प्रयागराज हिंसा: जावेद पंप की पत्नी पहुंची इलाहाबाद हाईकोर्ट, याचिका दायर कर मांगा यूपी सरकार से मुआवजा
प्रयागराज हिंसा: जावेद पंप की पत्नी पहुंची इलाहाबाद हाईकोर्ट, याचिका दायर कर मांगा यूपी सरकार से मुआवजा
प्रयागराज, 22 जून: 10 जून को जुमे की नमाज के बाद उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में हिंसा और उपद्रव हुई थी। इस मामले में पुलिस ने 11 जून को जावेद अहमद उर्फ पंप को हिरासत में ले लिया था और इस मुख्य आरोपी बताया था। जिसके बाद रविवार 12 जून को जावेद अहमद उर्फ पंप के घर पर प्रयागराज डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी पीडीए ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया था। तो वहीं, अब जावेद पंप के मकान ढहाने का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है।
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प्रयागराज हिंसा के मुख्य आरोपी जावेद पंप की पत्नी परवीन फातिमा इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गई है। परवीन फातिमा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मुआवज़े की मांग करते हुए आरोप लगाया कि उसका मकान अवैध तरीके से तोड़ा गया है। परवीन फातिमा ने कोर्ट में जो याचिका दायर की है उसमें कहा गया है कि मकान पर गैरकानूनी ढंग से बुलडोजर चलवाने वाले अधिकारियों के कार्रवाई तथा नया मकान बनवाने के लिए मुआवज़ा दिए जाए।
इतना ही नहीं, दोबारा मकान बनने तक रहने के लिए सरकारी आवास मुहैया कराया जाए। परवीर ने हाईकोर्ट से इसे अर्जेंट मैटर मानते हुए सुनवाई करने की भी अपील की है। फातिमा ने अपनी याचिका में कहा है कि जिस मकान को बुल्डोजर से ध्वस्त किया गया, वह उसके शौहर नहीं बल्कि उसके नाम पर था, जो कि उसके पिता से गिफ्ट के तौर पर मिला था। बताया कि नगर निगम व राजस्व दस्तावेजों में इस मकान के कागजागत में याची (फातिमा) का ही नाम दर्ज है।
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया है कि प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) की ओर से उसके पति के नाम पर नोटिस दिया गया और याची को अपील दाखिल करने या अपना पक्ष रखने का कोई मौका दिए बगैर 12 घंटे बाद ही मकान ध्वस्त कर दिया गया। याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता के पास अब रहने के लिए कोई घर नहीं है और वह अपने परिवार के साथ रिश्तेदारों के यहां रहने को मजबूर है। ऐसे में सरकार उसे नया मकान बनाने के लिए मुआवज़ा दे तथा नए मकान के बनने तक उसे रहने के लिए सरकार की ओर से आवास मुहैया कराई जाए।












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