर कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु जल रही है। प्रदर्शनकारियों का तांडव नहीं रुक रहा है। इलाके के हेगनहल्ली और राजगोपाल नगर में पुलिस की फायरिंग से दो लोगों के घायल हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि जब प्रदर्शनकारी पुलिस गाड़ी में आग लगाने जा रहे थे तभी पुलिस की ओर से हुई फायरिंग में दो लोग घायल हो गए हैं। वही प्रदर्शनकारियों ने 52 सरकारी बसों में आग लगा दी है।
कावेरी जल विवाद के बाद बेंगलुरु में भड़की हिंसा को ध्यान में रखते हुए अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी के तहत अमेरिका ने अपने नागरिकों को आगाह किया है कि विरोध-प्रदर्शन वाले इलाकों से दूर रहें।
इससे पहले बेंगलुरु में 15,000 पुलिसकर्मी लगा दिए गए हैं। इस बात की जानकारी बेंगलुरु पुलिस ने दी।

बस जलाने का वीडियो
जानकारी दी गई है कि तनरय रोड,हेगड़े नगर,श्री रामपुरा और कालसी पलयम में पुलिस लगाई गई है।
पुलिस की ओर से यह जानकारी भी दी गई है कि क्विक रियेक्शन टीम्, रैपिड एक्शन फोर्स, सिटी आर्म्ड रिजर्व पुलिस और कर्नाटक स्टेट रिजर्व पुलिस लगाई गई है।

चीता मोबाइल भी तैनात
बताया गया कि 270 चीता मोबाइल पुलिस को भी शहर में तैनात किया गया है। इसके साथ ही बेंगलुरु के कई इलाकों में धारा 144 भी लगाई गई है।
बेंगलुरु पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। वहीं बेंगलुरू मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अनुसार अगले आदेश तक मेट्रो की सेवा बंद रखी जाएगी।
साथ ही बेंगलुरु में स्कूलों को भी सोमवार को जल्दी बंद कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि विरोध प्रदर्शन कर रहे लोग TN (तमिलाडु) की लॉरी पर पत्थर फेंककर हमला भी किया।
हालांकि इस पत्थरबाजी की घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
गाड़ियों में लगाई आग
प्रदर्शनकरियों ने गाड़ियों में आग लगा दी है। साथ ही कई बस वालों का मारा भी है। वहीं कर्नाटक राज्य परिवहन की 20 बसें भी प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दी है।
वीडियो
बेंगलुरु में बस स्टैंड पर भी भारी विरोध प्रदर्शन हो रहा है, जिसमें पत्थरबाजी की जा रही है। इसके अलावा, बेंगलुरु में कई जगह गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया है।
सीएम ने लिखा पत्र
पूरे मामले पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जयललिता को हिंसक विरोध प्रदर्शन पर पत्र लिखा है। पत्र में सिद्धरमैया ने लिखा है कि तमिलनाडु में कन्नड़ भाषियों की सुरक्षा का इंतजाम किया जाए।
तमिलाडु में कर्नाटक बैंक में तोड़फोड़
कावेरी नदी के पानी के मुद्दे पर पुड्डुचेरी में कर्नाटक बैंक की शाखाओं में भी प्रदर्शनकारी तोड़फोड़ कर रहे हैं।
साथ ही यहां कर्नाटक के मुख्यमंत्री का पुतला जला कर विरोध भी किया जा रहा है। तमिलागा पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पुड्डुचेरी में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
कर्नाटक को नहीं थी ऐसे फैसले की उम्मीद
पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता सदानंद गौड़ा ने कहा है कि कर्नाटक के लोगों को ऐसे फैसले की उम्मीद नहीं थी।

उन्होंने कहा कि हमने सोचा था कि सर्वोच्च न्यायालय रिजरवायर्स को देखने के लिए टीम भेजेगी अकाड़े इकट्ठा करेगी, तब किसी निष्कर्ष पर पहुंचेगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
गौड़ा ने कहा कि ऐसी स्थिति में लोगों का उत्तेजित हो जाना स्वाभाविक है लेकिन मैं लोगों से अपील करूंगा कि वे शांति और कानून व्यवस्था बरकरार रखनी चाहिए।
कानूनी रूप से लड़ेंगे लड़ाई
वहीं कर्नाटक के गृहमंत्री जी परमेश्वर ने कहा है कि राज्य में हिंसा की घटना में शामिल 200 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।

गृहमंत्री ने इस बात की जानकारी भी दी है कि क्षेत्र में सीआरपीएफ,आरपीएफ और सीआईएसएफ भी तैनात कर दी गई है। साथ ही 20,000 होमागार्ड भी लगाए गए हैं।
बताया गया कि 185 कर्नाटक स्टेट रिजर्व पुलिस की प्लाटून भी तैनात की गई है। उन्होंने कहा है कि 'हम इसे कानूनी रूप से लड़ेंगे।' प्रदर्शनकारियों से परमेश्वर ने अपील की है कि सभी शांति बनाए रखें।
शांति से करें विरोध
परमेेश्वर ने कहा है कि आरएएफ और सीआरपीएफ की 10 कंपनियां तैनात की गई हैं। साथ ही हमने 10 और कंपनियों में मांग की है।

उन्होंने कहा कि यदि प्रदर्शनकारी विरोध करना चाहते हैं तो शांति से करें, हम जानते हैं कि कर्नाटक के साथ इंसाफ नहीं हुआ है।
परमेश्वर ने कहा कि हमने पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल की तैनाती कर दी है। हमें केंद्र से सहयोग मिल रहा है।
उन्होंने इस बात की जानकारी दी कि कल यानी 13 सितंबर को मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने इस मुद्दे पर कैबिनेट की इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है।
कोर्ट ने दिया है फैसला
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कावेरी मामले पर सुनाया अपना फैसला बदल दिया है। नए फैसले के तहत सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कर्नाटक को तमिलनाडु के लिए रोजाना 12000 क्यूसेक पानी छोड़ना होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला 20 सितंबर तक लागू रखने का आदेश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट के सोमवार (12 सितंबर) के फैसले के खिलाफ भी कर्नाटक सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके उसे बदलने की मांग की है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसे बदलने से मना कर दिया है।












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