Balrampur : अज्ञात बीमारी को 'देवी का प्रकोप' मान कर कराया झाड़-फूंक, चार वर्षीय बालिका की मौत
एक गांव में कई लोग किसी अज्ञात बीमारी की चपेट में आ गए हैं। वहीं ग्रामवासियों ने इसे देवी का प्रकोप मान लिया और झाड़-फूंक कराया गया। जिसे चलते एक चार वर्षीय बालिका की इस खतरनाक बीमारी से मौत भी हो गई।

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसमे एक गांव में कई लोग किसी अज्ञात बीमारी की चपेट में आ गए हैं। बताया जा रहा है कि इन बीमारों में कई बच्चे भी शामिल हैं। वहीं ग्रामवासियों ने इसे देवी का प्रकोप मान लिया और झाड़-फूंक कराया गया। जिसे चलते एक चार वर्षीय बालिका की इस खतरनाक बीमारी से मौत भी हो गई। इस अज्ञात बीमारी से अभी तक एक दर्जन से अधिक लोग बीमार हैं। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य टीम ने पहुंच दवाओं का वितरण कराया है।

अज्ञात बीमारी से मौत, लोगों ने माना देवी का प्रकोप
बता दें कि बलरामपुर की तहसील तुलसीपुर के चौहत्तर कलां गांव में गुरुवार को इंद्रजीत की चार वर्षीय गायत्री की मौत हो गई। इंद्रजीत ने बताया कि पिछले एक हफ्ते से खांसी, बुखार आने के बाद पूरे शरीर में महीन-महीन दाने पड़ गए थे। परिवार झाड़ फूक के चक्कर में पड़ा था। गांव में ही विजय की तीन वर्षीय पुत्री संध्या तथा पांच वर्षीय साधना, प्रदीप कुमार गौतम का तीन वर्षीय पुत्र सिद्धार्थ, उमेश का दो वर्षीय पुत्र आदर्श एवं पांच वर्षीय शिवानी अत्तवारी का तीन वर्षीय पुत्र राजू तथा व पांच वर्षीय पाटेश्वरी की पुत्री सलोनी भी गंभीर रूप से बीमार है। लोगों का मानना है कि देवी का प्रकोप है और यह बीमारी केवल झाड़-फूंक से ही ठीक होगी।
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गंदगी के चलते बीमारी फैलने की आशंका
आपको बताते चलें कि पेस संस्था के हेल्थ कोआपरेटिव ग्रुप के बच्चे राजाबाबू तथा श्रद्धा ने अस्पताल में फोन करके डॉक्टर को यह जानकारी तब दी है जब स्वास्थ्य विभाग को इस बीमारी की जानकारी हुई। वहीं तुलसीपुर चिकित्साधीक्षक डॉ सुमंत सिंह चौहान ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम भेज कर दवाओं का वितरण कराया गया है। 14 लोग गांव में बीमार मिले हैं जिनमें 3 बच्चे है। जांच के लिए लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए हैं। आवश्यक दवाओं का वितरण कराया गया है। साथ ही उन्होंने कहा है कि गांव में गंदगी के चलते बीमारी फैलने की आशंका है।












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