इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- सिर्फ शादी के लिए धर्म परिवर्तन गलत, दिया जोधा-अकबर का उदाहरण
प्रयागराज, 03 अगस्त: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी के एटा जिले में शादी के लिए धोखे से कराए गए धर्मांतरण के मामले में फैसला सुनाते हुए अकबर और जोधाबाई के रिश्ते को उदाहरण के तौर पर पेश किया है। कोर्ट ने तल्ख अंदाज में कहा कि महज शादी करने के लिए डर, धोखे, लालच और दबाव में किया गया धर्मांतरण कतई सही नहीं हो सकता। ऐसे धर्मांतरण में पूजा पद्धति तो बदल जाती है, लेकिन धर्म विशेष के प्रति कोई आस्था नहीं होती। कोर्ट ने कहा कि इस तरह के धर्मांतरण में संबंधित व्यक्तियों के साथ ही देश और समाज पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है।
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एटा के जावेद की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान की टिप्पणी
एटा जिले के रहने वाले जावेद की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ये टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि धर्म आस्था का विषय होता है, ये आपकी जीवन शैली को दर्शाता है। कोर्ट ने कहा कि ईश्वर के प्रति आस्था जताने के लिए किसी विशेष पूजा पद्धति का होना जरूरी नहीं है, शादी के लिए एक समान समान धर्मों का होना भी कतई जरूरी नहीं है। ऐसे में महज शादी करने के लिए धर्म परिवर्तन किया जाना पूरी तरह गलत होता है।
सिर्फ शादी के लिए लड़कियों का धर्म बदलवाना पूरी तरह गलत है: HC
कोर्ट ने अपने फैसले में साफ तौर पर कहा है कि सिर्फ शादी के लिए लड़कियों का धर्म बदलवाना पूरी तरह गलत है। कोर्ट से कहा कि धर्म बदले बिना भी शादी की जा सकती है और रिश्ते निभाए जा सकते हैं। एक-दूसरे के धर्म और उसकी पूजा पद्धति का सम्मान कर रिश्तों को और मजबूत किया जा सकता है। इस दौरान कोर्ट ने कहा है कि अलग धर्म के लोगों में विवाह और रिश्तों को बेहतर तरीके से निभाने में मुगल बादशाह अकबर और उनकी हिंदू पत्नी जोधा बाई की शादी से बेहतर कोई दूसरा उदाहरण नहीं हो सकता है।












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