Balaghat News:  पोस्टल बैलेट शॉर्टिंग कांड की क्या है सच्चाई? किन नियमों का हवाला देकर कांग्रेस ने उठाए सवाल

Balaghat News: मध्य प्रदेश के बालाघाट स्ट्रांग रुम में डाक मतपत्र पेटी खोले जाने और मतपत्रों का बंडल बनाए जाने के मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस के कुछ स्थानीय नेताओं का आरोप है कि डाक मतपत्र बदले जा चुके हैं। वहीं कांग्रेस ने चुनाव आयोग से शिकायत करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराए जाने की मांग की है।

गौरतलब है कि बालाघाट स्ट्रांग रुम में कर्मचारियों के डाक मतपत्र एकत्र कर 16 नवंबर तक रख दिये गए थे और डाक मतपत्र पेटी को सील कर दिया गया था। इसके बाद बालाघाट के बाहर से आने वाले मतपत्रों को बॉक्स में डालने के लिए जिलाधिकारी द्वारा आदेश जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि प्रत्येक दिवस दिन के 3 बजे विधानसभा प्रत्याशी या उसके अभ्यर्थी की उपस्थिति में मतपेटी को खोला जाएगा और मतपत्रों को उसमें रखा जाएगा।

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इसके अनुपालन में 25 नवंबर तक यह कार्य किया जाता रहा है। इसके बाद 26 नवंबर को स्ट्रांग रुम खोला गया, डाक मतपत्र पेटी की सील तोड़ी गई और मतपत्रों को बाहर निकालकर विधानसभा वार बंडल बनाए गए। वहां मौजूद प्रतिनिधियों से पंचनामें में हस्ताक्षर करवाए गए। इसी दौरान मतपत्र से छेड़छाड़ करने संबंधी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस पर कांग्रेस ने चुनाव आयोग के समक्ष आपत्ति दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की। चुनाव आयोग ने इस पर कार्रवाई करते हुए पहले एआरओ हिम्मत सिंह को निलंबित किया फिर एसडीएम सोनी को भी निलंबित कर दिया। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से बालाघाट कलेक्टर पर भी कार्रवाई करने की मांग की है।

नियम का हवाला देते हुए उठे ये सवाल
-स्ट्रांग रुम का उपयोग मतपेटियों को सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है -स्ट्रांग रुम में रखी मतपेटियों को खोला जाना और बंडल बनाया जाना सख्त प्रतिबंधित है
-मतगणना स्थल पर ही यह कार्य होना चाहिए -बालाघाट की घटना किसी बड़े षडयंत्र की ओर इशारा करती है?
-एक अहम सवाल कि जब 26- 27 को पोस्ट ऑफिस में अवकाश था, तो बाहर से डाक मतपत्र आने की कोई बात ही नहीं थी -जब मतपत्र आए ही नहीं तो फिर स्ट्रांग रुम क्यों खोला गया -मतपत्र बॉक्स की सील क्यों तोड़ी गई कांग्रेस उपाध्यक्ष ने की निष्पक्ष जांच की मांग कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष जेपी धनोपिया ने कहा है कि बालाघाट मतपत्र मामले की गहन और निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए। चूंकि यह पूरा कार्य जिलाधिकारी के आदेश पर हुआ अत: उन्हें भी तत्काल प्रभाव से हटाया जाना चाहिए। इसके साथ ही स्थानीय कांग्रेस के कुछ नेताओं ने डाक मतपत्रों की अदला-बदली किये जाने संबंधी गंभीर आरोप लगाए है।

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