Rahil Mohammad : गांव के लड़के राहिल मोहम्मद के Youngest App Developer बनने की धांसू कहानी
अलवर, 3 सितम्बर। कहते हैं प्रेरणा कभी भी और कहीं से भी ली जा सकती है। राजस्थान के राहिल मोहम्मद भी प्रधानमंत्री मोदी की एक स्पीच इस कदर प्रेरित हुए कि भारत के यंगेस्ट ऐप डेवलपर में से एक बन गए। ये छात्रों के लिए एंड्राइड ऐप बनाते हैं। वो भी फ्री में। इनका नाम साल 2020 में इंडिया बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में दर्ज हो चुका है।

यंगेस्ट ऐप डेवलपर राहिल मोहम्मद का इंटरव्यू
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में राहिल मोहम्मद ने राजस्थान के अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ उपखंड के गांव मौजपुर से ऐप बनाने की दिशा में बड़ी उड़ान भरने का पूरा सफर बयां किया। आज राहिल मोहम्मद का जन्मदिन भी है। जिंदगी के 22 बसंत देख चुका है, मगर ऐप बनाने में अपनी उम्र से भी ज्यादा तर्जुबा हासिल कर चुका है।

पीएम मोदी ने की थी इमरान खान की तारीफ
राहिल मोहम्मद ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अलवर के ऐप डेवलपर इमरान खान के काम की तारीफ की थी। पांच साल पहले पीएम मोदी ने लंदन के कार्यक्रम में अपनी स्पीच में कहा था कि 'हिंदुस्तान अलवर के इमरान में बसता है' वो स्पीच सुनने के बाद राहिल मोहम्मद ने तय किया कि वो भी अलवर के टीचर इमरान की तरफ ऐप बनाएगा। इमरान खान करीब सौ ऐप बना चुके हैं।

राहिल मोहम्मद ने बनाए 15 ऐप
राहिल मोहम्मद ने साल 2016 में ऐप बनाना शुरू किया। गूगल और यूट्यूब से तकनीकी पहलू सीखे। दिक्कत आने पर ऐप डवलपर इमरान खान से भी मदद ली। साल 2017 में हिंदीग्रामर का अपना पहला ऐप बनाया। अभी तक राहिल मोहम्मद 15 ऐप बना चुके हैं। इनमें 12 कक्षा के छात्रों के लिए केमेस्ट्री व फिजिक्स, कॉलेज साथी ऐप भी शामिल हैं। सारे 15 ऐप गूगल प्ले स्टोर पर अपलोड हैं।

राहिल मोहम्मद का परिवार
बता दें कि 3 सितम्बर 2000 को जन्मे राहिल मोहम्मद के पिता बसरुद्दीन खान कठूमर के माणकपुर गांव के सरकारी स्कूल में टीचर हैं। मां हुसैनवी हाउसवाइफ हैं। राहिल के चार बहन शहनाज, साहिदा, सानिया व मुस्कान हैं। राहिल तीसरे नंबर के हैं। परिवार में कोई भी सदस्य ऐप बनाने से ताल्लुक नहीं रखते हैं।

ऐप कैसे बनाए, कितना खर्च आया?
राहिल मोहम्मद बताते हैं कि ऐप बनाने के लिए सबसे मुश्किल काम केमेस्ट्री और फिजिक्स जैसे विषयों की सामग्री जुटाना आसान था, क्योंकि खुद राहिल ने इन्हीं विषयों से बीएससी की है। वर्तमान में बीएड कर रहे हैं। ऐप बनाने के लिए राहिल ने नोटस तैयार किए। शिक्षकों की भी मदद ली। ऐप अपलोड करने के लिए 25 डॉलर खर्च कर गूगल प्ले स्टोर पर आईडी बनाई।

अब बनाना चाहते हैं ये ऐप
राहिल मोहम्मद का सपना है कि वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए कोई ऐप बनाए, जिससे उनको सारी परीक्षाओं से जुड़ी जानकारी एक ही जगह मिल जाए। इसके लिए राहिल ने काम भी शुरू कर दिया है। फिलहाल तकनीकी पहलुओं पर काम किया जा रहा है। जल्द ही एक नया ऐप हम सबके लिए उपलब्ध होने की उम्मीद है।

राहिल मोहम्मद की शिक्षा
बता दें कि राहिल मोहम्मद ने कक्षा - 1 से 8 की पढ़ाई श्री बाल आदर्श उच्च प्राथमिक विद्यालय मौजपुर, लक्ष्मणगढ़ ( अलवर) और कक्षा - 9 से 10 तक की पढ़ाई अवस्थी माध्यमिक विद्यालय मौजपुर , लक्ष्मणगढ़ ( अलवर) से की। इसके बाद कक्षा - 11 से 12 तक की शिक्षा स्वामी केशवानंद शिक्षण संस्थान लक्ष्मणगढ़ से हासिल की।












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