बलिया: फफक-फफक कर रो पड़े BJP विधायक सुरेंद्र सिंह, मेडिकल बनवाने आरोपी के परिवार के साथ पहुंचे थे अस्पताल
बलिया। खबर उत्तर प्रदेश के बलिया जिले है। यहां 15 अक्टूबर को कोटे की दुकान चयन को लेकर खुली बैठक बुलाई गई थी। बैठक के दौरान हुए खूनी संघर्ष के मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह समेत 6 वांछित आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। वहीं, बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह अब खुलकर आरोपी के साथ खड़े हो गए हैं। वहीं, इस संघर्ष में घायल हुई आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह के परिवार की महिलाओं को लेकर भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह शनिवार को सुबह साढ़े दस बजे जिला अस्पताल पहुंचे। अस्पताल की इमरजेंसी में महिलाओं का मेडिकल कराते समय विधायक फफक कर रो पड़े।

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दरअसल, उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन पूरे मामले में एकतरफा कार्रवाई कर रहा है। पुलिस धीरेंद्र के घर में घुसकर तोड़फोड़ करने के साथ महिलाओं से बदतमीजी कर रही है। विधायक के साथ पूर्व सैनिक संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी जिला अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि दुर्जनपुर के प्रधान और प्रशासन ने साजिश कर धीरेंद्र को फंसाया है। पूर्व सैनिक संगठन पीड़ित परिवार के साथ है। इससे पहले विधायक सुबह लगभग नौ बजे रेवती थाना पहुंचे। उनके साथ आराधना सिंह पत्नी प्रयाग सिंह, आशा सिंह पत्नी राजेन्द्र सिंह तथा आशा प्रकाश सिंह पत्नी नरेंद्र प्रताप सिंह थीं।
विधायक ने पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र नाथ से घायल महिलाओं का मेडिकल मुआयना कराने की मांग की। साथ ही इस पक्ष के लोगों की प्राथमिकी दर्ज करने को लेकर बातचीत की। बातचीत के बाद विधायक पुलिस स्टेशन से बाहर निकले। उसके बाद घायलों को लेकर सीएचसी पहुंचे, जहां चिकित्सकों के नहीं होने की बात कहकर घायलों के साथ जिला अस्पताल रवाना हो गए।
वहीं, इस गोलीकांड के मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह ने खुद वीडियो जारी कर यह दावा किया है कि उसने कोई गोली नहीं चलाई। इतना ही नहीं, धीरेंद्र सिंह ने वीडियो में आरोप लगाया है कि एसडीएम व सीओ ने दूसरे पक्ष से मिलीभगत कर उसको मामले में फंसाया है। धीरेंद्र सिंह द्वारा जारी वीडियो में वो दावा करते हुए कह रहे है कि उन्होंने पहले ही अधिकारियों से कहा था कि यहां बवाल होने की आशंका है। उसने यह भी आरोप लगाया है की पंचायत भवन के पास खेत की जुताई कराकर जानबूझकर उस स्थान पर बैठक कराई गई, जहां दूसरे पक्ष के लोगों का घर नजदीक था।












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