भगौड़ा IPS मणिलाल पाटीदार 'मोस्ट वांटेड' की लिस्ट में हुए शामिल, पता बताने वाले को मिलेंगा लाखों में इनाम
भगौड़ा IPS मणिलाल पाटीदार 'मोस्ट वांटेड' की लिस्ट में हुए शामिल, पता बताने वाले को मिलेंगा लाखों में इनाम
प्रयागराज, जून 05: भगौड़ा आईपीएस मणिलाल पाटीदार एक बार फिर से चर्चाओं में हैं। वहज है मणिलाल पाटीदार का नाम 'मोस्ट वांटेड' की लिस्ट में शामिल होना। इतना ही नहीं, शुक्रवार 04 जून को शासन की ओर से भगौड़े आईपीएस पाटीदार पर एक लाख का इनाम घोषित कर दिया गया है। यह इनाम की राशि एडीजी प्रयागराज जोन की संस्तुति पर पर बढ़ाई गई है। बता दें कि महोबा में कारोबारी की हत्या के मामले में दर्ज मुकदमे के बाद से आईपीएस मणिलाल पाटीदार फरार चल रहे हैं।
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'मोस्ट वांटेड' लिस्ट में जुड़ा आईपीएस मणिलाल पाटीदार
पाटीदार से पहले प्रयागराज जोन में एक लाख या इससे ऊपर के इनामियों में केवल तीन ही नाम शामिल है। इनमें चित्रकूट का कुख्यात दस्यु गौरी यादव उर्फ उदयभान यादव के अलावा प्रतापगढ़ जिले के सभापति यादव व सुभाष यादव निवासी आसपुर देवसरा शामिल हैं। सभापति व सुभाष पर 1.5 लाख का इनाम घोषित है। जोन का एक और बड़ा इनामी माफिया अतीक अहमद का बेटा उमर है जिस पर एक लाख का इनाम घोषित है। अब इस मोस्ट वांटेड की सूची में पूर्व आईपीएस मणिलाल पाटीदार का भी नाम जुड़ गया है।
जानिए कौन है फरार आईपीएम मणिलाल पाटीदार
बता दें कि मणिलाल पाटीदार उत्तर प्रदेश कैडर के 2014 बैच के आईपीएस है। इनके पिता का नाम रामजी पाटीदार है। मणिलाल मूल रूप से सरौदा थाना संगवारा जनपद डूंगरपुर, राजस्थान के रहने वाले है और पिछले नौ माह से यूपी पुलिस इन्हें तलाश कर रही है। बता दें कि साल 2013 में मणिलाल पाटीदार ने महज 24 साल की उम्र 188वीं रैंक हासिल करते हुए यूपीएससी परीक्षा पास कर ली थी। इलेक्ट्रॉनिक टेलीकम्यूनिकेशन से बीटेक के बाद ही मणिलाल सिविल सेवा परीक्षा की तैयारियों में जुट गया था। इन्हें लखनऊ में रहने के बाद महोबा में एसपी बनाया गया था।
कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी आत्महत्या केस में सामने आया था नाम
गौरतलब है कि महोबा के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की वीडियो वायरल के बाद हुई संदिग्ध मौत की घटना से तत्कालीन एसपी पाटीदार का नाम सामने आया था। मृतक के परिवारीजनों ने एसपी पर हत्या कराने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। इतना ही नहीं, एसपी मणिलाल पाटिदार पर छह लाख रुपए प्रति माह रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था। हालांकि एसआईटी की जांच में मणिलाल को भ्रष्टाचार में लिप्त होने और इंद्रकांत को आत्महत्या के लिए मजबूर किए जाने का दोषी बताया गया। फिलहाल निलंबित होने और मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही वह फरार हैं।












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